Delhi NCR Air Pollution: दिल्ली समेत पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में गुलाबी ठंड की दस्तक के साथ ही हवा की गुणवत्ता (Air Quality) तेजी से खराब होने लगी है। राजधानी दिल्ली में न्यूनतम तापमान लुढ़ककर 17 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है, और इसके समानांतर वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक श्रेणी की ओर बढ़ रहा है। दिल्ली से सटे गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम में भी लोग जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर हैं। पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की घटनाओं और मौसमी बदलावों के चलते आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर होने की आशंका है।
गाजियाबाद का लोनी 'रेड जोन' में, नोएडा-ग्रेटर नोएडा का भी बुरा हाल
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ताजा आंकड़ों के अनुसार, गाजियाबाद का लोनी इलाका प्रदूषण के मामले में सबसे खतरनाक स्थिति यानी 'रेड जोन' में पहुंच गया है। एनसीआर के प्रमुख इलाकों का एक्यूआई (AQI) स्तर इस प्रकार दर्ज किया गया है:
- गाजियाबाद: लोनी में एक्यूआई सर्वाधिक 309 (बहुत खराब श्रेणी) दर्ज किया गया। इसके अलावा वेब सिटी में 217, संजय नगर में 204, वसुंधरा में 203 और इंदिरापुरम में 195 एक्यूआई रहा।
- ग्रेटर नोएडा: यहां के नॉलेज पार्क इलाके में भी हवा बेहद खराब है। नॉलेज पार्क-3 का एक्यूआई 235 और नॉलेज पार्क-5 का एक्यूआई 201 रिकॉर्ड किया गया।
- नोएडा: नोएडा के सेक्टर-62 में सुबह एक्यूआई 159 और सेक्टर-1 में 138 दर्ज किया गया। यहां तापमान भी गिरकर 18-19 डिग्री सेल्सियस तक आ गया है।
दिल्ली में बवाना सबसे प्रदूषित, 1 नवंबर से BS-4 वाहनों पर पाबंदी
राजधानी दिल्ली की बात करें तो मंगलवार सुबह न्यूनतम तापमान 17.7 डिग्री और अधिकतम तापमान 31.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंगलवार के ताजा आंकड़ों में दिल्ली का बवाना इलाका सबसे ज्यादा प्रदूषित रहा, जहां एक्यूआई 237 दर्ज किया गया। वहीं, चांदनी चौक में 211, आया नगर में 161, बुराड़ी क्रॉसिंग में 152, दिल्ली कैंट में 126 और आनंद विहार में 120 एक्यूआई रहा।
इससे पहले सोमवार को दिल्ली का औसत एक्यूआई 200 के पार रहा था, जबकि रविवार को 22 निगरानी केंद्रों पर हवा 'खराब' श्रेणी में दर्ज की गई थी। रविवार को आईटीओ (ITO) और आनंद विहार में एक्यूआई 300 के पार पहुंच गया था, जबकि मुंडका में 227, जहांगीरपुरी में 212, रोहिणी व विवेक विहार में 187 और पंजाबी बाग में 171 रिकॉर्ड किया गया था।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›प्रदूषण की रोकथाम के लिए एनसीआर में एक्यूआई लेवल के आधार पर ग्रैप (GRAP 1, 2, 3) की पाबंदियां लागू की जाती हैं। इसी कड़ी में 1 नवंबर से दिल्ली में पुराने बीएस-4 (BS-4) वाहनों के प्रवेश और संचालन पर कड़ी पाबंदी लगने जा रही है।
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मुंबई ने भी चौंकाया: दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में शुमार
प्रदूषण की मार केवल उत्तर भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि आर्थिक राजधानी मुंबई से भी चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में मुंबई पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। वहीं, अमेरिकी वायु गुणवत्ता निगरानी एजेंसी 'आईक्यूएयर' (IQAir) की नई रैंकिंग में मुंबई को दुनिया का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर बताया गया है, जहां एक्यूआई 166 दर्ज किया गया है।
अचानक क्यों बढ़ रहा है हवा में जहर? जानें 4 मुख्य कारण
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले तीन दिनों में बारिश की कोई संभावना नहीं है, जिससे प्रदूषण में और बढ़ोतरी होगी। हवा खराब होने के पीछे ये चार प्रमुख वैज्ञानिक और स्थानीय कारण हैं:
खबरीलाल न्यूज़ का Telegram चैनल जॉइन करें Join ›- धीमी हवाएं: मॉनसून की विदाई के बाद हवा की गति बेहद धीमी या शांत हो गई है, जिससे धूल और धुएं के कण वातावरण में बिखर नहीं पा रहे हैं।
- शुष्क मौसम: मौसम में नमी खत्म होने और शुष्कता बढ़ने के कारण धूल के बारीक कण लगातार हवा में तैर रहे हैं।
- स्थानीय उत्सर्जन: सड़कों पर दौड़ते वाहनों का धुआं और निर्माण कार्यों (Construction) से निकलने वाली धूल निचले वायुमंडल में ही फंसकर रह गई है।
- गिरता तापमान (Inversion): तापमान गिरने से ठंडी हवा भारी होकर जमीन की सतह के करीब बैठ जाती है, जिससे प्रदूषक तत्व ऊपर आकाश में नहीं उठ पाते और स्मॉग की परत बना लेते हैं।
दिल्ली सरकार का दावा और अगले 5 दिनों का मौसम पूर्वानुमान
पिछले तीन दिनों में बढ़े प्रदूषण के बीच दिल्ली के पर्यावरण मंत्री ने दावा किया है कि इस साल राजधानी में अब तक 211 दिन हवा 'अच्छी' या 'संतोषजनक' श्रेणी में रही है। कोरोना लॉकडाउन की अवधि को छोड़ दिया जाए, तो साल 2016 के बाद से यह दिल्ली का सबसे बेहतरीन रिकॉर्ड रहा है।
वहीं, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे सुबह और शाम के समय ठंड का अहसास बढ़ेगा। 22 और 23 अक्टूबर को मौसम शुष्क और समान बना रहेगा, जबकि 24 और 25 अक्टूबर को आसमान में हल्के बादल छाए रहने की संभावना है।
Sabse pehle comment karne wale banein.