उत्तर प्रदेश के बिजनौर (Bijnor) जिले को नशामुक्त बनाने और अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर पूर्ण विराम लगाने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी कार्रवाई और सख्त कर दी है। शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित Bijnor NCORD Meeting (राष्ट्रीय नारकोटिक्स समन्वय पोर्टल / एनकोर्ड समिति की समीक्षा बैठक) की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने आबकारी, पुलिस और औषधि विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि केंद्र व राज्य सरकार के 'नशामुक्त भारत अभियान' के तहत जिले में प्रवर्तन (Enforcement) की कार्रवाई में तेजी लाई जाए और नशे के कारोबार में लिप्त समाजविरोधी तत्वों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए।

स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों के पास नियमित चेकिंग के आदेश

बैठक के दौरान युवाओं और छात्र-छात्राओं को नशे के जाल से बचाने पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने निर्देश दिया कि जिले के समस्त स्कूलों, कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों या तंबाकू उत्पाद की बिक्री बिल्कुल न होने पाए।

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उन्होंने संबंधित क्षेत्र के पुलिस और आबकारी अधिकारियों को कड़ा निर्देश देते हुए कहा कि शैक्षणिक परिसरों के आसपास नियमित रूप से आकस्मिक चेकिंग अभियान (Surprise Checking Campaigns) चलाए जाएं। यदि कोई व्यक्ति या दुकान संचालक अवैध रूप से प्रतिबंधित या नशीले पदार्थों की बिक्री करता पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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सभी मेडिकल स्टोरों पर अनिवार्य रूप से लगेंगे सीसीटीवी कैमरे

नशीली दवाओं (Psychotropic Substances) की अवैध खरीद-बिक्री को रोकने के लिए जिलाधिकारी ने ड्रग इंस्पेक्टर (औषधि निरीक्षक) को विशेष दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद में संचालित सभी निजी व व्यावसायिक मेडिकल स्टोरों पर सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगवाना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि औषधि निरीक्षक नियमित रूप से मेडिकल स्टोरों का स्थलीय निरीक्षण करें और यह जांचें कि बिना डॉक्टर के पर्चे (Prescription) के कोई भी प्रतिबंधित या नशीली दवा न बेची जा रही हो। सीसीटीवी फुटेज की समय-समय पर जांच की जाए ताकि दवा दुकानों के जरिए होने वाले अवैध कारोबार पर नजर रखी जा सके।

सर्विलांस मजबूत करने और खुफिया सूचना तंत्र विकसित करने पर जोर

मादक पदार्थों की तस्करी और नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए जिलाधिकारी ने पुलिस और आबकारी विभाग को अपना सर्विलांस सिस्टम (Surveillance System) मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अंतरराज्यीय और अंतरजिला सीमाओं से होने वाली मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए एक मजबूत खुफिया सूचना तंत्र (Intelligence Network) विकसित किया जाए।

प्राप्त खुफिया जानकारियों के आधार पर तुरंत छापेमारी कर तस्करों को रंगे हाथ दबोचा जाए। नशे के कारोबार से जुड़े लोगों, पुराने अपराधियों और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि इस अवैध तंत्र को जड़ से उखाड़ा जा सके।

बैठक में मौजूद रहे वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी

कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित एनकोर्ड समिति की इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) सहित आबकारी विभाग, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग और औषधि प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों से कहा कि वे आपसी समन्वय (Departmental Coordination) के साथ काम करें ताकि बिजनौर जिले को पूरी तरह से नशामुक्त बनाया जा सके।

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