मेरठ। अमित कश्यप हत्याकांड में अदालत ने रविता और अमरदीप को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। दोनों पर अमित की हत्या करने और वारदात को सांप के काटने से हुई मौत दिखाने की साजिश रचने का आरोप था। अदालत ने मामले में दोनों को दोषी ठहराने के बाद सजा सुनाई।

इस मामले में रविता और अमरदीप को सात अक्टूबर को दोषी करार दिया गया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, अमित की हत्या के बाद घटना को सांप के काटने से हुई मौत दिखाने की कोशिश की गई थी। मामले में साक्ष्य मिटाने से जुड़े आरोप भी शामिल थे।

सजा पर सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने दोनों के लिए कड़ी सजा की मांग की थी। अमित की मां मुनेश देवी ने भी दोषियों को फांसी देने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि अगर उन्हें मृत्युदंड नहीं मिला, तो वह हाईकोर्ट का रुख करेंगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

बिस्तर पर मिला था अमित का शव, नीचे दबा था जिंदा सांप

यह घटना 13 अप्रैल 2025 की है। उस सुबह अमित कश्यप का शव उसके बिस्तर पर मिला था। शव के नीचे एक जिंदा घोड़ा पछाड़ सांप दबा हुआ था। उसके शरीर पर सांप के काटने के 10 निशान भी बताए गए थे। पत्नी रविता ने दावा किया था कि अमित की मौत सांप के काटने से हुई है।

खबरों के लिए ज्वाइन करें हमारा Whatsapp Channel

हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह सर्पदंश नहीं, बल्कि दम घुटना सामने आया। रिपोर्ट के अनुसार, अमित का गला, नाक और मुंह दबाया गया था। दम घुटने के कारण उसकी मौत हुई थी। गला दबाने से गर्दन की हायॉइड हड्डी और थायरॉइड कार्टिलेज भी टूट गई थीं। इन तथ्यों ने मामले को हत्या की दिशा में मोड़ दिया।

संबंधों में बाधा बनने पर हत्या की साजिश

पुलिस जांच में सामने आया कि रविता और अमरदीप ने अमित को अपने संबंधों में बाधा मानते हुए उसकी हत्या की साजिश रची थी। आरोप था कि हत्या के बाद वारदात को सर्पदंश से हुई मौत दिखाने के लिए अमित के बिस्तर पर जिंदा सांप छोड़ दिया गया।

जांच के मुताबिक, अमरदीप ने माता के जागरण का बहाना बनाकर सपेरे कृष्ण से एक हजार रुपये में सांप खरीदा था। कृष्ण यह सांप अपने नाना प्रीतमनाथ से लेकर आया था। पुलिस ने मामले की जांच पूरी करने के बाद 26 जून 2025 को अदालत में आरोप-पत्र दाखिल किया था।

भाई की शिकायत पर दर्ज हुआ था मुकदमा

अमित के भाई मोनू कश्यप ने 16 अप्रैल 2025 को रविता और अमरदीप के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने साक्ष्य जुटाए और मामले की विवेचना पूरी की। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अदालत में 12 गवाहों के बयान दर्ज किए गए।

अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों पर विचार करने के बाद दोनों आरोपियों को हत्या और साक्ष्य मिटाने का दोषी माना। अब 16 अक्टूबर को अदालत उनकी सजा तय करेगी। इस फैसले पर अमित के परिजनों और मामले से जुड़े लोगों की नजरें टिकी हैं।

मुस्कान और साहिल को मिल चुका है मृत्युदंड

मेरठ के चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को अदालत 14 अक्टूबर को फांसी की सजा सुना चुकी है। दोनों को मुस्कान के पति सौरभ राजपूत की हत्या और सबूत मिटाने के मामले में दोषी ठहराया गया था।

अब अमित कश्यप हत्याकांड में रविता और अमरदीप की सजा पर फैसले का इंतजार है। दोनों मामलों में अदालत के फैसले अलग-अलग हैं। मुस्कान और साहिल को मृत्युदंड सुनाया जा चुका है, जबकि अमित कश्यप मामले में सजा की आधिकारिक पुष्टि होने के बाद ही अगला अपडेट दिया जाना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें