नई दिल्ली/मुंबई: डिजिटल बैंकिंग की दुनिया में एक बड़ा बदलाव (Banks New Verification Rule) आ गया है। अगर आप भी घर बैठे मोबाइल से चुटकियों में बैंक अकाउंट खोलने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। देश के प्रमुख बैंकों ने ऑनलाइन फ्रॉड और फर्जी खातों की बाढ़ को रोकने के लिए एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है।READ ALSO:-नमो भारत ने रचा इतिहास: परिचालन के दो वर्ष में पूरी की 2 करोड़ कम्यूटर ट्रिप, बना क्षेत्र का पसंदीदा परिवहन साधन
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नए नियमों के मुताबिक, अब ऑनलाइन अकाउंट होल्डर्स का फिजिकल वेरिफिकेशन (Physical Verification) अनिवार्य कर दिया गया है। इसका मतलब है कि केवल ऑनलाइन फॉर्म भरने से काम नहीं चलेगा, आपको या तो बैंक जाना होगा या बैंक अधिकारी आपके घर आकर सत्यापन करेंगे।
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क्यों बदला गया नियम? 2024 ने दी बड़ी सीख

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बैंकों ने यह कदम बेवजह नहीं उठाया है। दरअसल, साल 2024 में डिजिटल बैंकिंग के जरिए फर्जी खाते (Fake Accounts) खोलने के मामलों में बेतहाशा बढ़ोतरी देखी गई थी। ठगों ने ऑनलाइन प्रोसेस की खामियों का फायदा उठाकर दूसरों की आइडेंटिटी चोरी की और फर्जी खाते खोलकर उनमें करोड़ों की ठगी का पैसा ट्रांसफर किया।
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डिजिटलाइजेशन की आड़ में हो रहे इस खेल को रोकने के लिए अब ICICI बैंक, HDFC बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ बड़ौदा ने डिजिटल ऑनबोर्डिंग पर लगाम लगा दी है।
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ICICI ने बंद की इंस्टा-अकाउंट सर्विस

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सख्ती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देश के बड़े निजी बैंक ICICI ने अपनी लोकप्रिय 'इंस्टा-अकाउंट' (Insta-Account) सर्विस को लगभग पूरी तरह बंद कर दिया है।
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    अब केवल सैलरी अकाउंट ही ऑनलाइन खोले जा रहे हैं।
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    बचत (Savings) या अन्य खातों के लिए बैंक अधिकारी ग्राहक के घर जाकर वेरिफिकेशन करेगा या ग्राहक को ब्रांच आना होगा।
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अब फॉलो करना होगा यह नया प्रोसेस

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नए प्रोटोकॉल के तहत बैंकों ने अपनी शाखाओं को सख्त निर्देश दिए हैं:
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    फिजिकल मौजूदगी: ग्राहक को दस्तावेज जमा करने और चेहरा दिखाने के लिए नजदीकी ब्रांच में जाना होगा।
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    होम विजिट: रिलेशनशिप मैनेजर (RM) खुद ग्राहक के घर जाकर पते और पहचान की पुष्टि करेंगे।
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    एरिया लिमिट: बैंक शाखाओं को निर्देश मिला है कि वे केवल अपने दायरे (Jurisdiction) में आने वाले इलाके के लोगों का ही खाता खोलें। दूसरे शहर या इलाके का खाता खोलने पर रोक रहेगी।
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जानकारों का मानना है कि फिजिकल वेरिफिकेशन का नियम लागू होने से डिजिटल बैंकिंग की रफ्तार थोड़ी धीमी जरूर होगी, लेकिन यह सुरक्षा के लिहाज से जरूरी कदम है। अगर बैंक अकाउंट खोलते समय Know Your Customer (KYC) प्रोटोकॉल का सही से पालन नहीं करते हैं, तो उन पर भारी जुर्माने का प्रावधान है।
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साल 2024 में बैंक ऑफ बड़ौदा और एसबीआई जैसे बड़े बैंकों में भी ऐसे कई मामले सामने आए थे, जहां एक ही व्यक्ति के नाम पर कई फर्जी खाते खोलकर साइबर अपराध को अंजाम दिया गया। अब बचत खाता (Savings Account) खोलने पर भी फिजिकल वेरिफिकेशन की अनिवार्यता से 'म्यूल अकाउंट्स' (Mule Accounts - ठगी के लिए इस्तेमाल होने वाले खाते) पर लगाम लगेगी।
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बैंकों का यह फैसला आम जनता के लिए थोड़ी दौड़-भाग वाला हो सकता है, लेकिन आपकी गाढ़ी कमाई की सुरक्षा के लिए यह बेहद अहम है। अब फर्जीवाड़ा करना आसान नहीं होगा। अगर आप नया खाता खुलवाने जा रहे हैं, तो अपने मूल दस्तावेज (Original Documents) लेकर ब्रांच जाने की तैयारी कर लें।
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