उत्तर प्रदेश के बिजनौर (Bijnor) जनपद में धामपुर थाना क्षेत्र के सुहागपुर गांव में हुई युवक की संदिग्ध मौत का मामला अब पूरी तरह से गरमा गया है। पुलिस द्वारा इसे 'भागते समय गिरकर मौत' बताने की शुरुआती थ्योरी से असंतुष्ट परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। न्याय की मांग को लेकर परिजनों ने एक बड़ा कदम उठाते हुए मृतक का शव मुख्य आरोपी के घर के बाहर रख दिया है, जिससे गांव में भारी तनाव की स्थिति पैदा हो गई है।

आरोपी के घर के बाहर रखा शव, गिरफ्तारी की मांग पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही युवक का शव सुहागपुर गांव पहुंचा, परिजनों में कोहराम मच गया। रोते-बिलखते और आक्रोशित परिजनों ने शव को सीधा उस दुकानदार (आरोपी) के घर के बाहर ले जाकर रख दिया, जिस पर उन्होंने गला घोंटकर हत्या करने का आरोप लगाया है। परिजनों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक इस हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी नहीं हो जाती, तब तक वे शव का अंतिम संस्कार (Cremation) नहीं करेंगे। वे अपनी मांग पर पूरी तरह से अड़े हुए हैं।

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गांव छावनी में तब्दील, कई थानों की फोर्स तैनात मामले की संवेदनशीलता और बिगड़ते हालात को देखते हुए बिजनौर पुलिस प्रशासन हाई अलर्ट पर है। स्थिति को नियंत्रित करने और किसी भी प्रकार की हिंसा या कानून-व्यवस्था बिगड़ने से रोकने के लिए मौके पर कई थानों की पुलिस फोर्स (Police Force) बुला ली गई है। पूरे सुहागपुर गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर आक्रोशित परिजनों को समझाने-बुझाने का लगातार प्रयास कर रहे हैं।

नेताओं का जमावड़ा, समर्थन में उतरे जनप्रतिनिधि इस घटना के बाद राजनीतिक सरगर्मी भी तेज हो गई है। पीड़ित परिवार का समर्थन करने और उन्हें न्याय दिलाने के लिए क्षेत्रीय नेता भी गांव पहुंच गए हैं। मौके पर स्थानीय सांसद प्रतिनिधि विवेक सेन (Vivek Sen) और आजाद समाज पार्टी (ASP) के नेता जावेद अली (Javed Ali) मौजूद हैं। ये नेता प्रशासन से निष्पक्ष जांच और आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।

फिलहाल, गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस प्रशासन परिजनों के साथ बातचीत कर गतिरोध खत्म करने की कोशिश में जुटा है।

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