नई दिल्ली/मुंबई: क्या आपको पता है कि देश के बैंकों में हजारों करोड़ रुपये ऐसे पड़े हैं, जिनका कोई दावेदार नहीं है? हो सकता है कि इसमें से कुछ रकम आपके परिवार के किसी बुजुर्ग या खुद आपकी हो, जिसे आप भूल चुके हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, जून 2025 तक बैंकों में लावारिस पैसा (Unclaimed Deposits) बढ़कर करीब 67,000 करोड़ रुपये हो गया है।READ ALSO:-1 जनवरी से बदल जाएगी आपकी डिजिटल बैंकिंग: RBI ने जारी किए 7 नए 'मास्टर' नियम; अब ऑनलाइन फ्रॉड करना होगा नामुमकिन!
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यह वह धन है जो लोग पुराने खातों में छोड़कर भूल गए या उनके निधन के बाद परिवार को इसकी जानकारी नहीं मिली। अब इस रकम को उसके सही हकदार तक पहुंचाने के लिए RBI ने एक बड़ी मुहिम छेड़ी है।
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क्यों बढ़ रहा है बैंकों में लावारिस पैसा?

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विशेषज्ञों का मानना है कि बैंकों में लावारिस पैसा जमा होने की सबसे बड़ी वजह भारतीय परिवारों में 'वित्तीय संवाद' (Financial Communication) की कमी है। अक्सर लोग निवेश तो करते हैं या खाता खुलवाते हैं, लेकिन घर वालों को इसके बारे में नहीं बताते। नॉमिनी की जानकारी न होने या दस्तावेजों के खो जाने के कारण यह पैसा सालों तक बैंकों में धूल फांकता रहता है।
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RBI की बड़ी पहल: 31 दिसंबर तक विशेष कैंप

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इस समस्या से निपटने के लिए रिजर्व बैंक ने कमर कस ली है। RBI ने 31 दिसंबर 2025 तक देशभर में 'विशेष सहायता कैंप' (Special Support Camps) शुरू किए हैं। इन कैंपों का मुख्य उद्देश्य आम जनता को जागरूक करना और बैंकों में लावारिस पैसा वापस दिलाना है।
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    इन कैंपों में ग्राहकों को क्लेम फॉर्म भरने में मदद दी जा रही है।
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    दस्तावेजों के सत्यापन (Verification) और नॉमिनी अपडेट करने की सुविधा मिल रही है।
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    फॉलो-अप सहायता भी दी जा रही है ताकि पैसा सीधे खाते में आ सके। (External link: RBI Official Press Release URL)
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UDGAM पोर्टल: घर बैठे ऐसे ढूंढें अपना पैसा

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अगर आपको लगता है कि आपका या आपके पूर्वजों का कोई पुराना खाता हो सकता है, तो आप घर बैठे इसकी जांच कर सकते हैं। RBI ने इसके लिए UDGAM (Unclaimed Deposits – Gateway to Access inforMation) पोर्टल लॉन्च किया है।
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    वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले udgam.rbi.org.in पर लॉग-इन करें।
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    रजिस्ट्रेशन: अपने मोबाइल नंबर और नाम के साथ रजिस्टर करें।
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    सर्च करें: खाताधारक का नाम, जन्मतिथि और पैन कार्ड जैसी जानकारी डालें।
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    रिजल्ट: यह पोर्टल 30 बैंकों के डेटाबेस से बैंकों में लावारिस पैसा सर्च करके आपको बता देगा। इसमें निष्क्रिय खाते और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) दोनों शामिल हैं। 
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बैंकों को भी मिलेगा इनाम: RBI की नई प्रोत्साहन योजना

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पुराने खातों को सेटल करने के लिए RBI ने बैंकों के लिए भी एक इनामी योजना (Incentive Scheme) शुरू की है, जो 1 अक्टूबर 2025 से लागू है। इसका मकसद है कि बैंक खुद आगे आकर ग्राहकों को ढूंढें।
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    4 साल पुराना खाता: अगर बैंक 4 साल से निष्क्रिय खाते को चालू या सेटल करवाता है, तो उसे रकम का 5% या ₹5,000 (जो कम हो) बतौर इनाम मिलेगा।
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    10 साल पुराना खाता: 10 साल से ज्यादा पुराने अनक्लेम्ड अकाउंट के लिए 7.5% या ₹25,000 तक का इनाम मिलेगा।
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कब माना जाता है खाता 'अनक्लेम्ड'?

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नियमों के मुताबिक, अगर किसी बचत या चालू खाते में 2 साल तक कोई लेन-देन नहीं होता, तो वह 'निष्क्रिय' (Inactive) हो जाता है। अगर यह अवधि 10 साल तक खिंच जाए, तो वह राशि ब्याज सहित RBI के 'डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस फंड' (DEA Fund) में ट्रांसफर हो जाती है। हालांकि, राहत की बात यह है कि बैंकों में लावारिस पैसा कभी डूबता नहीं है। ग्राहक या उनके कानूनी वारिस जब चाहें, इसे क्लेम कर सकते हैं।
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पैसे वापस पाने का आसान तरीका

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अगर UDGAM पोर्टल पर आपको अपनी कोई राशि मिलती है, तो उसे पाने की प्रक्रिया बेहद सरल है:
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    संबंधित बैंक की शाखा में जाएं।
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    अपना केवाईसी (KYC) जैसे आधार, पैन या पासपोर्ट जमा करें।
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    क्लेम फॉर्म भरें और अगर खाताधारक की मृत्यु हो चुकी है, तो नॉमिनी या कानूनी वारिस होने का प्रमाण दें।
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    सत्यापन के बाद बैंक ब्याज सहित पूरी रकम आपको लौटा देगा।
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RBI का यह अभियान बैंकों में लावारिस पैसा उसके सही मालिकों तक पहुंचाने का एक सुनहरा मौका है। 67,000 करोड़ रुपये की यह राशि बहुत बड़ी है और हो सकता है इसका एक हिस्सा आपके परिवार का हो। 31 दिसंबर से पहले विशेष कैंप का लाभ उठाएं और अपने पुराने रिकॉर्ड्स जरूर खंगालें। साथ ही, भविष्य में ऐसी परेशानी से बचने के लिए अपने हर निवेश में नॉमिनी जरूर अपडेट रखें।
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