उत्तर प्रदेश के बिजनौर (Bijnor) जिले में आपराधिक मामलों में दोषियों को सख्त सजा दिलाने और अदालती कार्यवाहियों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर समीक्षा तेज कर दी गई है। शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित Bijnor Prosecution Review (अभियोजन कार्यों की समीक्षा बैठक) की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने विभिन्न न्यायालयों में लंबित वादों और उनकी पैरवी की स्थिति का बिंदुवार जायजा लिया।

जिलाधिकारी ने समीक्षा के दौरान अभियोजन अधिकारियों (Prosecution Officers) को निर्देश दिया कि वे गंभीर आपराधिक मामलों में ढिलाई न बरतें और न्यायालयों के समक्ष शासन की ओर से तथ्य व साक्ष्य पूरी मजबूती के साथ प्रस्तुत करें, ताकि अपराधियों को सजा दिलाई जा सके।

जंतर–मंतर गेम खेलें। पुलिस बनकर कॉकरोचों को पहचानो या आंदोलनकारी बनकर पहुंचो जंतर मंतर। खेलें ▶

गवाहों से निरंतर संपर्क और सुरक्षा के निर्देश

बैठक में मुकदमों की सुनवाई के दौरान गवाहों की भूमिका पर विशेष चर्चा की गई। अक्सर गवाहों के समय पर उपस्थित न होने या दबाव के कारण पक्षद्रोही (Hostile Witness) होने से मामले कमजोर पड़ जाते हैं। इस पर जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए:

विज्ञापन
विज्ञापन
  • सतत संपर्क: अभियोजन अधिकारी संबंधित मामलों के मुख्य गवाहों के साथ लगातार संपर्क में रहें।

  • समय पर उपस्थिति: गवाहों को अदालत की तारीखों के बारे में पहले से सूचित करें और उनकी समय से कोर्ट में उपस्थिति सुनिश्चित कराएं।

  • कानूनी जानकारी: गवाहों को आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं से अवगत कराया जाए ताकि वे बिना किसी भ्रम के अपनी बात रख सकें।

  • गवाह सुरक्षा: जिन संवेदनशील मामलों में गवाहों को खतरे की आशंका हो, वहां नियमानुसार तत्काल पुलिस सुरक्षा (Witness Protection) उपलब्ध कराई जाए।

दोषियों को सजा दिलाने के लिए अंतर-विभागीय समन्वय जरूरी

जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि पुलिस, प्रशासन और अभियोजन विभाग के बीच बेहतर तालमेल होना आवश्यक है। जांच अधिकारियों (Investigating Officers) द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों को अदालत में सही तरीके से पेश करना अभियोजन की मुख्य जिम्मेदारी है। यदि तीनों विभाग आपसी समन्वय से काम करेंगे तो मुकदमों के निस्तारण में तेजी आएगी और गवाहों का विश्वास भी कानून व्यवस्था में बना रहेगा।

बैठक में मौजूद रहे वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी

कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक (नगर), अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) सहित अभियोजन विभाग और पुलिस प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी व शासकीय अधिवक्ता मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को हिदायत दी कि समीक्षा में दिए गए निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन किया जाए और अगले माह की बैठक में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें