भारतीय रेलवे (Indian Railways) को देश की लाइफलाइन कहा जाता है, जिसमें रोजाना करोड़ों लोग सफर करते हैं। सफर को सुखद और आरामदायक बनाने के लिए रेलवे लगातार नए-नए कदम उठाता रहता है। आज के डिजिटल युग में स्मार्टफोन हर किसी के हाथ में है, लेकिन कई बार यह सह-यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन जाता है। ट्रेन में सफर के दौरान कई यात्री अपने मोबाइल फोन के स्पीकर पर तेज आवाज में गाने सुनते हैं, सोशल मीडिया पर रील्स देखते हैं या फिर फोन पर बेहद तेज आवाज में बातें करते हैं। ऐसे गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार से दूसरे यात्रियों की शांति भंग होती है। इसी समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए रेलवे ने अब बेहद सख्त रवैया अपना लिया है। नए Indian Railways New Rules के तहत अब ट्रेन में शोर मचाना या सह-यात्रियों को डिस्टर्ब करना आपको काफी भारी पड़ सकता है।
जन विश्वास एक्ट के तहत सख्त हुए नियम यात्रियों की लगातार मिल रही शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए रेलवे बोर्ड और विभिन्न जोनों (जैसे दक्षिण रेलवे) ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। नियमों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने 'जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) अधिनियम' का सहारा लिया है। जन विश्वास एक्ट के तहत संशोधित ये कड़े नियम देशभर के रेलवे नेटवर्क में 19 जून से पूरी तरह लागू हो चुके हैं। इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर अनुशासन बनाए रखना और उपद्रव को रोकना है।
इस नए नियम के तहत यदि कोई भी यात्री ट्रेन के डिब्बे में या रेलवे स्टेशन परिसर में उपद्रव करता है या किसी भी तरह की अशांति फैलाता है, तो उस पर तत्काल प्रभाव से 1000 रुपये का ऑन-द-स्पॉट जुर्माना (Fine) लगाया जाएगा। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और टीटीई (TTE) को यह अधिकार दिया गया है कि वे बिना किसी पूर्व चेतावनी के मौके पर ही यह कार्रवाई कर सकें।
रेलवे एक्ट की धारा 145(2) और टिकट जब्ती का प्रावधान बात सिर्फ 1000 रुपये के जुर्माने तक ही सीमित नहीं है। यदि कोई यात्री ट्रेन के अंदर लगातार तेज आवाज में रील, गाने या वीडियो चलाकर साथी यात्रियों को परेशान करता है, तो इसे कानूनन अपराध माना जाएगा। रेलवे ने अपने सभी डिवीजनों को यह सख्त निर्देश दिया है कि ऐसे गंभीर मामलों में रेलवे एक्ट की धारा 145(2) के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›इस धारा के तहत दोषी पाए जाने वाले यात्रियों पर 5000 रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। नियम का बार-बार उल्लंघन करने वाले या स्टाफ से बहस करने वाले संबंधित व्यक्ति को अगले स्टेशन पर ट्रेन से नीचे उतारा जा सकता है या रेलवे स्टेशन परिसर से सीधे बाहर निकाला जा सकता है। हालात बिगड़ने पर रेलवे अधिकारी ऐसे उपद्रवी यात्रियों का कंफर्म ट्रेन टिकट या रेलवे पास भी मौके पर ही जब्त (Confiscate) कर सकते हैं, जिसके बाद यात्री अपनी आगे की यात्रा नहीं कर पाएगा।
यात्रियों के लिए रेलवे की अहम सलाह और अपील रेलवे प्रशासन का यह कड़ा फैसला ट्रेन में सफर करने वाले सह-यात्रियों, विशेषकर बुजुर्गों (Senior Citizens), छोटे बच्चों, बीमार मरीजों और परीक्षा देने जा रहे छात्रों की सुविधा और मानसिक शांति को ध्यान में रखकर लिया गया है। अक्सर रात के समय जब लोग सो रहे होते हैं, तब अचानक तेज आवाज में वीडियो चलने से उनकी नींद टूट जाती है, जिससे विवाद की स्थिति पैदा होती है।
🏪 आपके शहर के ऑफर
इसे देखते हुए रेलवे ने यात्रियों के लिए एक विशेष एडवाइजरी (Advisory) भी जारी की है। रेलवे की सलाह है कि:
सफर के दौरान जब भी मोबाइल पर गाने सुनें, फिल्में या वीडियो देखें, तो हमेशा ईयरफोन (Earphones) या हेडफोन (Headphones) का ही इस्तेमाल करें।
फोन पर बात करते समय अपनी आवाज को सीमित और धीमी रखें ताकि पास बैठे व्यक्ति को आपकी बातों से कोई परेशानी न हो।
रात 10 बजे के बाद कोच की लाइट बंद होने पर पूरी तरह से शांति बनाए रखें।
यदि कोई यात्री आपको परेशान कर रहा है, तो आप सीधे 'रेल मदद' (RailMadad) ऐप या रेलवे के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 139 पर तुरंत शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
एक जिम्मेदार नागरिक के तौर पर यह हमारी भी नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि हम सार्वजनिक स्थानों पर दूसरों की निजता और शांति का पूरा सम्मान करें। रेलवे की इस पहल से निश्चित रूप से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
Sabse pehle comment karne wale banein.