Meerut Poison Case Update: उत्तर प्रदेश के मेरठ में कथित रूप से परिवार को जहर देकर खुद आत्महत्या का प्रयास करने वाले व्यापारी करुणेश से जुड़ी एक बड़ी और दुखद खबर सामने आई है। रविवार तड़के इलाज के लिए दिल्ली ले जाते समय रास्ते में ही करुणेश की मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। दूसरी ओर, इस पूरे मामले में करुणेश के रिश्तेदारों ने एक ऐसा खुलासा किया है जिसने अब तक की पूरी कहानी ही पलट कर रख दी है।
इलाज के दौरान हालत बिगड़ी, दिल्ली ले जाते समय तोड़ा दम गुरुवार रात जहर खाने के बाद करुणेश को मेरठ के कई अस्पतालों— लोकप्रिय, पारस और आनंद अस्पताल के बाद अंततः हापुड़ रोड स्थित जगदंबा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शनिवार देर रात जगदंबा अस्पताल में करुणेश की हालत अचानक बिगड़ने लगी। डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद स्थिति नियंत्रण में नहीं आई। इसके बाद परिजनों ने उसे बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाने का फैसला किया। स्थानीय निवासी बंटी जाटव के अनुसार, रविवार सुबह अस्पताल से रेफर कराकर करुणेश को दिल्ली के लिए ले जाया जा रहा था, लेकिन जैसे ही एंबुलेंस परतापुर बाईपास के पास पहुंची, करुणेश ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
जंतर–मंतर गेम खेलें। पुलिस बनकर कॉकरोचों को पहचानो या आंदोलनकारी बनकर पहुंचो जंतर मंतर। खेलें ▶वापस अस्पताल लाया गया शव, लोगों का हंगामा मौत की खबर के बाद शव को वापस जगदंबा अस्पताल लाया गया। करुणेश की मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। कुछ स्थानीय लोग करुणेश की मौत के लिए सीधे तौर पर आवास एवं विकास परिषद (Avas Vikas Parishad) की ध्वस्तीकरण कार्रवाई को जिम्मेदार ठहरा रहे थे। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची, गुस्साए लोगों को शांत किया और शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी (Postmortem House) भिजवा दिया।
रिश्तेदारों का सनसनीखेज खुलासा: 'अफवाह है परिवार को जहर देने की बात' शव को मोर्चरी ले जाने के बाद करुणेश के परिजनों और रिश्तेदारों ने मीडिया के सामने आकर अब तक फैलाई गई कई थ्योरी का जोरदार खंडन किया। करुणेश के भतीजे श्याम लोमस ने स्पष्ट किया कि, "करुणेश ने घरेलू कलह (Domestic Dispute) के चलते यह खौफनाक कदम उठाया था। यह बात बिल्कुल झूठी और अफवाह है कि उसने अपनी पत्नी काजल और बच्चों को जहर पिलाया था। सच तो यह है कि पत्नी और बच्चों ने कोई जहर खाया ही नहीं था।" भतीजे ने यह भी बताया कि करुणेश की कोई दुकान नहीं थी, बल्कि वह मजदूरी का काम करता था। इसलिए आवास विकास परिषद द्वारा दुकान तोड़े जाने और उसके कारण जहर खाने की बातें पूरी तरह से बेबुनियाद और झूठी फैलाई गई हैं।
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कैसे फैली थी अफवाह? गौरतलब है कि गुरुवार रात जब यह घटना हुई थी, तब शास्त्रीनगर सेक्टर 2 में यह अफवाह तेजी से फैल गई थी कि करुणेश ने पहले खुद चाय में जहर पिया और फिर कोल्ड ड्रिंक में मिलाकर पत्नी व बेटियों को भी पिला दिया। हालांकि, उस रात भी केवल करुणेश को ही गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया था। पड़ोसियों का भी कहना था कि पत्नी और बच्चों ने उल्टियां कर दी थीं। लेकिन अब परिजनों के बयान के बाद यह साफ हो गया है कि मामला पूरी तरह से पारिवारिक विवाद से जुड़ा था। पुलिस अब परिजनों के इस नए बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मामले की आगे की जांच कर रही है।
Sabse pehle comment karne wale banein.