उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर की हवा लगातार जहरीली और दमघोंटू होती जा रही है। शहर में Meerut Air Pollution का ग्राफ इतनी तेजी से बढ़ रहा है कि आसमान में साफ तौर पर धुंध की चादर दिखाई देने लगी है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़े शहरवासियों और प्रशासन दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गए हैं। वायु गुणवत्ता के मामले में पूरे देश में मेरठ की स्थिति सबसे ज्यादा खराब दर्ज की गई है।
CPCB की 267 शहरों की सूची में मेरठ सबसे ऊपर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) देश भर के शहरों की वायु गुणवत्ता की नियमित निगरानी करता है। बोर्ड की ओर से देश के 267 प्रमुख शहरों की वायु गुणवत्ता रिपोर्ट जारी की गई है। इस विस्तृत सूची में मेरठ लगातार दूसरे दिन पहले स्थान पर काबिज रहा है। इसका सीधा अर्थ यह है कि वर्तमान में मेरठ पूरे देश का सबसे प्रदूषित शहर बन गया है और यहां की हवा सेहत के लिए 'बहुत खराब' (Very Poor) श्रेणी में पहुंच चुकी है।
जंतर–मंतर गेम खेलें। पुलिस बनकर कॉकरोचों को पहचानो या आंदोलनकारी बनकर पहुंचो जंतर मंतर। खेलें ▶शनिवार से रविवार तक एक्यूआई (AQI) का खौफनाक सफर शहर के वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के आंकड़े प्रदूषण की भयावहता को स्पष्ट कर रहे हैं।
शनिवार सुबह: शनिवार की सुबह मेरठ का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 314 दर्ज किया गया था, जो पहले से ही बेहद खराब श्रेणी में था।
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विज्ञापन · स्थानीय दुकानों की ताज़ा स्कीम · स्वाइप करें →सभी ऑफर देखें →शनिवार रात 8 बजे: दिन ढलने के साथ स्थिति में सुधार होने के बजाय और गिरावट आई। रात आठ बजे तक एक्यूआई का यह स्तर छलांग लगाकर 343 के खतरनाक आंकड़े पर पहुंच गया।
रविवार सुबह का हाल: इसी उच्च प्रदूषण स्तर का परिणाम रहा कि रविवार को सुबह के समय पूरे आसमान में हल्की धुंध छाई रही। विशेषज्ञों का स्पष्ट रूप से मानना है कि यह धुंध बढ़ते प्रदूषण का ही सीधा असर है।
क्यों जहरीली हो रही है हवा? क्षेत्रीय अधिकारी ने बताया कारण शहर में अचानक से प्रदूषण का स्तर इतना क्यों बढ़ गया है, इस पर उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट की है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि हवा की गति अत्यधिक कम हो गई है। हवा के शांत होने के कारण वातावरण में मौजूद खतरनाक प्रदूषक तत्व ऊपर नहीं उड़ पा रहे हैं। इसके बजाय वे जमीन के बेहद नजदीक जमा हो रहे हैं, जिससे एक गैस चैंबर जैसी स्थिति बन रही है। उन्होंने आश्वस्त किया है कि प्रशासन द्वारा प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण के लिए आवश्यक प्रयास लगातार किए जा रहे हैं।
तापमान स्थिर, लेकिन देर रात मौसम में हुआ बदलाव प्रदूषण के इस बढ़ते स्तर के बीच शहर के तापमान में कोई खास या बड़ा बदलाव दर्ज नहीं किया जा रहा है। औसत अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस के आसपास ही बना हुआ है। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) की मौसम वेधशाला के सटीक आंकड़ों के अनुसार, शनिवार को शहर का अधिकतम तापमान 31.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिनभर हवा शांत रहने के कारण प्रदूषण का स्तर ऊंचा बना रहा। हालांकि, शनिवार देर रात करीब दस बजे मौसम में अचानक थोड़ा बदलाव देखने को मिला, जब 20 से 25 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ठंडी हवाएं चलीं।
Sabse pehle comment karne wale banein.