मेरठ के बहसूमा क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव में अमित कश्यप उर्फ मिक्की कश्यप की हत्या के मामले में दोषी पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को आज 16 अक्टूबर को सजा सुनाई जाएगी। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे-12) जयवीर सिंह नागर की अदालत ने दोनों को हत्या और साक्ष्य मिटाने का दोषी ठहराया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, अमित की गला दबाकर हत्या करने के बाद उसकी मौत को सांप के काटने से हुआ हादसा दिखाने की कोशिश की गई थी।

यह वारदात 13 अप्रैल 2025 की है। अमित का शव घर में बिस्तर पर मिला था। उसके नीचे एक जिंदा घोड़ा पछाड़ सांप दबा हुआ था। पत्नी रविता ने दावा किया था कि अमित की मौत सांप के काटने से हुई है। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह दम घुटना सामने आई। इसके बाद पुलिस की जांच में हत्या की साजिश का खुलासा हुआ।

बिस्तर पर मिला था शव, नीचे दबा था जिंदा सांप

13 अप्रैल 2025 की सुबह अमित का शव उसके बिस्तर पर मिला था। उसके शरीर पर सांप के काटने के 10 निशान बताए गए थे। शव के नीचे जिंदा सांप मिलने के बाद रविता ने मौत की वजह सर्पदंश बताई। शुरुआत में मामला सांप के काटने से मौत का लग रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अलग तथ्य सामने आए।

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रिपोर्ट के अनुसार, अमित की मौत सांप के काटने से नहीं, बल्कि गला दबाने से दम घुटने के कारण हुई थी। उसकी गर्दन की हड्डी टूट गई थी। इन चोटों ने हत्या की आशंका को मजबूत किया और पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू की।

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प्रेम संबंध में बाधा बनने पर हत्या का आरोप

पुलिस जांच के अनुसार, रविता और अमरदीप के बीच प्रेम संबंध थे। आरोप था कि अमित उनके संबंधों में बाधा बन रहा था। इसी वजह से दोनों ने उसकी हत्या की साजिश रची और वारदात को सर्पदंश से हुई मौत दिखाने की कोशिश की।

जांच में सामने आया कि अमरदीप ने सपेरे कृष्ण से एक हजार रुपये में सांप खरीदा था। कृष्ण यह सांप अपने नाना प्रीतमनाथ से लेकर आया था। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, हत्या के बाद सांप को अमित के बिस्तर पर छोड़ दिया गया, ताकि उसकी मौत सांप के काटने से हुई लगे।

भाई की शिकायत पर दर्ज हुआ था मुकदमा

अमित के भाई मोनू कश्यप ने 16 अप्रैल 2025 को रविता और अमरदीप के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच की और दोनों के खिलाफ साक्ष्य जुटाए। जांच पूरी होने के बाद 26 जून 2025 को अदालत में आरोप-पत्र दाखिल किया गया।

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य पेश किए और 12 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों पर विचार करने के बाद अदालत ने रविता और अमरदीप को हत्या तथा साक्ष्य मिटाने का दोषी करार दिया।

आज अदालत सुनाएगी सजा

एडीजे-12 जयवीर सिंह नागर की अदालत ने दोनों को दोषी ठहराने के बाद सजा पर फैसले के लिए 16 अक्टूबर की तारीख तय की थी। आज अदालत यह तय करेगी कि रविता और अमरदीप को उनके अपराध के लिए कितनी सजा दी जाएगी।

फिलहाल सजा की अवधि को लेकर अंतिम फैसला आना बाकी है। अदालत अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों तथा मामले की परिस्थितियों के आधार पर कानून के अनुसार सजा सुनाएगी। इस फैसले के बाद स्पष्ट होगा कि दोनों को कितने साल की कैद या अन्य क्या दंड दिया गया है।

अमित कश्यप हत्याकांड में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, जिंदा सांप की मौजूदगी और मौत को सर्पदंश दिखाने की कोशिश जांच के अहम पहलू रहे। दोषसिद्धि के बाद अब मामले की अगली अहम कड़ी अदालत का सजा संबंधी फैसला है।

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