उत्तर प्रदेश के बिजनौर (Bijnor) जिले में औद्योगिक विकास को गति देने, उद्यमियों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने और शहर की नागरिक बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठक का आयोजन किया गया। शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में आयोजित Bijnor Udyog Bandhu Meeting (जिला उद्योग बंधु समिति की बैठक) की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट और सख्त निर्देश जारी किए। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में व्यापारिक माहौल को सुगम बनाना और उद्यमियों की समस्याओं का समयबद्ध व प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

शहर की बंद सीवेज लाइन के लिए अमृत योजना का बनेगा प्रस्ताव

बैठक के दौरान बिजनौर शहर की बुनियादी समस्याओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने नगर पालिका परिषद बिजनौर के अधिशासी अधिकारी (EO) को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहर में लंबे समय से बंद पड़ी सीवेज पाइपलाइन के सुदृढ़ीकरण और पुनर्निर्माण के लिए केंद्र सरकार की 'अमृत योजना' (Amrut Scheme) के अंतर्गत तत्काल एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सीवेज व्यवस्था को सुचारू बनाना शहरवासियों और व्यावसायिक क्षेत्रों के लिए अत्यंत आवश्यक है, जिससे जलभराव और गंदगी की समस्या का स्थायी समाधान हो सके।

जंतर–मंतर गेम खेलें। पुलिस बनकर कॉकरोचों को पहचानो या आंदोलनकारी बनकर पहुंचो जंतर मंतर। खेलें ▶

जीबीसी के 137 एमओयू में से 109 में उत्पादन शुरू, 28 पर दिए सख्त निर्देश

ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (Ground Breaking Ceremony - GBC) के अंतर्गत हस्ताक्षरित औद्योगिक समझौतों (MOUs) की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने आंकड़ों का विस्तृत विवरण साझा किया। उन्होंने बताया कि जनपद बिजनौर के लिए कुल 137 एमओयू (MOUs) पर हस्ताक्षर किए गए थे, जिनमें से 109 औद्योगिक इकाइयों में सफलतापूर्वक उत्पादन कार्य प्रारंभ हो चुका है।

विज्ञापन
विज्ञापन

हालांकि, शेष 28 उद्योगों में अभी तक उत्पादन शुरू न हो पाने पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को युद्धस्तर पर आवश्यक विभागीय एनओसी (NOC) और औपचारिकताओं को पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन शेष 28 औद्योगिक इकाइयों को जल्द से जल्द चालू कराया जाए, ताकि जनपद में औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आए और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकें।

गैरहाजिर सिंचाई अधिकारी का वेतन रोकने के आदेश

बैठक में उद्यमियों की शिकायतों और विभागीय आपत्तियों के निस्तारण में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी प्रशासनिक चाबुक चला। समीक्षा के दौरान बिना किसी पूर्व सूचना या ठोस कारण के बैठक से अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग के संबंधित अधिकारी का वेतन तत्काल प्रभाव से रोकने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि व्यापारियों और उद्यमियों के प्रकरणों में विभागीय स्तर पर लगाई जाने वाली अकारण आपत्तियों का प्राथमिक आधार पर निस्तारण किया जाए।

काष्ठ कला उद्योग को बिजली दरों में छूट का प्रस्ताव

बैठक के दौरान उपायुक्त उद्योग ने समिति को अवगत कराया कि बिजनौर के प्रसिद्ध काष्ठ कला उद्योग (Wood Carving Industry) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बिजली दरों में विशेष छूट प्रदान किए जाने के संबंध में शासन को आधिकारिक पत्र प्रेषित कर दिया गया है। इसके अलावा, बैठक में कम्युनिटी फैसिलिटी सेंटर (CFC) की स्थापना व संचालन, विभिन्न विभागों द्वारा जारी किए जाने वाले अनापत्ति प्रमाण पत्रों की अद्यतन स्थिति तथा उद्यमियों से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने सभी विभागों के अधिकारियों से कहा कि वे आपस में बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए समस्याओं का पारदर्शी समाधान निकालें, ताकि बिजनौर जनपद में औद्योगिक निवेश और विकास को नई दिशा मिल सके। इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) रणविजय सिंह सहित जिला उद्योग केंद्र और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी व उद्यमी प्रतिनिधि मौजूद रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें