नई दिल्ली/मौसम डेस्क: चिलचिलाती धूप और झुलसा देने वाली गर्मी से बेहाल पूरे उत्तर और मध्य भारत के लिए मौसम ने एक बड़ी और राहत भरी करवट ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताज़ा अपडेट में देशवासियों को जहां एक तरफ मॉनसून के आने की खुशखबरी दी है, वहीं दूसरी तरफ अगले 3 दिनों तक भयंकर आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश की सख्त चेतावनी भी जारी की है।
\r\n\r\nलंबे इंतजार के बाद आखिरकार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने केरल के तटीय इलाकों में अपनी शानदार एंट्री कर ली है। बीते 24 घंटों में देश के 11 से अधिक राज्यों में धूल भरी आंधी और तूफानी हवाओं के साथ बारिश हुई है, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, इस खुशनुमा मौसम के साथ-साथ प्राकृतिक आपदाओं ने भी अपना रंग दिखाया है। तेज आंधी के कारण कई जगहों पर पेड़ उखड़ने, बिजली गुल होने और उड़ानों (Flights) को डायवर्ट करने जैसी खबरें भी सामने आई हैं। आइए, विस्तार से जानते हैं देश के अलग-अलग हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक कैसा रहेगा मौसम का मिजाज।
\r\n\r\nIMD का ताजा बुलेटिन: 3 दिन तक रहेगा मौसम का रौद्र रूप
\r\n\r\nमौसम विभाग (IMD) की ओर से जारी की गई नवीनतम सैटेलाइट इमेजरी और रडार डेटा के अनुसार, देश के बड़े हिस्से पर एक मजबूत वेदर सिस्टम एक्टिव हो गया है। IMD के महानिदेशक ने जानकारी दी है कि अगले 7 दिनों तक दक्षिण भारत के केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। इसके अलावा, पूर्वोत्तर भारत (Northeast India) के राज्यों में भी मूसलाधार बारिश होने की प्रबल संभावना है।
\r\n\r\nसबसे बड़ी चेतावनी उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के साथ-साथ दक्षिणी प्रायद्वीप के लिए है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 2 से 3 दिनों के दौरान इन क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से हवाएं चलेंगी। आसमान में घने काले बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। मौसम विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे आंधी-तूफान के समय सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
\r\n\r\nकेरल में मॉनसून की दस्तक: 5 जुलाई तक पूरे देश को करेगा कवर
\r\n\r\nइस साल मॉनसून का इंतजार कुछ ज्यादा ही लंबा लगा, क्योंकि उत्तर भारत में लू (Heatwave) ने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड तोड़ दिए थे।
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- \r\n देरी से आया पर दुरुस्त आया: आमतौर पर दक्षिण-पश्चिम मॉनसून केरल में 1 जून को प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार यह अपनी तय तारीख से 3 दिन की देरी से पहुंचा है। हालांकि, इस देरी का मॉनसून की कुल बारिश की मात्रा पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।\r\n \r\n
- \r\n किसानों के लिए संजीवनी: मॉनसून की इस एंट्री के साथ ही देश में 4 महीने (जून से सितंबर) तक चलने वाले बारिश के सीजन का आधिकारिक आगाज हो गया है। यह बारिश देश की कृषि अर्थव्यवस्था और खरीफ फसलों (जैसे धान, मक्का, सोयाबीन) की बुवाई के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है।\r\n \r\n
- \r\n मॉनसून का आगे का सफर: मौसम विभाग के अनुसार, अगले डेढ़ महीने के भीतर मॉनसून पूरे भारत को कवर कर लेगा। अगले 2-3 दिनों में मॉनसून मध्य अरब सागर, संपूर्ण गोवा, महाराष्ट्र, कर्नाटक के कुछ और हिस्सों, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, और बंगाल की खाड़ी के कई इलाकों में आगे बढ़ेगा।\r\n \r\n
- \r\n आपके राज्य में कब पहुंचेगा? अगर परिस्थितियां अनुकूल रहीं, तो दक्षिण-पश्चिम मॉनसून केरल से तेजी से आगे बढ़ते हुए 5 जुलाई तक मेघालय, असम, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान तक पहुंच जाएगा।\r\n \r\n
\r\n\r\nदिल्ली-NCR का मौसम: तेज हवाएं और बारिश से सुहाना हुआ मिजाज
\r\n\r\nदेश की राजधानी दिल्ली और इसके आस-पास के इलाकों (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद) में पिछले कई दिनों से तापमान 45 डिग्री के पार जा रहा था। लेकिन बीते दिन दिल्ली-एनसीआर में हुई मूसलाधार बारिश और तूफानी हवाओं ने पूरे माहौल को बदल कर रख दिया।
\r\n\r\nभीषण गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिली है। हालांकि, बारिश के बावजूद बीते दिन दिल्ली का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
\r\n\r\nअगले 2 दिनों का पूर्वानुमान: मौसम विभाग का कहना है कि दिल्ली में अगले 48 घंटों तक आसमान में बादलों की आवाजाही लगी रहेगी। सुबह और शाम के वक्त गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान सतह पर चलने वाली तेज हवाओं की गति 40-50 किमी प्रति घंटा रह सकती है, जो सुबह से दोपहर के बीच हवा के तीखे झोंकों के रूप में 60 किमी प्रति घंटा की खतरनाक रफ्तार तक भी पहुंच सकती है। इसलिए दिल्लीवासियों को बाहर निकलते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
\r\n\r\nकल (6 जून, शनिवार) का सटीक मौसम पूर्वानुमान
\r\n\r\nवीकेंड की शुरुआत के साथ ही मौसम का मिजाज भी काफी आक्रामक रहने वाला है। अगर आप शनिवार को घर से बाहर निकलने का प्लान बना रहे हैं, तो इन राज्यों का अपडेट जरूर पढ़ लें:
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- \r\n ऑरेंज अलर्ट (आंधी-तूफान का खतरा): मौसम विभाग ने 6 जून के लिए राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश में भारी आंधी-तूफान आने की आशंका जताते हुए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। इन राज्यों में धूल भरी आंधी विजिबिलिटी को कम कर सकती है।\r\n \r\n
- \r\n मूसलाधार बारिश: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, केरल, तटीय कर्नाटक, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में झमाझम बारिश होने का अनुमान है। इन इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है।\r\n \r\n
- \r\n ओलावृष्टि (Hailstorm) की चेतावनी: पहाड़ी और मध्य क्षेत्रों में मौसम एकदम से बदलेगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, मध्य महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के कई इलाकों में तेज आंधी के साथ ओले गिरने का भी पूर्वानुमान है, जिससे खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।\r\n \r\n
\r\n\r\nपरसों (7 जून, रविवार) का सटीक मौसम पूर्वानुमान
\r\n\r\nरविवार के दिन भी देश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम का एक्शन जारी रहेगा:
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- \r\n उत्तर भारत में तेज हवाएं: 7 जून को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई इलाकों में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज और ठंडी हवाएं चलने का अनुमान है। इससे दिन के तापमान में 2 से 4 डिग्री तक की गिरावट आ सकती है।\r\n \r\n
- \r\n मध्य और पूर्वी भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कई क्षेत्रों में प्री-मॉनसून गतिविधियां तेज होंगी। यहां बारिश के साथ-साथ आंधी चलने की पूरी संभावना है।\r\n \r\n
- \r\n दक्षिण और तटीय इलाके: केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। तटीय क्षेत्रों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है क्योंकि वहां कहीं-कहीं बहुत तेज बारिश और ऊंची लहरें उठ सकती हैं।\r\n \r\n
- \r\n पूर्वोत्तर राज्यों का हाल: असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश और आंधी-तूफान का व्यापक असर देखने को मिलेगा। इन राज्यों में कुछ जगहों पर लैंडस्लाइड (भूस्खलन) की भी आशंका जताई गई है।\r\n \r\n
\r\n\r\nमौसम से बचाव के लिए IMD की विशेष सलाह:
\r\n\r\nचूंकि यह समय प्री-मॉनसून और मॉनसून के ट्रांजिशन का है, इसलिए मौसम में अचानक बदलाव आना आम बात है। IMD ने सलाह दी है कि तेज आंधी और बारिश के दौरान लोग पक्के मकानों में रहें। सफर करते समय मौसम की ताजा जानकारी लेते रहें और किसानों को सलाह दी गई है कि वे ओलावृष्टि की चेतावनी को देखते हुए अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रख लें। मॉनसून का यह सीजन राहत तो लाया है, लेकिन इसके साथ आने वाली चुनौतियों के लिए भी हमें तैयार रहना होगा।
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