भारत में पैकेट बंद खाद्य पदार्थों (Packaged Food) और हेल्थ ड्रिंक्स पर कंपनियों द्वारा किए जाने वाले दावों की अब बेहद कड़ी जांच हो रही है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने FSSAI Action on Food Companies के तहत बड़ा अभियान छेड़ दिया है। भ्रामक विज्ञापनों, गलत दावों और लेबलिंग में गड़बड़ियों को लेकर नियामक ने पिछले कुछ महीनों में 150 से ज्यादा कंपनियों को नोटिस जारी किए हैं। आटा, कुकिंग ऑयल, हेल्थ ड्रिंक्स से लेकर रेस्टोरेंट और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म तक जांच के घेरे में आ गए हैं।
FMCG दिग्गजों पर कसा शिकंजा FSSAI ने '100% शुद्ध', 'ऑर्गेनिक' और 'हेल्दी' जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर कड़ा ऐतराज जताया है। कुछ प्रमुख कंपनियों पर हुई कार्रवाई इस प्रकार है:
जंतर–मंतर गेम खेलें। पुलिस बनकर कॉकरोचों को पहचानो या आंदोलनकारी बनकर पहुंचो जंतर मंतर। खेलें ▶ITC (आशीर्वाद आटा): अगस्त महीने में आशीर्वाद एमपी चक्की आटे की पैकेजिंग पर ‘100% आटा’, ‘100% मध्य प्रदेश का गेहूं’ और ‘0% मैदा’ जैसे दावों को लेकर कार्रवाई हुई। कंपनी ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया, जहां से उसे लाइसेंस रद्द या निलंबित करने पर अंतरिम राहत मिली है।
FSSAI has issued notices to Food Business Operators (FBOs) regarding misleading claims and non-compliant promotions involving products like Complan, Lactogen Pro 1 Powder, Nan Excella Pro Stage 1 and infant milk substitutes. #FSSAINotice #FSSAIAction pic.twitter.com/gALgapW5xn
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AWL एग्री बिजनेस: फॉर्च्यून कुकिंग ऑयल बेचने वाली इस कंपनी के सोया हेल्थ रिफाइंड तेल पर '100% वेज' और 'कोलेस्ट्रॉल फ्री' लिखने पर सवाल उठे हैं।
Dabur (डाबर): शहद, घी और तेल जैसे उत्पादों पर '100% प्राकृतिक' और '100% ऑर्गेनिक' लिखने के खिलाफ आदेश जारी हुए थे। हालांकि, दिल्ली हाई कोर्ट ने फिलहाल इस पर रोक लगा दी है।
अन्य कंपनियां: जून में इमामी हेल्दी एंड टेस्टी, Neuherbs, Troovy, Healthy Master और टू ब्रदर्स ऑर्गेनिक फार्म्स जैसी 14 कंपनियों को भी नोटिस मिले थे।
हेल्थ ड्रिंक्स और नेस्ले के उत्पाद जांच के घेरे में बच्चों और महिलाओं के लिए बेचे जाने वाले हेल्थ ड्रिंक्स भी नियामक की नजरों से नहीं बचे हैं:
Horlicks (हॉर्लिक्स): हिंदुस्तान यूनिलीवर के 'हॉर्लिक्स विमेंस प्लस' पर मजबूत हड्डियों के दावों और 6 महीने में क्लिनिकल सर्टिफिकेट संबंधी विज्ञापनों की जांच हुई। इसके अलावा 'हॉर्लिक्स मदर्स प्लस' केसर पर गर्भावस्था और बच्चे के स्वस्थ वजन से जुड़े दावों को लेकर भी FSSAI ने नोटिस जारी किया है।
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विज्ञापन · स्थानीय दुकानों की ताज़ा स्कीम · स्वाइप करें →सभी ऑफर देखें →Nestle (नेस्ले): नेस्कैफे (Nescafe) रेडी-टू-ड्रिंक प्रोडक्ट पर आगे 'फ्लेवर्ड मिल्क' और पीछे 'डेयरी बेस्ड ड्रिंक' लिखे होने पर नोटिस मिला। इसके अलावा बच्चों के पोषण उत्पाद NAN Excella Pro Stage 1 और Lactogen Pro 1 के दावों की भी जांच हुई। हालांकि, नेस्ले ने अपनी सफाई में नियमों के पालन का दावा किया है।
कुकिंग ऑयल और 'एनर्जी ड्रिंक' पर विवाद 16 अक्टूबर को FSSAI ने फ्रीडम कुकिंग राइस ब्रान ऑयल को बेड कोलेस्ट्रॉल घटाने के दावों को लेकर नोटिस भेजा। नियामक का कहना है कि नियमों के तहत ऐसे दावे स्वीकार्य नहीं हैं। इसके अलावा, नियामक ने साफ किया है कि भारत में 'एनर्जी ड्रिंक' (Energy Drink) के लिए अलग से कोई मानक नहीं हैं, इसलिए इस शब्द का इस्तेमाल ग्राहकों को गुमराह कर सकता है। नियामक ने कंपनियों से इस लेबल का इस्तेमाल बंद करने को कहा। इस आदेश को Red Bull, PepsiCo, Monster Beverage और Reliance Consumer Products ने हाई कोर्ट में चुनौती दी, जहां से उन्हें फिलहाल अंतरिम राहत मिली हुई है।
रेस्टोरेंट, होटल और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स भी लपेटे में कार्रवाई सिर्फ पैकेट बंद उत्पादों तक सीमित नहीं है। कैलोरी और मेन्यू की सही जानकारी न देने पर अगस्त में KFC, McDonald’s, Pizza Hut, Domino’s और Costa Coffee जैसे 30 से ज्यादा प्रतिष्ठानों को नोटिस भेजे गए थे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, नियमों की अनदेखी पर डोमिनोज (Domino’s) के पांच आउटलेट्स के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
होटल इंडस्ट्री में मैरियट, हिल्टन, हयात, रैडिसन होटल ग्रुप और शांगरी-ला जैसे बड़े नामों को नोटिस जारी हुए हैं।
अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को 12 नोटिस मिले हैं। अमेज़न के एक वेयरहाउस का लाइसेंस रद्द होने की भी खबर है।
दूध में कास्टिक सोडा और बिस्कुट में जानवरों का चारा! नियामक ने 17 अक्टूबर को तीन बड़ी कंपनियों के खिलाफ अभियोजन शुरू करने की घोषणा की है, जिनमें गंभीर गड़बड़ियां सामने आई हैं:
Priyagold (Surya Food): उपभोक्ता की शिकायत के बाद हुई जांच में पाया गया कि बिस्कुट में फाइबर के लिए उस चोकर का इस्तेमाल हो रहा था, जो पशुओं के चारे के लिए रखा गया था। फैक्ट्री में साफ-सफाई की भारी कमी मिली, जिसके बाद लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया।
Dodla Dairy (डोडला डेयरी): इसके फुल क्रीम दूध के सैंपल में डिटर्जेंट या कास्टिक सोडा की मौजूदगी पाई गई, जिसे जांच में असुरक्षित करार दिया गया। इसके अलावा फैट की मात्रा भी मानकों से कम थी।
Ueir Organic Foods: कंपनी की पीली किशमिश में कीटनाशकों के अंश तय सीमा से ज्यादा पाए गए।
ग्राहकों के लिए इसका क्या मतलब है? FSSAI की इन सख्त कार्रवाइयों का मुख्य उद्देश्य खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे केवल ‘100% शुद्ध’, ‘नेचुरल’, ‘हेल्दी’ या ‘कोलेस्ट्रॉल फ्री’ जैसे बड़े विज्ञापन देखकर कोई उत्पाद न खरीदें। पैकेट पर सामग्री की सूची (Ingredients list), पोषण संबंधी जानकारी और एक्सपायरी डेट जरूर चेक करें। (नोट: किसी कंपनी को नोटिस जारी होने का अर्थ उसका अंतिम रूप से दोषी साबित होना नहीं है। कई मामलों में कानूनी प्रक्रिया जारी है।)
Sabse pehle comment karne wale banein.