राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के मेट्रो स्टेशनों पर देशविरोधी और खालिस्तान समर्थक नारे (Delhi Metro Khalistan Slogans) लिखकर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और माहौल बिगाड़ने की एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की स्पेशल सेल (नॉर्दर्न रेंज) ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एक महिला भी शामिल है।

पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस पूरी साजिश के तार प्रतिबंधित संगठन 'सिख्स फॉर जस्टिस' (Sikhs For Justice - SFJ) से जुड़े हुए हैं। आरोपियों को मेट्रो स्टेशनों पर भड़काऊ नारे लिखने के बदले हैंडलरों द्वारा मोटी रकम देने का लालच दिया गया था।

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29 और 30 अक्टूबर को लिखे गए थे देशविरोधी नारे

स्पेशल सेल के डीसीपी (DCP) नर्रा चैतन्य ने बताया कि 29 अक्टूबर को जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन (Jahangirpuri Metro Station) के गेट नंबर-1 के पास फर्श पर खालिस्तान समर्थक नारे लिखे हुए मिले थे। इसके ठीक अगले दिन 30 अक्टूबर को शास्त्री नगर मेट्रो स्टेशन (Shastri Nagar Metro) के गेट नंबर-2 की सीढ़ियों की अंदरूनी दीवार पर भी इसी तरह की भड़काऊ ग्रैफिटी (Graffiti) मिली।

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दोनों जगहों पर लिखे गए नारों में खुलेआम खालिस्तान और प्रतिबंधित अलगाववादी संगठन SFJ का समर्थन किया गया था। इस कृत्य से सार्वजनिक व्यवस्था और राष्ट्रीय एकता के लिए सीधा खतरा पैदा करने की कोशिश की गई थी।

सीसीटीवी और तकनीकी जांच से पकड़े गए आरोपी

मामले की गंभीरता और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ाव को देखते हुए स्पेशल सेल की नॉर्दर्न रेंज ने जांच अपने हाथ में ली। पुलिस टीम ने तुरंत मेट्रो स्टेशनों और आसपास लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों (CCTV Footage) की फुटेज खंगाली और स्थानीय खुफिया जानकारी जुटाई।

सघन तकनीकी जांच के बाद सबसे पहले सुमीत उर्फ रफ्तार (30), निवासी समालखा, पानीपत (हरियाणा) की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया गया। सुमीत से कड़ाई से हुई पूछताछ में दो अन्य साथियों की भूमिका भी सामने आ गई। इसके बाद पुलिस ने पंजाब के गुरदासपुर निवासी सुमित कुमार उर्फ काका (22) और होशियारपुर निवासी गुरप्रीत (22) (महिला) को भी दबोच लिया।

मैसेजिंग एप के जरिए भेजे गए थे निर्देश और टेम्पलेट

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सुमित कुमार उर्फ काका की भूमिका मुख्य साजिशकर्ता (Main Conspirator) के रूप में सामने आई है। सुमित पंजाब के लुधियाना और गुरदासपुर में सक्रिय SFJ समर्थकों के संपर्क में आया था।

पूछताछ में पता चला कि एक सहयोगी ने सुमित को एक विशेष मैसेजिंग एप डाउनलोड करने के लिए कहा था। इसके बाद SFJ से जुड़े एक हैंडलर ने उसे मेट्रो स्टेशनों पर लिखे जाने वाले नारों के टेम्पलेट (Templates) भेजे और इस काम के बदले मोटी रकम देने का लालच दिया। इसके बाद सुमित ने अपने परिचित सुमीत उर्फ रफ्तार और गुरप्रीत को भी पैसों का लालच देकर इस देशविरोधी काम में शामिल कर लिया।

ऐसे दिया घटना को अंजाम

तीनों आरोपी 28 अक्टूबर को लुधियाना से टैक्सी के जरिए दिल्ली के कश्मीरी गेट आईएसबीटी पहुंचे थे। पुलिस के अनुसार, सुमीत उर्फ रफ्तार ने जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन पर नारे लिखे और सबूत के तौर पर पूरी घटना का वीडियो बनाकर अपने हैंडलरों को भेज दिया। वहीं, सुमित और गुरप्रीत ने मिलकर शास्त्री नगर मेट्रो स्टेशन पर ग्रैफिटी बनाई।

खरीदारी का बहाना बनाकर महिला को लाया गया दिल्ली

जांच में पता चला है कि आरोपी सुमीत उर्फ रफ्तार पहले एक फ्रीलांस कंटेंट क्रिएटर (Content Creator) के रूप में काम करता था और बाद में एक लाइव स्ट्रीमिंग ऐप से जुड़ गया, जहां उसकी मुलाकात सुमित उर्फ काका से हुई थी।

वहीं, सुमित और गिरफ्तार महिला गुरप्रीत की मुलाकात करीब चार साल पहले हुई थी। गुरप्रीत पंजाब और हरियाणा में सैलून तथा हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में काम कर चुकी है। पुलिस का कहना है कि सुमित ने शुरुआत में गुरप्रीत को दिल्ली में खरीदारी (Shopping) कराने के बहाने साथ चलने के लिए तैयार किया था। दिल्ली पहुंचने के बाद उसे मेट्रो स्टेशन पर ग्रैफिटी बनाने की असल योजना के बारे में बताया गया।

समयपुर बादली में भी नारे लिखने का शक, जांच जारी

पूछताछ के दौरान सुमित उर्फ काका ने यह भी कुबूल किया है कि उसने 30 अक्टूबर को समयपुर बादली थाना क्षेत्र में जीटीके बाईपास के पास भी ग्रैफिटी लिखी थी। इस संबंध में पुलिस आगे की गहन जांच कर रही है। स्पेशल सेल अब आरोपियों को निर्देश देने वाले मास्टरमाइंड हैंडलरों, विदेशी वित्तीय लेनदेन और इस पूरे खालिस्तानी नेटवर्क (Khalistani Network) से जुड़े अन्य स्लीपर सेल की पहचान करने में जुटी है।

इन घटनाओं को लेकर थाना मेट्रो आजादपुर और संबंधित थानों में 'दिल्ली प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट ऑफ पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट, 2007' की धारा 3 और 'मेट्रो रेलवे (ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस) एक्ट, 2002' की धारा 62(2) के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की गई है।

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