बिजनौर. उत्तर प्रदेश में सरकार और प्रशासन समाज के हर तबके, विशेषकर निराश्रित और दिव्यांगजनों के उत्थान व उनकी बेहतर देखभाल के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। सरकार की इसी मंशानुरूप सोमवार (26 अक्टूबर 2026) को बिजनौर जिले में पुलिस और प्रशासन का एक बेहद मानवीय और संवेदनशील चेहरा सामने आया। जिले के नजीबाबाद क्षेत्र में स्थित Premdham Ashram Bijnor में मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) राजभूषण सिंह रावत और बिजनौर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) कृष्ण कुमार विश्नोई ने संयुक्त रूप से दौरा किया। इस दौरान दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने आश्रम में निवास कर रहे दिव्यांगजनों से आत्मीय संवाद कर उनका कुशलक्षेम जाना।

दिव्यांगजनों के साथ बिताया समय, जानीं समस्याएं अधिकारियों ने प्रेमधाम आश्रम पहुंचते ही सबसे पहले वहां रह रहे दिव्यांगजनों के बीच जाकर उनसे मुलाकात की। उन्होंने बेहद अपनत्व के साथ सभी से बातचीत करते हुए उनके स्वास्थ्य, दैनिक दिनचर्या और कुशलक्षेम के बारे में विस्तार से जानकारी ली। दोनों अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि आश्रम में रहने वाले किसी भी व्यक्ति को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। दिव्यांगजनों ने भी अधिकारियों को अपने बीच पाकर खुशी जाहिर की और बेझिझक अपने अनुभव उनके साथ साझा किए।

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बुनियादी सुविधाओं और व्यवस्थाओं का किया सघन निरीक्षण दिव्यांगजनों से सीधे संवाद के बाद, एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई और सीएम के ओएसडी राजभूषण सिंह रावत ने आश्रम परिसर का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने दिव्यांगजनों को दी जा रही बुनियादी सुविधाओं— जैसे भोजन की गुणवत्ता, पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा सुविधाओं और रहने के प्रबंध का बारीकी से जायजा लिया। मौसम में आ रहे बदलाव को देखते हुए अधिकारियों ने आश्रम प्रबंधन से सर्दियों के अनुकूल आवश्यक प्रबंधों और चिकित्सा व्यवस्था को लेकर भी विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

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'देखभाल सिर्फ काम नहीं, सम्मान और संवेदनशीलता का भाव है' निरीक्षण के दौरान दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रेमधाम आश्रम के प्रबंधन व वहां तैनात कर्मचारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक भी की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि दिव्यांगजनों और निराश्रितों की देखभाल करना केवल एक ड्यूटी नहीं है, बल्कि यह एक पुनीत मानवीय जिम्मेदारी है। अधिकारियों ने जोर देते हुए कहा कि दिव्यांगों के प्रति हमेशा संवेदनशीलता, सम्मान और सहयोग की भावना बनाए रखनी चाहिए। उनकी हर छोटी-बड़ी आवश्यकताओं को पूरी प्राथमिकता के साथ सुना और पूरा किया जाना चाहिए, जिससे उन्हें समाज की मुख्यधारा से जुड़े होने का अहसास हो।

कम्युनिटी पुलिसिंग और सरकार की सकारात्मक पहल प्रेमधाम आश्रम बिजनौर और आस-पास के क्षेत्रों में दिव्यांगजनों और निराश्रितों के लिए एक महत्वपूर्ण आश्रय स्थल के रूप में अपनी सेवाएं दे रहा है। यह दौरा यूपी पुलिस की 'कम्युनिटी पुलिसिंग' और प्रशासन की जवाबदेही का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। अक्सर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में व्यस्त रहने वाली पुलिस का यह मानवीय रूप जनता के बीच एक सकारात्मक संदेश दे रहा है।

वहीं, मुख्यमंत्री के ओएसडी की उपस्थिति यह दर्शाती है कि राज्य सरकार जमीनी स्तर पर चल रही कल्याणकारी संस्थाओं और वहां रह रहे जरूरतमंदों की सीधे तौर पर मॉनिटरिंग कर रही है। स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों ने भी अधिकारियों के इस औचक लेकिन संवेदनशील दौरे का स्वागत किया है। उनका मानना है कि आला अधिकारियों के ऐसे निरीक्षणों से न सिर्फ आश्रमों की व्यवस्थाओं में सुधार होता है, बल्कि वहां कार्यरत कर्मचारियों का भी मनोबल बढ़ता है।

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