उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut) जिले के हृदय स्थल बेगमपुल (Begumpul) पर रविवार को एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक विरोध प्रदर्शन (Protest) देखने को मिला। 'कथित वोट चोरी' (Vote Theft) और मतदाता सूची (Voter List) में भारी अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए सैकड़ों लोगों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मोर्चा (National Minority Morcha) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुदीप जैन ने किया।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए वर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त (Chief Election Commissioner) ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) से तत्काल इस्तीफे की मांग की है।

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'वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और चुनाव प्रक्रिया पर उठे सवाल'

बेगमपुल पर आयोजित इस उग्र लेकिन शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान, प्रदर्शनकारियों ने चुनाव प्रक्रिया (Election Process) की निष्पक्षता और मतदाताओं के संवैधानिक अधिकारों का अहम मुद्दा उठाया। कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की और कहा कि एक स्वस्थ लोकतंत्र (Democracy) में चुनाव व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखना सबसे जरूरी है।

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उन्होंने आरोप लगाया कि हालिया चुनावों में मतदाता सूचियों से जानबूझकर खास वर्गों के नाम काटे गए और कथित रूप से 'वोट चोरी' की गई। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना था कि चुनाव आयोग को अपनी कार्यप्रणाली पर उठ रहे इन गंभीर सवालों का जवाब देश की जनता को देना चाहिए।

'वर्तमान सरकार और अंग्रेजों की हुकूमत में कोई अंतर नहीं'

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष सुदीप जैन (Sudip Jain) ने केंद्र सरकार पर सीधा और तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा, "वर्तमान सरकार और भारत पर राज करने वाली अंग्रेजों की हुकूमत में अब कोई विशेष अंतर नजर नहीं आता। जिस तरह अंग्रेजों की सत्ता भारत की जनता की वास्तविक इच्छा का प्रतिनिधित्व नहीं करती थी, ठीक उसी तरह वर्तमान सरकार भी कथित वोट चोरी और हेरफेर के सहारे ही सत्ता पर काबिज है।"

सुदीप जैन ने आरोप लगाया कि जो भी व्यक्ति या संगठन सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाता है या चुनाव व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, उसे जानबूझकर पाकिस्तान समर्थक या देशद्रोही (Anti-National) बताने की कोशिश की जाती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में सरकार की आलोचना करना और अपनी असहमति (Dissent) दर्ज कराना भारत के प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। सरकार का दायित्व है कि वह जनता के सवालों का जवाब दे, न कि सवाल उठाने वालों को देशविरोधी ठहराए।

मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग

विरोध सभा को संबोधित करते हुए सुदीप जैन ने कहा कि भारत का लोकतंत्र पूरी तरह से जनता के विश्वास पर टिका हुआ है। उन्होंने कहा, "यदि चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पवित्रता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं, तो किसी न किसी की जवाबदेही तो तय होनी ही चाहिए।"

उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देने की मांग करते हुए कहा कि ऐसा करने से चुनाव आयोग (Election Commission of India) की निष्पक्षता और विश्वसनीयता को फिर से बहाल करने में मदद मिलेगी।

INDIA गठबंधन को समर्थन देने दिल्ली रवाना

बेगमपुल पर इस जोरदार प्रदर्शन और सभा को संबोधित करने के बाद, सुदीप जैन अपने सैकड़ों समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ दिल्ली (Delhi) के रामलीला मैदान (Ramlila Maidan) के लिए रवाना हो गए। जैन ने मीडिया को बताया कि वे वहां INDIA गठबंधन (INDIA Alliance) की ओर से आयोजित किए जा रहे बड़े विरोध प्रदर्शन में शामिल होकर अपना समर्थन देंगे।

मेरठ में हुए इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे, ताकि यातायात बाधित न हो और कानून-व्यवस्था बनी रहे।

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