Javed Akhtar New Ghazal: जब देश के बेहतरीन शायर की कलम से निकले गहरे अल्फ़ाज़ एक मखमली आवाज़ और राग आधारित गायकी से मिलते हैं, तो संगीत सिर्फ कानों को सुनाई नहीं देता, बल्कि सीधे रूह में उतर जाता है। पद्म भूषण (Padma Bhushan) से सम्मानित दिग्गज गीतकार जावेद अख्तर (Javed Akhtar) और वर्ष 1997 के ‘सा रे गा मा’ (Sa Re Ga Ma) मेगा फाइनल्स विजेता मशहूर गायक मोहम्मद वकील (Mohammed Vakil) ने मिलकर संगीतप्रेमियों के लिए एक ऐसा ही खूबसूरत तोहफा पेश किया है। दोनों दिग्गजों की नई ग़ज़ल ‘बाज़ाहिर क्या है’ (Baazahir Kya Hai) ने रिलीज़ होते ही रूहानी महफ़िल सजा दी है। इस विशेष प्रस्तुति को भारतीय संगीत मंच 'Goongoonalo' पर रिलीज़ किया गया है।

​'हमारे शौक़ की' एल्बम का है अहम हिस्सा

यह नई ग़ज़ल बहुचर्चित म्यूजिक एल्बम ‘हमारे शौक़ की’ का एक अहम हिस्सा है। इस ग़ज़ल की थीम और इसके बोल श्रोताओं को जीवन के गहरे दर्शन से रूबरू कराते हैं। यह ग़ज़ल बाहरी चमक-दमक (दिखावे) और इंसान के मन की वास्तविक संतुष्टि के बीच के बारीक अंतर को बेहद खूबसूरती और सरलता से बयां करती है।

जंतर–मंतर गेम खेलें। पुलिस बनकर कॉकरोचों को पहचानो या आंदोलनकारी बनकर पहुंचो जंतर मंतर। खेलें ▶

जावेद अख्तर की इस गहरी और अर्थपूर्ण शायरी को गायक मोहम्मद वकील ने भारतीय शास्त्रीय संगीत (Classical Music) की आत्मा और समकालीन पश्चिमी संगीत (Western Music) के आधुनिक तत्वों के साथ पिरोकर सजाया है। इस अनूठे 'फ्यूज़न' का मुख्य उद्देश्य इस ग़ज़ल की संवेदनाओं को केवल पुरानी पीढ़ी तक ही सीमित न रखकर आज के युवाओं तक भी पहुंचाना है।

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​मोहम्मद वकील के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी

मोहम्मद वकील के लिए हिंदी सिनेमा और साहित्य के इतने बड़े हस्ताक्षर (जावेद अख्तर) की शायरी को अपने सुरों में ढालना एक बड़े सम्मान के साथ-साथ एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी भी रही है।

  • ​संगीत की तालीम: मोहम्मद वकील ने संगीत की बारीकियां जयपुर घराने के मशहूर उस्ताद मोहम्मद हुसैन और उस्ताद अहमद हुसैन से सीखी हैं।
  • ​संगीत का सफर: 1997 में प्रतिष्ठित टीवी शो ‘सा रे गा मा’ जीतकर उन्होंने पूरे देश में अपनी एक अलग पहचान बनाई थी। अपने तीन दशकों से अधिक लंबे करियर में वकील ने रागदारी आधारित गायकी से ग़ज़ल गायन को एक खास मुकाम दिया है।

​Goongoonalo: पारंपरिक महफ़िल को आधुनिक अंदाज में पेश करने की पहल

इस शानदार ग़ज़ल को रिलीज़ करने वाले म्यूजिक प्लेटफॉर्म 'Goongoonalo' का मुख्य उद्देश्य भारतीय संगीत की समृद्ध विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। यह मंच इस प्रस्तुति के जरिए पुरानी पारंपरिक महफ़िलों की आत्मीयता को एक बिल्कुल नए और आधुनिक अंदाज में दुनिया के सामने ला रहा है।

संगीत समीक्षकों का मानना है कि ‘बाज़ाहिर क्या है’ महज़ एक गीत नहीं, बल्कि शायरी, राग और शुद्ध भावनाओं का एक ऐसा बेजोड़ संगम है, जो भागदौड़ भरी जिंदगी में संगीतप्रेमियों को कुछ पल ठहरकर उसे सुनने और गहराई से महसूस करने का मौका देगा।

​डिस्क्लेमर (Disclaimer):

यह समाचार पीआर एजेंसी द्वारा जारी की गई आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति (Press Release) और संगीत एल्बम की लॉन्चिंग जानकारी पर आधारित है।

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