नई दिल्ली. अगर आप नया ड्राइविंग लाइसेंस (DL) बनवाने की तैयारी कर रहे हैं या अपने पुराने लाइसेंस में कोई जरूरी सुधार करवाना चाहते हैं, तो आपको नए नियमों की जानकारी होना बेहद आवश्यक है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) देश भर में Driving Licence New Rules लागू करने की व्यापक तैयारी कर रहा है। मंत्रालय ने 'सेंट्रल मोटर व्हीकल्स रूल्स' (Central Motor Vehicles Rules) में संशोधन के लिए एक विस्तृत ड्राफ्ट तैयार किया है। सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य लाइसेंस बनवाने की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना, सड़क सुरक्षा को मजबूत करना और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल पर पूरी तरह से नकेल कसना है। आइए विस्तार से जानते हैं कि सरकार ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े कौन से 5 बड़े बदलाव करने जा रही है:
1. भारतीय और विदेशी नागरिकों के लिए अलग-अलग कलर-कोडेड कार्ड मंत्रालय के नए प्रस्ताव के अनुसार, अब आरटीओ (RTO) या लाइसेंस अथॉरिटी की तरफ से जारी या रिन्यू किए जाने वाले सभी ड्राइविंग लाइसेंस केवल लैमिनेटेड या हाई-क्वालिटी PVC कार्ड (फॉर्म 7) के रूप में ही जारी किए जाएंगे। इस नियम का सबसे बड़ा और अहम बदलाव यह है कि अब भारतीय नागरिकों और विदेशी नागरिकों की पहचान को आसान बनाने के लिए उनके लाइसेंस का रंग (कलर-कोड) और कार्ड का फॉर्मेट बिल्कुल अलग-अलग तय किया जाएगा। इससे ट्रैफिक पुलिस को चेकिंग के दौरान काफी सहूलियत मिलेगी।
जंतर–मंतर गेम खेलें। पुलिस बनकर कॉकरोचों को पहचानो या आंदोलनकारी बनकर पहुंचो जंतर मंतर। खेलें ▶2. लाइसेंस पर दर्ज होंगी मेडिकल जानकारी और इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर सड़क दुर्घटनाओं के दौरान घायलों की जान बचाने के लिए 'गोल्डन आवर' बहुत महत्वपूर्ण होता है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने फैसला लिया है कि अब नए ड्राइविंग लाइसेंस के पिछले हिस्से पर कुछ बेहद जरूरी जानकारियां प्रमुखता से प्रिंट की जाएंगी। इनमें कार्ड धारक का ब्लड ग्रुप, उनका स्वयं का मोबाइल नंबर और एक 'आपातकालीन संपर्क नंबर' (Emergency Contact Number) शामिल होगा। दुर्घटना की स्थिति में यह जानकारी घायल व्यक्ति की तुरंत पहचान करने और उसके परिवार को समय रहते सूचित करने में जीवनरक्षक साबित होगी।
3. उम्र और पते के प्रमाण के लिए अब एफिडेविट (शपथ पत्र) की जरूरत खत्म अब तक नया लाइसेंस बनवाने वाले आवेदकों को अपनी आयु और पते के प्रमाण के तौर पर किसी एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट या नोटरी से शपथ पत्र (Affidavit) बनवाकर जमा करना पड़ता था। इसमें समय और पैसा दोनों बर्बाद होते थे। नए नियमों में इस व्यवस्था को पूरी तरह से हटाने का प्रस्ताव है। अब इसकी जगह सीधे आधार कार्ड, पासपोर्ट, वोटर आईडी कार्ड, ई-राशन कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र जैसे मजबूत सरकारी दस्तावेजों को ही मान्यता दी जाएगी। इस बदलाव से बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और कागजी कार्रवाई बेहद आसान हो जाएगी।
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4. ड्राइविंग टेस्ट और ट्यूटोरियल के नियम किए गए सख्त देश में सड़क हादसों पर लगाम लगाने और सुरक्षित ड्राइविंग को बढ़ावा देने के लिए टेस्ट के मानकों को कड़ा किया जा रहा है। अब 'सेफ-ड्राइविंग ट्यूटोरियल' से जुड़े असेसमेंट (मूल्यांकन) में पास होने के लिए न्यूनतम स्कोर को 60% से बढ़ाकर 75% कर दिया गया है। इसके साथ ही, टेस्ट देने से पहले प्रत्येक आवेदक के लिए ट्यूटोरियल वीडियो या ट्रेनिंग क्लास को कम से कम 30 मिनट तक पूरा देखना अनिवार्य कर दिया गया है।
5. नाम या पता बदलवाना हुआ फ्री, 15 दिन में करना होगा निपटारा प्रस्ताव के मुताबिक, यदि कोई लाइसेंस धारक अपने DL में नाम या पते जैसी कोई निजी जानकारी बदलवाना चाहता है, तो इसके लिए अथॉरिटी द्वारा कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। सबसे बड़ी राहत यह है कि अथॉरिटी को ऐसे सुधार वाले आवेदनों पर 15 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से फैसला लेना होगा। यदि किसी कारणवश आवेदन खारिज होता है, तो अधिकारी को उसकी स्पष्ट वजह भी बतानी होगी। अगर आवेदक आधार ऑथेंटिकेशन (Aadhaar Authentication) का उपयोग करके ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करते हैं, तो कुछ चुनिंदा ऑनलाइन डीएल सेवाओं पर फीस पूरी तरह माफ की जा सकती है।
अभी नियम लागू नहीं, जनता से मांगे गए हैं सुझाव वाहन चालकों को ध्यान देना चाहिए कि यह अभी केवल एक 'ड्राफ्ट नोटिफिकेशन' (Draft Notification) है, जिसे सड़क परिवहन मंत्रालय ने सार्वजनिक किया है। इस ड्राफ्ट पर आम जनता और सभी स्टेकहोल्डर्स से 30 दिनों के भीतर आपत्तियां और सुझाव मांगे गए हैं। जनता की प्रतिक्रिया की गहरी समीक्षा करने के बाद ही इन नियमों को गजट में प्रकाशित कर अंतिम रूप से लागू किया जाएगा। जब तक नए नियम आधिकारिक तौर पर लागू नहीं हो जाते, तब तक पुराने नियमों और शुल्क संरचना के आधार पर ही लाइसेंस से जुड़े सभी काम होते रहेंगे।
Sabse pehle comment karne wale banein.