Gold Silver Price Crash: धनतेरस, दिवाली और आगामी शादियों के सीजन से ठीक पहले सोना और चांदी खरीदने की योजना बना रहे आम उपभोक्ताओं के लिए सर्राफा बाजार से एक बेहद राहत भरी खबर आई है। भारतीय बाजारों में दोनों ही कीमती धातुओं की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है। चांदी का भाव जो कुछ समय पहले ऐतिहासिक ऊंचाई पर था, वह अब ₹2 लाख प्रति किलो के मनोवैज्ञानिक स्तर से काफी नीचे फिसल गया है। इसके साथ ही, सोना भी अपने रिकॉर्ड हाई (Record High) से काफी सस्ता हो चुका है।

24 दिनों में 6 हजार रुपये से ज्यादा सस्ता हुआ सोना इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 30 सितंबर से लेकर 23 अक्टूबर 2026 के बीच सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट देखी गई है। इन बीते 24 दिनों के दौरान 24 कैरेट सोना ₹6,258 प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया है।

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चांदी की कीमतों में 26 हजार रुपये की ऐतिहासिक गिरावट सोने के मुकाबले चांदी की कीमतों में गिरावट का यह आंकड़ा और भी ज्यादा चौंकाने वाला है। IBJA के आंकड़ों पर नजर डालें तो 30 सितंबर को एक किलो चांदी का भाव ₹2,20,435 के रिकॉर्ड स्तर पर था। लेकिन, 23 अक्टूबर तक आते-आते इसमें ₹26,020 की बंपर गिरावट आई और यह फिसलकर ₹1,94,415 प्रति किलो पर आ गई। त्योहारी सीजन में चांदी के सिक्के, बर्तन और मूर्तियां खरीदने वाले ग्राहकों के लिए कीमत का ₹2 लाख से नीचे आना एक बहुत बड़ी राहत है।

वायदा बाजार (MCX) पर भी बना हुआ है भारी दबाव मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी दोनों कीमती धातुओं के वायदा भाव इस समय भारी दबाव में कारोबार कर रहे हैं। MCX के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 29 जनवरी 2026 को ₹4,20,048 प्रति किलो का सर्वकालिक रिकॉर्ड बनाने वाली चांदी अब गिरकर ₹2 लाख के नीचे आ चुकी है। इसका सीधा मतलब यह है कि चांदी अपने उच्चतम स्तर (Peak) से करीब आधी कीमत पर आ चुकी है। वहीं, MCX पर सोना भी अपने हालिया रिकॉर्ड हाई ₹1.93 लाख से करीब ₹50,000 नीचे खिसक कर ₹1,41,994 प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड कर रहा है।

जरूरी बात: यह ध्यान रखना आवश्यक है कि ये IBJA और वायदा बाजार के बेंचमार्क भाव हैं। शहर, स्थानीय दुकान, गहनों के मेकिंग चार्ज और GST के कारण खुदरा ज्वेलरी की कीमतें इससे अलग हो सकती हैं। इसलिए किसी भी तरह की खरीदारी से पहले अपने स्थानीय ज्वेलर से वर्तमान रेट जरूर पता कर लें।

निवेश के लिए कौन-सा विकल्प रहेगा सबसे बेहतर? अगर आप सिर्फ निवेश के नजरिए से खरीदारी करना चाहते हैं, तो बाजार में मौजूद इन विकल्पों को समझ लेना जरूरी है:

  • गोल्ड ETF (Gold ETF): यह स्टॉक एक्सचेंज पर ट्रेड होने वाला एक ऐसा शानदार विकल्प है जो सीधे सोने के बाजार भाव से जुड़ा होता है। इसमें निवेश के लिए डीमैट अकाउंट (Demat Account) की जरूरत होती है। हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि 16 अक्टूबर से कुछ फंड कंपनियों ने गोल्ड ETF के फंड ऑफ फंड्स (FoF) में नए निवेश पर रोक लगा दी है। लेकिन सभी ETF बंद नहीं हुए हैं, इसलिए निवेश से पहले संबंधित फंड के नियम और शर्तें जरूर जांच लें।

  • फिजिकल गोल्ड (सिक्के, बार और ज्वेलरी): धनतेरस, दिवाली पूजा या शादी-ब्याह के लिए फिजिकल गोल्ड हमेशा से सबसे लोकप्रिय विकल्प माना जाता है। सोने के सिक्के और बार खरीदने पर 3% GST लगता है। वहीं, गहनों (Jewellery) पर मेकिंग चार्ज और GST दोनों अलग से जुड़ते हैं। यह ध्यान रखें कि रीसेल (Resale) के समय मेकिंग चार्ज वापस नहीं मिलते हैं। इसलिए खरीदारी करते समय हॉलमार्क, पक्का बिल और बायबैक की शर्तें देखना बेहद जरूरी है।

  • सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB): वर्तमान में भारत सरकार ने नए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) जारी करना बंद कर दिया है। अब यह विकल्प केवल स्टॉक एक्सचेंज के सेकेंडरी मार्केट में ही उपलब्ध है। अगर आप इसे खरीदते हैं, तो मैच्योरिटी की अवधि, लिक्विडिटी और मार्केट प्रीमियम पर विशेष ध्यान दें।

क्या इस समय खरीदारी करना सही फैसला है? कीमतों में आई इस भारी गिरावट ने त्योहारी और शादी की खरीदारी करने वाले उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत जरूर दी है। लेकिन बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, ‘दाम अब और नीचे नहीं गिरेंगे’ सिर्फ इस सोच के आधार पर एकमुश्त बड़ा पैसा लगाना जोखिम भरा हो सकता है। अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से ही निवेश का फैसला लें।

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