मेरठ, उत्तर प्रदेश | 21 फरवरी 2026 सोशल मीडिया ने जहां कई आम लोगों को रातों-रात फर्श से अर्श तक पहुंचाया है, वहीं इस अंधी दौड़ ने कुछ लोगों के भीतर के 'राक्षस' को भी जगा दिया है। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के इंचोली थाना क्षेत्र का रहने वाला मशहूर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शादाब जकाती (Shadab Jakati) आज अपनी रील या वीडियो के लिए नहीं, बल्कि एक बेहद शर्मनाक और संगीन अपराध के लिए सुर्खियों में है।READ ALSO:-क्रांतिधरा मेरठ से फिर उठी बगावत की चिंगारी: संघ और UGC के खिलाफ सवर्णों का 'हल्ला बोल'; PM की रैली में 'काली बनियान' से होगा व्यवस्था का विरोध
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कभी '10 वाला बिस्कुट का पैकेट कितने का है जी...' रील से करोड़ों लोगों के मोबाइल स्क्रीन पर छाने वाला शादाब जकाती आज पुलिस और कानून से भागता फिर रहा है। उसकी ही एक महिला सहयोगी ने उस पर अपहरण, बलात्कार (Rape), ब्लैकमेलिंग और अश्लील वीडियो बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए नई भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सख्त धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।
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हाईकोर्ट में 'लुकाछिपी' का खेल: सोमवार को होगा फैसला

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एफआईआर (FIR) दर्ज होने के बाद शादाब जकाती पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। 10 साल तक की सजा के खौफ से शादाब अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) और अपनी गिरफ्तारी पर स्टे (Stay) लेने के लिए शनिवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचा।
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राहुल ठाकुर बने रोड़ा: इस पूरे मामले में एक सामाजिक कार्यकर्ता राहुल ठाकुर ने शादाब की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राहुल ठाकुर ने इससे पहले ही हाई कोर्ट में एक कैविएट (Caveat)/हस्तक्षेप याचिका दायर कर शादाब की स्टे याचिका को रुकवा दिया था। राहुल ठाकुर ने हाल ही में एक वीडियो जारी कर जनता को अपडेट दिया है कि शादाब शनिवार को फिर से स्टे लेने की फिराक में कोर्ट पहुंचा था।
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    अगली सुनवाई: राहुल ठाकुर के अनुसार, हाई कोर्ट ने अब इस हाई-प्रोफाइल मामले की सुनवाई के लिए सोमवार का दिन निर्धारित किया है। सोमवार का दिन तय करेगा कि शादाब को सलाखों के पीछे जाना होगा या उसे फौरी राहत मिलेगी।
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पुलिस की भूमिका पर उठते गंभीर सवाल: क्या बिक गया है इंचोली थाना?

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इस मामले का सबसे हैरान करने वाला पहलू पुलिस की कार्यप्रणाली है। संगीन धाराओं (जैसे रेप और ब्लैकमेलिंग) में नामजद होने के बावजूद आरोपी का खुलेआम घूमना और हाई कोर्ट तक पहुंच जाना स्थानीय पुलिस पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
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    मिलीभगत के आरोप: राहुल ठाकुर और स्थानीय लोगों ने सीधे तौर पर पुलिस पर आरोप लगाया है कि इंचोली थाने की पुलिस ने शादाब जकाती के साथ साठगांठ कर ली है।
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    निष्क्रियता: जब एक महिला ने साहस जुटाकर इतने बड़े इन्फ्लुएंसर के खिलाफ सबूतों के साथ शिकायत दर्ज कराई है, तो पुलिस उसकी तत्काल गिरफ्तारी क्यों नहीं कर रही है? पूरे इंचोली थाना क्षेत्र में यह चर्चा आम है कि पुलिस शादाब के रसूख और पैसे के दबाव में काम कर रही है।
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पीड़िता की आपबीती: "वीडियो बनाने के नाम पर किया रेप और फिर..."

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इस पूरे मामले की रीढ़ वह महिला है जिसने समाज के तानों और बदनामी के डर को किनारे रखकर शादाब के खिलाफ मोर्चा खोला। महिला की शिकायत रोंगटे खड़े कर देने वाली है।
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फेसबुक से शुरू हुआ जाल: पीड़िता के अनुसार, उसकी और शादाब जकाती की पहली मुलाकात फरवरी 2025 में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक के जरिए हुई थी। महिला पहले से ही वीडियो और कंटेंट क्रिएशन का काम करती थी। शादाब ने अपनी 'स्टारडम' का फायदा उठाते हुए महिला को अपनी टीम में काम करने का ऑफर दिया।
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शोषण की दास्तान:

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    बिना वेतन काम: महिला ने बताया कि उसने शादाब की टीम के साथ जुड़कर काम किया, लेकिन शादाब ने उसे कभी भी कोई वेतन या मेहनताना नहीं दिया।
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    बलात्कार और ब्लैकमेल: काम के दौरान शादाब ने महिला के साथ छेड़छाड़ की और फिर जबरन शारीरिक संबंध (बलात्कार) बनाए। इतना ही नहीं, शादाब ने इस घिनौने कृत्य का एक वीडियो भी बना लिया।
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    वायरल करने की धमकी: उस वीडियो को हथियार बनाकर शादाब महिला को ब्लैकमेल करने लगा और उसका बार-बार शारीरिक शोषण करता रहा।
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'मोटिवेशन' का मुखौटा और 'अश्लीलता' का धंधा: कई और महिलाएं हैं शिकार

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पीड़िता ने शादाब के काम करने के तरीके (Modus Operandi) की कलई खोलकर रख दी है।
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    'छपरी' कंटेंट: महिला ने साफ कहा कि वीडियो बनाने और 'मोटिवेशनल स्पीकर' बनने के नाम पर शादाब जकाती केवल अश्लील (Vulgar) कंटेंट तैयार करने वाला एक 'छपरी' है।
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    इरम का जिक्र: शिकायत में एक अन्य महिला 'इरम' का भी नाम सामने आया है। पीड़िता का दावा है कि इरम के साथ भी शादाब ने यही दरिंदगी की थी, लेकिन शादाब ने पैसे के दम पर उसका मुंह बंद करा दिया।
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    पत्नी की मौजूदगी में दूसरी औरतों से संबंध: एफआईआर में यह भी आरोप है कि अपनी पत्नी होने के बावजूद वह अन्य महिलाओं को वीडियो में शामिल करने का लालच देता है और फिर मौका पाकर उनका शारीरिक और मानसिक शोषण करता है।
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कानूनी शिकंजा: BNS की किन धाराओं में फंसा है शादाब?

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एसपी देहात (SP Rural) अभिजीत कुमार ने मीडिया को जानकारी दी है कि महिला की तहरीर के आधार पर शादाब जकाती के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस एफआईआर में शादाब के साथ उसकी पत्नी और पिता का भी नाम शामिल है। मामले की गहन जांच जारी है।
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शादाब पर लगी नई भारतीय न्याय संहिता (BNS) की 5 प्रमुख धाराएं और संभावित सजा:

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    धारा 64 (बलात्कार): यह सबसे गंभीर धारा है जो आईपीसी की पुरानी धारा 376 की जगह आई है। इसमें दोष सिद्ध होने पर 10 साल तक के कठोर कारावास से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है।
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    धारा 74 (शील भंग): महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने या उसकी लज्जा भंग करने के इरादे से हमला करना। इसमें कम से कम 2 साल की सजा हो सकती है।
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    धारा 115(2) (चोट पहुंचाना): जानबूझकर किसी को शारीरिक चोट या नुकसान पहुंचाना।
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    धारा 352 (शांति भंग करना): किसी व्यक्ति का जानबूझकर अपमान करना और उसे उकसाना।
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    धारा 351(3) (आपराधिक धमकी): गंभीर आपराधिक धमकी देना (जैसे जान से मारने या वीडियो वायरल करने की धमकी)।
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कौन है शादाब जकाती? (सऊदी के ड्राइवर से विवादित 'स्टार' तक का सफर)

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शादाब जकाती की कहानी सोशल मीडिया के उस दौर की याद दिलाती है जहाँ 'क्रिंग' (Cringe) और अश्लील कंटेंट रातों-रात वायरल हो जाता है।
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    शुरुआती जीवन: इंचोली (मेरठ) का रहने वाला शादाब क्रिकेट का शौकीन है। शोहरत मिलने से पहले वह सऊदी अरब में एक ड्राइवर के रूप में काम करता था। वहीं रहते हुए उसने टिकटॉक और इंस्टाग्राम पर वीडियो बनाना शुरू किया था।
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    वायरल मोमेंट: शादाब तब रातों-रात चर्चा में आ गया जब उसकी रील '10 वाला बिस्कुट का पैकेट कितने का है जी...' वायरल हुई। इस वीडियो ने उसे इतनी बड़ी पहचान दी कि रैपर बादशाह, क्रिकेटर रिंकू सिंह और कुलदीप यादव जैसी सेलिब्रिटीज ने भी इस ऑडियो पर अपने वीडियो बनाए। इस एक रील को करोड़ों व्यूज मिले थे।
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फ्लैशबैक: जब एक बच्ची और महिला से 'KISS' मांगने पर हुआ था गिरफ्तार

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यह पहली बार नहीं है जब शादाब जकाती कानून के फंदे में फंसा है। उसकी मानसिकता का पर्दाफाश उसके एक पुराने विवादित वीडियो से ही हो गया था, जिसके लिए उसे पहले भी जेल की हवा खानी पड़ी थी।
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क्या था उस वीडियो में? शादाब ने एक स्क्रिप्टेड वीडियो बनाया था जिसमें वह एक परचून की दुकान पर बैठा था।
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    एक छोटी बच्ची दुकान पर सामान लेने आती है। जब शादाब पैसे मांगता है, तो बच्ची मासूमियत से कहती है कि "पैसे मम्मी आकर देंगी।"
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    इसके बाद शादाब कैमरे पर उस बच्ची से उसकी मां की सुंदरता को लेकर अभद्र टिप्पणी करता है। वह कहता है, "जब ये (बच्ची) इतनी खूबसूरत है, तो इसकी मम्मी कितनी खूबसूरत होगी?"
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    वीडियो के अगले हिस्से में वह बच्ची के घर पहुंचता है। दरवाजा एक महिला खोलती है। शादाब उस महिला से कहता है, "तुम्हारी बच्ची सामान लेकर आई थी। अब तुम पैसे क्या दोगी? एक KISS ही दे दो।" * जब एक अन्य महिला बच्ची के साथ बाहर आती है और कहती है कि "अंकल ये मेरी मम्मी हैं," तब वह तुरंत पलट जाता है और पैसे मांगने लगता है।
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इस वीडियो के वायरल होने के बाद समाज के हर तबके से भारी आक्रोश पैदा हुआ था। बाल अधिकार आयोग और महिला आयोग की शिकायतों के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। बाद में विवाद बढ़ता देख उसे वह वीडियो डिलीट करना पड़ा था।
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सोशल मीडिया के 'फेक' सितारों का पतन

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शादाब जकाती का मामला समाज के लिए एक बड़ा सबक है। व्यूज और लाइक्स की अंधी दौड़ में 'इन्फ्लुएंसर' न केवल नैतिक मर्यादाएं लांघ रहे हैं, बल्कि जघन्य अपराधों को भी अंजाम दे रहे हैं। जो व्यक्ति 'मोटिवेशन' के नाम पर युवाओं को ज्ञान बांटता था, आज उसकी अपनी हकीकत एक बलात्कारी और ब्लैकमेलर के रूप में सामने आ रही है।
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अब सबकी निगाहें सोमवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट में होने वाली सुनवाई और मेरठ पुलिस के अगले कदम पर टिकी हैं। क्या शादाब जकाती अपने रसूख के बल पर फिर से बच निकलेगा, या कानून उसे उसके किए की कड़ी सजा देगा?
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