उत्तर प्रदेश के बिजनौर (Bijnor) जिले से एक ऐसा दर्दनाक और इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां चंद रुपयों के लालच और एक 'ई-रिक्शा' (E-Rickshaw) खरीदने की चाहत में एक पिता ने अपने ही जिगर के टुकड़े को बेच डाला। बिजनौर की मंडावली थाना पुलिस ने 8 माह के मासूम बच्चे को 1.80 लाख रुपये में बेचने के Bijnor Child Sale Case का सनसनीखेज खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। राहत की बात यह रही कि पुलिस ने समय रहते कार्रवाई कर मासूम बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया है।

कैसे खुला राज? पिता ने ही दी थी झूठी तहरीर

मंडावली थाना पुलिस द्वारा 30 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस नोट के मुताबिक, इस पूरे मामले का पर्दाफाश तब हुआ जब बच्चे के पिता आराम सिंह (पुत्र बदन सिंह, निवासी ग्राम कोटावाली) ने 29 अक्टूबर को थाने में एक शिकायत दी। आराम सिंह ने अपनी तहरीर में आरोप लगाया कि शमशेर, खुर्शीद, देवराज सिंह और सुनीता नामक लोगों ने उसे डराया-धमकाया है और उसके बच्चे को बेचने के संबंध में विवाद चल रहा है।

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मामले की गंभीरता (मानव तस्करी/Human Trafficking) को भांपते हुए मंडावली पुलिस ने तुरंत मुकदमा संख्या 147/26 दर्ज किया। इस एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सख्त धाराएं 61(2), 143(4) और 351(3) के साथ-साथ 'किशोर न्याय अधिनियम' (Juvenile Justice Act) की धारा 81 भी लगाई गई। इसके तुरंत बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी।

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ई-रिक्शा खरीदने के लिए पिता ने खुद किया था सौदा

पुलिस जांच और आरोपियों से हुई पूछताछ में जो कहानी सामने आई, उसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपी खुर्शीद और शमशेर ने बताया कि बच्चे का पिता आराम सिंह पिछले कई वर्षों से उनका ई-रिक्शा किराये पर चलाकर अपनी रोजी-रोटी कमाता था। हाल ही में आराम सिंह ने कहा था कि उसे अपना खुद का नया ई-रिक्शा खरीदना है, जिसके लिए उसे भारी रुपयों की सख्त आवश्यकता है।

आरोपियों का दावा है कि इसके बाद उन्होंने आराम सिंह को अपना 8 महीने का बच्चा बेचने का क्रूर सुझाव दिया और इसके लिए एक 'खरीददार' उपलब्ध कराने की बात कही। शमशेर और खुर्शीद ने बिचौलिये (Middlemen) की भूमिका निभाते हुए देवराज सिंह और उसकी पत्नी सुनीता से इस बच्चे का सौदा पक्का कराया। पुलिस के अनुसार, 3 अक्टूबर 2025 को 1.80 लाख रुपये में इस मासूम बच्चे का सौदा तय हुआ था और पैसे आराम सिंह को दे दिए गए थे। जब बाद में पैसों और बच्चे को लेकर कुछ विवाद हुआ, तो आराम सिंह ने खुद को बचाने के लिए झूठी कहानी बनाकर पुलिस में शिकायत दे दी।

बेटा नहीं था, इसलिए 1.80 लाख में खरीदा बच्चा!

पुलिस ने इस मामले में बच्चा खरीदने वाले दंपती देवराज सिंह (पुत्र झड़िया) और उसकी पत्नी सुनीता (निवासी ग्राम खुशहालपुर मठेड़ी, थाना नगीना देहात) को भी गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान देवराज और सुनीता ने अपना जुर्म कबूलते हुए बताया कि उनकी पहले से छह बेटियां हैं। पुत्र प्राप्ति की चाहत में उन्होंने शमशेर और खुर्शीद के माध्यम से 1.80 लाख रुपये की मोटी रकम देकर यह बच्चा खरीदा था।

बच्चा सकुशल बरामद, सभी 4 आरोपी गिरफ्तार

दंपती ने पुलिस को बताया कि हाल ही में बच्चे की अचानक तबीयत खराब हो गई थी, जिसके कारण उसे ग्राम श्यामीवाला में अपने रिश्तेदारों के यहां छोड़ दिया गया था। इस सूचना पर पुलिस टीम ने तुरंत वहां छापा मारा और 8 माह के मासूम को सकुशल बरामद कर लिया।

मंडावली पुलिस ने इस अवैध खरीद-फरोख्त में शामिल चारों आरोपियों (शमशेर, खुर्शीद, देवराज सिंह और सुनीता) को गिरफ्तार कर लिया है। इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक (SI) लखनलाल, कांस्टेबल हर्ष खोखर, कांस्टेबल आजाद और महिला कांस्टेबल विशाखा शामिल रहीं। पुलिस ने बताया कि बच्चे को बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है, और इस मामले में बच्चे के पिता आराम सिंह की भूमिका की भी जांच हो रही है।

(नोट: यह विवरण पुलिस प्रेस नोट और पूछताछ पर आधारित है। अंतिम दोषसिद्धि न्यायालय की प्रक्रिया के अधीन है।)

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