LPG Subsidy e-KYC को तेल एवं गैस कंपनियों ने घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए अनिवार्य कर दिया है। यदि आपके बैंक खाते में एलपीजी गैस सिलेंडर की सब्सिडी आनी बंद हो गई है, तो इसका मुख्य कारण आधार बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन (Aadhaar Biometric Authentication) का पूरा न होना हो सकता है।
ई-केवाईसी नहीं तो सब्सिडी पर रोक
तय समयसीमा के भीतर ई-केवाईसी नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं की एलपीजी सब्सिडी अस्थायी रूप से रोक दी जाएगी और उन्हें सिलेंडर का पूरा बाजार मूल्य चुकाना होगा। विशेष रूप से प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में उज्ज्वला योजना की महिला लाभार्थियों को दिवाली और होली पर फ्री गैस सिलेंडर दिया जाता है। इसके अलावा, प्रति सिलेंडर 300 रुपये की सब्सिडी भी सीधे खाते में आती है। ई-केवाईसी न होने पर यह फ्री सिलेंडर और सब्सिडी दोनों अटक सकते हैं। हालांकि, ई-केवाईसी पूरी करते ही रोकी गई सब्सिडी दोबारा खाते में आने लगेगी। स्पष्ट रहे कि केवाईसी न होने पर सब्सिडी रुकेगी, लेकिन गैस सिलेंडर की डिलीवरी निर्बाध जारी रहेगी।
eKYC pending? Complete ekyc for domestic LPG refills at RSP with subsidy. Complete ekyc free via HelloBPCL App, distributor or delivery personnel. Or choose Market Price in 5kg/10kg Bharatgas lite zip.@BPCLimited @PetroleumMin @HardeepSPuri @Secretary_MoPNG #Bharatgas pic.twitter.com/KbJkR2m0Dk
— Bharat Petroleum LPG (@BPCLLPG) October 14, 2026
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›🏪 आपके शहर के ऑफर
विज्ञापन · स्थानीय दुकानों की ताज़ा स्कीम · स्वाइप करें →सभी ऑफर देखें →
बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन (e-KYC) कैसे करें?
उपभोक्ता तीन आसान तरीकों से अपना ई-केवाईसी पूरा कर सकते हैं:
- घर बैठे मोबाइल ऐप से: ग्राहक अपनी तेल कंपनी के आधिकारिक ऐप (Indane ONE, Hello BPCL, या HP Pay) का उपयोग कर सकते हैं। इसके साथ ही UIDAI के 'Aadhaar FaceRD' ऐप के जरिए चेहरे की पहचान (Face Scan) से घर बैठे ई-केवाईसी संभव है।
- सिलेंडर डिलीवरी के समय: जब डिलीवरी बॉय गैस सिलेंडर देने आए, तो वह अपनी बायोमेट्रिक मशीन या मोबाइल ऐप से उपभोक्ता का फिंगरप्रिंट या फेस स्कैन कर सकता है।
- गैस एजेंसी जाकर: उपभोक्ता अपनी संबंधित गैस एजेंसी पर अपना आधार कार्ड और गैस पासबुक लेकर जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन करा सकते हैं।
ई-केवाईसी के मुख्य फायदे
इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य करोड़ों फर्जी, डुप्लीकेट और अवैध गैस कनेक्शनों की पहचान कर उन्हें निष्क्रिय करना है। इससे घरेलू सब्सिडी वाले सिलेंडरों का होटलों और ढाबों में हो रहे व्यावसायिक दुरुपयोग पर रोक लगेगी। साथ ही, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के तहत सब्सिडी सीधे पात्र लाभार्थी के आधार लिंक बैंक खाते में सुरक्षित रूप से पहुंचेगी।
दिल्ली हाईकोर्ट में अनिवार्य ई-केवाईसी को चुनौती
घरेलू LPG उपभोक्ताओं के लिए 1 अक्टूबर से बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन अनिवार्य करने के फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। 75 फीसदी दिव्यांगता से ग्रस्त अधिवक्ता पुलकित लूथरा की जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार, पेट्रोलियम मंत्रालय और तेल कंपनियों को नोटिस जारी कर दो हफ्ते में जवाब मांगा है।
याचिकाकर्ता का तर्क है कि अनिवार्य बायोमेट्रिक सत्यापन में उन बुजुर्गों को भारी परेशानी हो रही है जिनकी उंगलियों के निशान मिट गए हैं। इसके अलावा, आंख की पुतली और अन्य प्रकार की दिव्यांगता वाले लोगों के लिए भी यह प्रक्रिया जटिल है। सरकार ने इस कदम को सब्सिडी के दुरुपयोग को रोकने के लिए जरूरी बताया है और दिव्यांगों की जरूरतों का ध्यान रखने का भरोसा दिया है। पेट्रोलियम मंत्रालय के प्रस्ताव के अनुसार, जो उपभोक्ता ऑथेंटिकेशन नहीं कराएंगे, उन्हें सिर्फ 5 किलो या 10 किलो के सिलेंडर बाजार मूल्य पर दिए जाने की योजना है, जिससे करीब 3.16 करोड़ उपभोक्ता प्रभावित हो सकते हैं।
Sabse pehle comment karne wale banein.