उत्तर प्रदेश में आगामी जनगणना की प्रक्रिया को आधुनिक, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने के लिए कई बड़े कदम उठाए गए हैं। UP Census 2027 के दूसरे चरण में राज्य के नागरिकों को एक नई और बड़ी सुविधा मिलने जा रही है। अब लोगों को अपनी जानकारी दर्ज कराने के लिए सरकारी कर्मचारियों (प्रगणकों) के घर आने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। प्रदेश के नागरिक आगामी 16 से 30 नवंबर के बीच एक निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपने परिवार की पूरी जानकारी खुद दर्ज कर सकेंगे। प्रशासन द्वारा इस पूरी प्रक्रिया को 'स्वगणना' (Self-Enumeration) का नाम दिया गया है, जो डेटा एकत्रीकरण को तेज और सटीक बनाने में मददगार साबित होगी।
विकास भवन में हुई विशेष ट्रेनिंग स्वगणना की इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया को जमीनी स्तर पर सही तरीके से लागू करने के लिए प्रशासनिक तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को विकास भवन के सभागार में जिला स्तर के अधिकारियों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में फील्ड ट्रेनर्स ने उपस्थित अधिकारियों को बारीकी से समझाया कि स्वगणना की प्रक्रिया को किस तरह से अंजाम देना है। साथ ही, जनगणना से जुड़े अन्य तकनीकी कार्यों को तय समय सीमा के भीतर कैसे पूरा किया जाए, इस पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
जंतर–मंतर गेम खेलें। पुलिस बनकर कॉकरोचों को पहचानो या आंदोलनकारी बनकर पहुंचो जंतर मंतर। खेलें ▶सरकारी योजनाओं के लिए सटीक डेटा जरूरी समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी (CDO) गुलाब चंद्र ने स्वगणना के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना के आंकड़ों का सीधा असर राज्य के समग्र विकास पर पड़ता है। सरकार इन्ही सटीक आंकड़ों के आधार पर भविष्य की विकास योजनाएं (Development Schemes) बनाती है और आम जनता के कल्याण के लिए जरूरी नीतियां तैयार करती है। इसलिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि हर परिवार की जानकारी बिना किसी त्रुटि के सही और पूरी तरह से दर्ज हो। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस कार्य को गंभीरता से लें और सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
हर विभाग में तैनात होगा नोडल अधिकारी प्रशासनिक स्तर पर काम को सुचारू रूप से चलाने के लिए मुख्य विकास अधिकारी ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। सभी नगर निकायों, तहसीलों और विभिन्न सरकारी कार्यालयों में जनगणना कार्य के लिए एक-एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›इन नोडल अधिकारियों का मुख्य कार्य जनगणना से जुड़े सभी कामों पर बारीक नजर रखना होगा।
वे विभिन्न विभागों और कर्मचारियों के बीच बेहतर तालमेल (Coordination) सुनिश्चित करेंगे।
सभी सरकारी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे 24 नवंबर तक अपनी स्वगणना की रिपोर्ट अनिवार्य रूप से जमा कर दें।
दूसरे चरण में पूछे जाएंगे ये 40 अहम सवाल जनगणना के दूसरे चरण में, चाहे नागरिक खुद पोर्टल पर जानकारी भरें या कर्मचारी (Enumerator) घर आकर पूछें, कुल 40 सवालों का जवाब देना अनिवार्य होगा। इन सवालों को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि व्यक्ति की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक स्थिति का पूरा आधिकारिक खाका तैयार हो सके:
व्यक्तिगत जानकारी: व्यक्ति का नाम और परिवार के मुखिया के साथ उसका क्या रिश्ता है।
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विज्ञापन · स्थानीय दुकानों की ताज़ा स्कीम · स्वाइप करें →सभी ऑफर देखें →आयु और जन्म: व्यक्ति का लिंग, सटीक जन्मतिथि और वर्तमान उम्र।
सामाजिक पृष्ठभूमि: धर्म और जाति से जुड़ी स्पष्ट जानकारी।
पारिवारिक पृष्ठभूमि: माता-पिता से संबंधित आवश्यक विवरण।
भाषा और साक्षरता: मातृभाषा क्या है और व्यक्ति के पढ़ने-लिखने की स्थिति क्या है।
डिजिटल साक्षरता: यह एक नया और अहम बिंदु है, जिसमें डिजिटल ज्ञान (जैसे इंटरनेट, स्मार्टफोन या कंप्यूटर चलाने की क्षमता) पर सवाल पूछे जाएंगे।
शैक्षिक योग्यता: शिक्षा का स्तर कहां तक है।
निवास और प्रवास: जन्म स्थान कहां है, पहले किस जगह रहते थे और वर्तमान पता क्या है।
डिजिटल प्रक्रिया से खत्म होगी गलतियों की गुंजाइश जनगणना की इस नई ऑनलाइन प्रक्रिया को तकनीक के लिहाज से एक बड़ा कदम माना जा रहा है। पोर्टल के माध्यम से सीधे जानकारी एकत्र करने से कागजी काम का बोझ काफी हद तक कम हो जाएगा। इसके अलावा, जब नागरिक खुद अपनी जानकारी टाइप करके पोर्टल पर सबमिट करेंगे, तो नामों की स्पेलिंग (Spelling) या उम्र में होने वाली मानवीय गलतियों की गुंजाइश भी लगभग खत्म हो जाएगी।
कर्मचारियों और आम जनता से अपील प्रशासन ने आम जनता और सरकारी कर्मचारियों से अपील की है कि वे 16 से 30 नवंबर के बीच मिलने वाली इस सुविधा का अधिकतम लाभ उठाएं। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिया है कि वे अपने अधीन काम करने वाले सभी कर्मचारियों को पोर्टल के माध्यम से स्वगणना करने के लिए जागरूक करें। इससे लोग समय पर अपने परिवार की बिल्कुल सटीक जानकारी खुद दर्ज कर सकेंगे, जिससे भविष्य में नीतियों का लाभ सही लोगों तक पहुंच सकेगा।
Sabse pehle comment karne wale banein.