स्थान: हसनपुर लुहारी (उत्तर प्रदेश)
\r\nब्यूरो रिपोर्ट: सांस्कृतिक एवं धार्मिक डेस्कहसनपुर लुहारी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सांस्कृतिक रूप से समृद्ध क्षेत्र के गांव हसनपुर लुहारी में उस समय आस्था, श्रद्धा और भक्ति का एक अभूतपूर्व नजारा देखने को मिला, जब वहां 'युवा जागरण समिति' द्वारा मां भगवती के विशाल वार्षिक जागरण का आयोजन किया गया। इस पावन अवसर पर समूचा क्षेत्र माता के जयकारों, ढोल-नगाड़ों और सुरीले भजनों की ध्वनियों से गुंजायमान हो उठा।READ ALSO:-मिडिल क्लास और जनरल कैटेगरी के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी: बिना आरक्षण सीधे खाते में आएंगे ₹80,000, बस करना होगा ये छोटा सा काम!
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जागरण में केवल स्थानीय ग्रामीण ही नहीं, बल्कि आसपास के दर्जनों गांवों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। भारी संख्या में पहुंचे भक्तों ने मां भगवती के अलौकिक और भव्य रूप से सजाए गए दरबार में शीश नवाया, अखंड ज्योति के दर्शन किए और अपने परिवार की सुख, शांति तथा समृद्धि के लिए मन्नतें मांगीं। शुक्रवार की शाम से शुरू हुआ यह भक्ति का सफर शनिवार की अलसुबह महाआरती और विशाल भंडारे के साथ संपन्न हुआ।
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विधि-विधान से पूजन और अखंड ज्योति प्रज्वलन
\r\n\r\nधार्मिक मर्यादा और परंपराओं के अनुसार, शुक्रवार की देर शाम मुख्य यजमानों की उपस्थिति में आचार्य और प्रकांड विद्वानों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ माता रानी का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया। इसके बाद मुख्य यजमानों—विनीत धीमान, लवकुमार सैनी और विजय रुहेला ने संयुक्त रूप से मां भगवती की पावन अखंड ज्योति प्रज्वलित की।
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जैसे ही ज्योति प्रज्वलित हुई, पूरा पंडाल 'सच्ची सरकार की जय', 'जय माता दी' और 'शेरंवाली मैया की जय' के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा। इसके बाद मंच पर उपस्थित कलाकारों ने सर्वप्रथम विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश की वंदना कर सांस्कृतिक और भजनों के कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया।
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टी-सीरीज के स्टार कलाकार प्रेम मेहरा ने बांधा समां
\r\n\r\nजागरण की मुख्य प्रस्तुतियों की शुरुआत करते हुए देश की प्रतिष्ठित म्यूजिक कंपनी टी-सीरीज के प्रख्यात भजन गायक प्रेम मेहरा (दिल्ली) ने मंच संभाला। उन्होंने अपनी खनकदार और जादुई आवाज से पहली ही प्रस्तुति से पंडाल में बैठे हजारों श्रोताओं को अपने साथ गाए जाने पर मजबूर कर दिया। प्रेम मेहरा ने मां भगवती के साथ-साथ बाबा खाटू श्याम और संकटमोचन बालाजी महाराज के भजनों की एक से बढ़कर एक शानदार कड़ियां जोड़ीं।
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भजनों पर झूमे भक्त, भावुक हुआ माहौल
\r\n\r\nप्रेम मेहरा ने जब अपने प्रसिद्ध भजन ‘दो नैना सरकार के’ और ‘जोत जगी महारानी की’ गाया, तो श्रद्धालु अपनी जगहों पर खड़े होकर झूमने लगे। इसके बाद उन्होंने जैसे ही पिता-पुत्री के पवित्र और संवेदनशील रिश्ते पर आधारित मार्मिक भजन ‘बेटी बोली पापा जल्दी आ जाना’ की प्रस्तुति दी, तो पंडाल में मौजूद सैकड़ों महिलाओं और पुरुषों की आंखें नम हो गईं।
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इसके बाद उन्होंने माहौल को पुन: शिव भक्ति के रंग में रंगते हुए ‘होली खेले मशाने में’ और ‘केदारनाथ धाम की घटना भोले तुझे बताता हूं’ जैसे उच्च सुरों वाले भजनों की प्रस्तुति देकर युवाओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके द्वारा गाए गए अन्य लोकप्रिय भजन ‘हाथ जोड़ के बुली गवरजा’ और ‘हारे के सहारे आजा तेरा दास पुकारे’ पर भी भक्तों ने खूब तालियां बजाईं और कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
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ब्रज की सुरीली आवाज: सोनम शर्मा का जादू
\r\n\r\nदिल्ली के कलाकारों के बाद कान्हा की नगरी मथुरा से आईं सुप्रसिद्ध भजन गायिका सोनम शर्मा ने मंच संभाला। उनकी मधुर और शास्त्रीय पुट वाली आवाज ने पंडाल में एक अलग ही आध्यात्मिक शांति का अहसास कराया। सोनम शर्मा ने विशुद्ध रूप से मां दुर्गा की महिमा का बखान करते हुए कई पारंपरिक और नए भजन प्रस्तुत किए।
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उन्होंने अपनी प्रस्तुति की शुरुआत ‘मैय्या तेरे भक्तों को तेरा सहारा है’ से की। इसके बाद जब उन्होंने ‘तेरी कृपा से मैय्या कोई काम न रुका है’ और ‘मुझे रास आ गया है तेरे दर पर सर झुकाना’ जैसे रसमय भजनों की तान छेड़ी, तो पूरा माहौल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। भक्तों की भारी मांग पर उन्होंने कई लांगुरिया और भेंटें भी सुनाईं, जिन पर महिलाओं ने पारंपरिक नृत्य कर अपनी अगाध श्रद्धा प्रकट की।
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देशभक्ति और रिश्तों की त्रिवेणी: सुखबीर गोस्वामी
\r\n\r\nमुजफ्फरनगर के पिलखनी से आए लोकप्रिय और दमदार आवाज के धनी कलाकार सुखबीर गोस्वामी ने भी मंच पर आते ही अपनी गायकी से समां बांध दिया। उन्होंने अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए मां भगवती और खाटू श्याम के भजनों के साथ-साथ देशभक्ति के गीतों का ऐसा सुंदर मिश्रण प्रस्तुत किया कि युवाओं में देशभक्ति का जोश हिलोरे मारने लगा।
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सुखबीर गोस्वामी ने अपनी प्रस्तुतियों में पारिवारिक मूल्यों और सामाजिक सरोकारों को भी जोड़ा। पिता और पुत्री के आत्मीय संबंधों पर आधारित उनकी एक विशेष संगीतमय प्रस्तुति ने समाज में बेटियों के महत्व को रेखांकित किया, जिससे पूरा वातावरण बेहद भावुक और विचारणीय हो गया।
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भजनों एवं कलाकारों की मुख्य झलकियां (Event Highlights)
\r\n\r\n| \r\n कलाकार का नाम \r\n | \r\n \r\n कहां से आए \r\n | \r\n \r\n मुख्य प्रस्तुतियां और भजन \r\n | \r\n
| \r\n प्रेम मेहरा (टी-सीरीज स्टार) \r\n | \r\n \r\n दिल्ली \r\n | \r\n \r\n ‘दो नैना सरकार के’, ‘जोत जगी महारानी की’, ‘बेटी बोली पापा जल्दी आ जाना’, ‘होली खेले मशाने में’ \r\n | \r\n
| \r\n सोनम शर्मा (सुप्रसिद्ध गायिका) \r\n | \r\n \r\n मथुरा \r\n | \r\n \r\n ‘मैय्या तेरे भक्तों को तेरा सहारा है’, ‘तेरी कृपा से मैय्या कोई काम न रुका है’, ‘मुझे रास आ गया है...’ \r\n | \r\n
| \r\n सुखबीर गोस्वामी (प्रसिद्ध गायक) \r\n | \r\n \r\n पिलखनी (मुजफ्फरनगर) \r\n | \r\n \r\n मां भगवती व खाटू श्याम भजन, राष्ट्रभक्ति के गीत एवं पिता-पुत्री के रिश्तों पर आधारित प्रस्तुति \r\n | \r\n
| \r\n गौरव शर्मा 'बर्फानी' (कथावाचक) \r\n | \r\n \r\n धार्मिक वक्ता \r\n | \r\n \r\n 'तारा रानी की अमर कथा' का सजीव और भावपूर्ण संगीतमय वर्णन \r\n | \r\n
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तारा रानी की अमर कथा और महाआरती
\r\n\r\nजागरण के अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण चरण में प्रख्यात कथावाचक गौरव शर्मा 'बर्फानी' ने मंच से मां भगवती की परम भक्त तारा रानी की पावन कथा का सजीव और भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने अपने प्रवचन में बताया कि कैसे सच्ची श्रद्धा और निष्कपट मन से की गई भक्ति से माता प्रसन्न होती हैं और बड़े से बड़े संकट को टाल देती हैं।
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कथा के दौरान पंडाल में सन्नाटा पसरा रहा और सभी श्रद्धालु पूरे मनोयोग से कथा श्रवण करते रहे। कथा की समाप्ति के बाद सुबह की पहली किरण के साथ मां भगवती की भव्य महाआरती उतारी गई, जिसमें सभी कलाकारों, आयोजकों और हजारों ग्रामीणों ने एक साथ भाग लिया।
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अभूतपूर्व साज-सज्जा और कड़े सुरक्षा इंतजाम
\r\n\r\nइस विशाल धार्मिक समागम को भव्य रूप देने के लिए युवा जागरण समिति ने कई दिनों से तैयारियां की थीं।
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- \r\n आकर्षक पंडाल और लाइटिंग: जागरण स्थल पर एक विशाल वाटरप्रूफ पंडाल लगाया गया था। मुख्य मंच को कलकत्ता से आए विशेष कारीगरों द्वारा प्राकृतिक फूलों और रंग-बिरंगी एलईडी लाइटों से अलौकिक रूप दिया गया था। गांव के मुख्य मार्ग से लेकर जागरण स्थल तक के पूरे रास्ते को दूधिया और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया था।\r\n \r\n
- \r\n सुरक्षा एवं सिटिंग अरेंजमेंट: हजारों की भीड़ को देखते हुए महिलाओं और पुरुषों के बैठने के लिए अलग-अलग दीर्घाएं (गैलरी) बनाई गई थीं। समिति के दर्जनों स्वयंसेवक रातभर सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने के लिए मुस्तैद रहे।\r\n \r\n
- \r\n प्रसाद वितरण: माता रानी की आरती के बाद विशाल भंडारे और प्रसाद वितरण की शुरुआत हुई। हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर बेहद अनुशासित तरीके से हलवा-पूरी और फल का प्रसाद ग्रहण किया।\r\n \r\n
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समिति ने जताया सभी का आभार
\r\n\r\nहसनपुर लुहारी के इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में युवा जागरण समिति के सभी पदाधिकारियों और ग्रामवासियों ने दिन-रात एक कर दिया था। कार्यक्रम के सफल समापन पर समिति के पदाधिकारियों ने मंच से क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं, पुलिस प्रशासन, मीडिया कर्मियों और सहयोगी संस्थाओं का सहृदय धन्यवाद और आभार व्यक्त किया।
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ग्रामीणों का कहना था कि ऐसा भव्य और अनुशासित जागरण क्षेत्र में लंबे समय के बाद देखने को मिला है, जिसने नई पीढ़ी में सनातन संस्कृति और धार्मिक संस्कारों के प्रति एक नई अलख जगाने का काम किया है। देर सुबह तक चले इस आयोजन के बाद भी क्षेत्र का माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।

Sabse pehle comment karne wale banein.