Delhi Air Pollution Update: सर्दियों की दस्तक के साथ ही राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की आबोहवा में एक बार फिर 'जहर' घुलने लगा है। दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक ढंग से बढ़ने लगा है, जिसका सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। लगातार तीसरे दिन दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 'खराब' (Poor) श्रेणी में दर्ज किया गया है। प्रदूषण के बढ़ते स्तर और धुंध (Smog) को देखते हुए दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण (GRAP-1) तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
एम्स और कालिंदी कुंज इलाके में हवा सबसे ज्यादा जहरीली
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को दिल्ली का 24 घंटे का औसत AQI 222 दर्ज किया गया, जबकि गुरुवार सुबह यह आंकड़ा 226 पर था। शहर के कुछ प्रमुख और वीआईपी इलाकों में स्थिति औसत से कहीं ज्यादा खराब है:
जंतर–मंतर गेम खेलें। पुलिस बनकर कॉकरोचों को पहचानो या आंदोलनकारी बनकर पहुंचो जंतर मंतर। खेलें ▶- कालिंदी कुंज (Kalindi Kunj): इस क्षेत्र में हवा की गुणवत्ता सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां AQI 267 दर्ज किया गया।
- एम्स क्षेत्र (AIIMS Area): देश के सबसे बड़े अस्पताल एम्स के आसपास का AQI 255 रिकॉर्ड किया गया।
- इंडिया गेट (India Gate): इंडिया गेट क्षेत्र में भी प्रदूषण का स्तर 236 दर्ज किया गया।
बुधवार को दशहरा उत्सव के बाद से ही शहर के अधिकांश हिस्सों में धुंध की मोटी परत देखी गई थी, और उसी दिन से इस मौसम का पहला 'खराब' वायु गुणवत्ता दौर शुरू हो गया।
क्या कहते हैं CPCB के AQI मानक?
सीपीसीबी (CPCB) के अनुसार वायु गुणवत्ता को विभिन्न श्रेणियों में बांटा गया है, ताकि आम जनता को प्रदूषण की गंभीरता समझ में आ सके:
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›🏪 आपके शहर के ऑफर
- 0 से 50 : अच्छा (Good)
- 51 से 100 : संतोषजनक (Satisfactory)
- 101 से 200 : मध्यम (Moderate)
- 201 से 300 : खराब (Poor) – [दिल्ली की वर्तमान स्थिति]
- 301 से 400 : बहुत खराब (Very Poor)
- 401 से 500 : गंभीर (Severe)
दिल्ली में लागू हुआ GRAP-1, क्या होंगे सख्त उपाय?
लगातार खराब होती हवा को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के दिशा-निर्देशों पर GRAP-1 लागू कर दिया गया है। इसके तहत प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर सख्ती से नजर रखी जा रही है:
- ट्रैफिक और बसों पर सख्ती: दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने अंतरराज्यीय समन्वय बैठक आयोजित की है, जिसमें दिल्ली की सीमाओं पर प्रदूषण मानकों (PUC) का पालन न करने वाली बाहरी बसों को डायवर्ट करने और चालान काटने का फैसला लिया गया है।
- निर्माण कार्यों पर निगरानी: सड़क की धूल (Road Dust) को नियंत्रित करने के लिए पानी का छिड़काव किया जाएगा और खुले में चल रहे निर्माण (Construction) कार्यों पर सख्त निगरानी रखी जाएगी।
1 नवंबर से बढ़ेगी और सख्ती
अधिकारियों ने यह स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 1 नवंबर से 31 जनवरी तक दिल्ली में बाहरी वाहनों के प्रवेश प्रतिबंधों को और भी अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। विभिन्न सरकारी एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे रियल-टाइम (Real-Time) में एक-दूसरे के साथ समन्वय बिठाएं ताकि प्रदूषण को 'गंभीर' श्रेणी में पहुंचने से रोका जा सके। अस्थमा, सांस और हृदय रोगियों को फिलहाल बाहरी गतिविधियों से बचने और जरूरत पड़ने पर मास्क लगाने की सलाह दी जा रही है।
डिस्क्लेमर (Disclaimer):
यह समाचार रिपोर्ट केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) बुलेटिन और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों पर आधारित है। अपने क्षेत्र का रियल-टाइम AQI जानने के लिए समीर ऐप (Sameer App) का उपयोग करें।
Sabse pehle comment karne wale banein.