उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में ऊर्जा के स्वच्छ और सुरक्षित विकल्पों को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी योजना तैयार की है। एलपीजी (LPG) गैस सिलेंडरों पर लोगों की निर्भरता को कम करने के लिए यूपी में पीएनजी कनेक्शन (पाइप्ड नेचुरल गैस) का दायरा तेजी से बढ़ाया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले 6 महीनों के भीतर राज्य के 15 लाख नए घरों तक सीधे पाइपलाइन से गैस पहुंचाई जाए, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिल सके।READ ALSO:-मौसम अलर्ट: 28 जून को देश के 16 राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी, IMD ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट
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एलपीजी संकट से मिला सबक, पीएनजी पर बढ़ा जोर

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बीते समय में दक्षिण-पश्चिम एशिया में हुए युद्ध और भू-राजनीतिक तनावों के कारण एलपीजी आपूर्ति में कई बाधाएं सामने आई थीं। इस अंतरराष्ट्रीय संकट से सबक लेते हुए, राज्य सरकार ने पारंपरिक गैस सिलेंडरों का एक स्थायी और सुरक्षित विकल्प खोजने पर गंभीरता से विचार किया।
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यही कारण है कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्राकृतिक गैस के इस्तेमाल पर अपना ध्यान पूरी तरह केंद्रित किया है। यूपी में पीएनजी कनेक्शन तेजी से बढ़ाने का यह फैसला इसी दूरगामी सोच का परिणाम है, ताकि भविष्य में किसी भी बाहरी संकट का असर राज्य की जनता की रसोई पर न पड़े।
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वित्तीय वर्ष 2026-27 का लक्ष्य और अब तक की प्रगति

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राज्य सरकार ने पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) नेटवर्क का विस्तार करने के लिए बहुत ही आक्रामक लक्ष्य निर्धारित किए हैं। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पूरे राज्य में कुल 16,23,163 नए पीएनजी कनेक्शन देने का महत्वपूर्ण लक्ष्य रखा गया है।
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आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 24 जून 2026 तक 1.60 लाख से अधिक घरों तक यह सुविधा सफलतापूर्वक पहुंचाई जा चुकी है। सरकारी प्रवक्ता के मुताबिक, निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले लगभग 9.86 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और शेष बचे 6 महीनों में 15 लाख घरों का लक्ष्य युद्धस्तर पर हासिल किया जाएगा।
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इन प्रमुख शहरों में तेजी से चल रहा है काम

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यूपी में पीएनजी कनेक्शन का विस्तार फिलहाल राज्य के प्रमुख शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों में सबसे तेजी से किया जा रहा है। सरकार का दावा है कि गैस पाइपलाइन बिछाने का बुनियादी काम तय समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।
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जिन शहरों में कनेक्शन आवंटित करने का विशेष अभियान चलाया जा रहा है, उनमें प्रयागराज, मेरठ, लखनऊ, मुरादाबाद, मथुरा, गोरखपुर और फिरोजाबाद शामिल हैं। इसके अलावा मुजफ्फरनगर, वाराणसी, अलीगढ़, बुलंदशहर, औरैया, गौतम बुद्ध नगर और शाहजहांपुर में भी यह काम बहुत तेजी से चल रहा है।
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पर्यावरण संरक्षण और उपभोक्ताओं के लिए मुख्य फायदे

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प्राकृतिक गैस (PNG) को बढ़ावा देने के पीछे राज्य सरकार का एक बहुत बड़ा उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण भी है। एलपीजी और अन्य पारंपरिक ईंधनों की तुलना में पीएनजी को काफी अधिक स्वच्छ और सुरक्षित ईंधन माना जाता है।
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पीएनजी के उपयोग से कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आती है, जो राज्य के शहरों में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में काफी मदद करेगा। इसके अलावा, यूपी में पीएनजी कनेक्शन उपभोक्ताओं को 24 घंटे निर्बाध गैस आपूर्ति की गारंटी देता है, जिससे गैस खत्म होने या उसकी बुकिंग की झंझट से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाती है।
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भविष्य की योजना: नए शहरों तक फैलेगा गैस पाइपलाइन नेटवर्क

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राज्य सरकार केवल वर्तमान लक्ष्य तक ही सीमित नहीं रहना चाहती है। आने वाले महीनों में गैस पाइपलाइन के इस विशाल नेटवर्क का और अधिक विस्तार करने की एक विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई है।
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विभिन्न जिलों के नए शहरों, विकसित हो रही नई आवासीय कॉलोनियों और दूरदराज के शहरी क्षेत्रों को भी इस नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। प्रयास यह है कि यूपी में पीएनजी कनेक्शन की यह आधुनिक, सुरक्षित और किफायती सुविधा समाज के अधिक से अधिक परिवारों तक पहुंचाई जा सके।
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अंततः, यूपी में पीएनजी कनेक्शन का यह विस्तार राज्य के ऊर्जा और बुनियादी ढांचा क्षेत्र में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। अगले 6 महीनों में 15 लाख नए घरों तक पाइपलाइन से गैस पहुंचने पर न केवल पर्यावरण को फायदा होगा, बल्कि आम नागरिकों का जीवन स्तर भी और अधिक सुविधाजनक हो जाएगा।
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