Bank of India Q2 Results: सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख बैंकों में शुमार बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India - BOI) ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। बैंक ने सभी मोर्चों पर शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने शुद्ध मुनाफे (Net Profit) में जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की है। मुंबई (अनिल बेदाग) से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, 30 सितंबर 2026 को समाप्त हुई तिमाही में बैंक का मुनाफा सालाना आधार पर 25.34% बढ़कर ₹3,202 करोड़ पर पहुंच गया है। बैंक के मजबूत वित्तीय प्रदर्शन से न सिर्फ परिसंपत्ति गुणवत्ता (Asset Quality) में सुधार हुआ है, बल्कि बैंक के वैश्विक कारोबार ने भी एक नया मील का पत्थर छुआ है।
छमाही मुनाफे और परिचालन लाभ में मजबूत उछाल
बैंक ऑफ इंडिया ने केवल दूसरी तिमाही में ही नहीं, बल्कि वित्त वर्ष की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर 2026) में भी बेहतरीन आंकड़े पेश किए हैं।
जंतर–मंतर गेम खेलें। पुलिस बनकर कॉकरोचों को पहचानो या आंदोलनकारी बनकर पहुंचो जंतर मंतर। खेलें ▶- शुद्ध मुनाफा (Net Profit): पहली छमाही में बैंक का शुद्ध मुनाफा 30% की जबरदस्त वृद्धि के साथ ₹6,270 करोड़ पर पहुंच गया है।
- परिचालन लाभ (Operating Profit): दूसरी तिमाही में बैंक का परिचालन लाभ सालाना आधार पर 33.19% बढ़कर ₹5,089 करोड़ हो गया। वहीं, पहली छमाही के लिए यह आंकड़ा 30% बढ़कर ₹10,140 करोड़ दर्ज किया गया।
- आय में वृद्धि: तिमाही के दौरान बैंक की शुद्ध ब्याज आय (Net Interest Income - NII) 18.52% बढ़कर ₹7,007 करोड़ रही। गैर-ब्याज आय (Non-Interest Income) में भी 24.78% का शानदार उछाल आया और यह ₹2,770 करोड़ पर पहुंच गई।
- NIM और रिटर्न: वैश्विक शुद्ध ब्याज मार्जिन (NIM) में सालाना आधार पर 6 आधार अंकों (bps) का सुधार हुआ और यह 2.47% दर्ज किया गया। दूसरी तिमाही में बैंक का परिसंपत्तियों पर रिटर्न (ROA) 1.01% और इक्विटी पर रिटर्न (ROE) 16.36% रहा।

₹18.92 लाख करोड़ के पार पहुंचा वैश्विक कारोबार
बैंक ऑफ इंडिया का व्यापारिक विस्तार लगातार तेज गति से हो रहा है। बैंक का कुल वैश्विक कारोबार (Global Business) सालाना आधार पर 21.13% की छलांग लगाकर ₹18.92 लाख करोड़ के पार पहुंच गया है।
- डिपॉजिट (Deposits): बैंक के वैश्विक जमा में 21.59% की वृद्धि दर्ज की गई है, जिसके बाद यह आंकड़ा ₹10.37 लाख करोड़ से अधिक हो गया है। सितंबर 2026 के अंत तक घरेलू चालू खाता एवं बचत खाता (CASA) जमा भी 7.17% बढ़कर ₹3.07 लाख करोड़ हो गया।
- एडवांस (Advances): बैंक के वैश्विक अग्रिम 20.58% बढ़कर ₹8.55 लाख करोड़ के पार पहुंच गए। इनमें विदेशी कारोबार के अग्रिम में 35.21% की सबसे मजबूत वृद्धि दर्ज की गई और यह ₹1.51 लाख करोड़ हो गया।
रिटेल, कृषि और MSME (RAM) सेक्टर का दबदबा
बैंक ने घरेलू ऋण वितरण में विशेष रूप से रिटेल, कृषि और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) सेक्टर पर फोकस बनाए रखा है।
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- खुदरा अग्रिम (Retail Advances) में सालाना आधार पर 19.27% की वृद्धि हुई।
- MSME अग्रिम में 20.27% की शानदार बढ़त देखी गई।
- कृषि अग्रिम (Agriculture Advances) में 16.34% की वृद्धि हुई। घरेलू सकल अग्रिम में इन तीनों (RAM) अग्रिमों की कुल हिस्सेदारी 58.63% रही, जो बैंक के सुरक्षित और डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो को दर्शाती है।
NPA में भारी गिरावट: एसेट क्वालिटी में जबरदस्त सुधार
मुनाफे और बिजनेस ग्रोथ के साथ-साथ बैंक ऑफ इंडिया की एसेट क्वालिटी (Asset Quality) में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जो निवेशकों के लिए सबसे बड़ी राहत की खबर है।
- सकल NPA (GNPA): सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति अनुपात सालाना आधार पर 94 आधार अंक घटकर मात्र 1.60% रह गया है।
- शुद्ध NPA (NNPA): शुद्ध एनपीए अनुपात भी 23 आधार अंकों के सुधार के साथ 0.42% के बेहद निचले और सुरक्षित स्तर पर आ गया है।
- बैंक का प्रोविजन कवरेज रेशियो (PCR) मजबूत होकर 94.45% हो गया है। दूसरी तिमाही में स्लिपेज अनुपात (Slippage Ratio) 0.15% और क्रेडिट कॉस्ट 0.12% दर्ज की गई।
पूंजी पर्याप्तता अनुपात (CRAR) में भी मजबूती
30 सितंबर, 2026 तक बैंक का पूंजी पर्याप्तता अनुपात (Capital Adequacy Ratio - CRAR) सालाना आधार पर 109 आधार अंक बढ़कर 17.78% हो गया, जो नियामक आवश्यकताओं (Regulatory Requirements) से काफी ऊपर है। वहीं, कॉमन इक्विटी टियर-1 (CET-1) अनुपात 15.49% रहा।
डिस्क्लेमर (Disclaimer):
यह समाचार बैंक ऑफ इंडिया (BOI) द्वारा जारी की गई आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति और दूसरी तिमाही (Q2 FY27) के वित्तीय नतीजों पर आधारित है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है, निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।
Sabse pehle comment karne wale banein.