मेरठ. उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में पुलिस और स्वाट (SWAT) टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। Meerut Arms Factory Busted मामले में देहात स्वाट टीम और भावनपुर पुलिस ने इंचौली थाना क्षेत्र की आशियाना कॉलोनी में चल रही अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो हथियारों के निर्माण के साथ-साथ उनकी सप्लाई का काम भी करते थे।

मुठभेड़ के बाद हुआ फैक्ट्री का खुलासा मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) बीबी जीटीएस मूर्ति ने पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि स्वाट टीम को लू बक्सर मोड़ के पास अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त की पुख्ता सूचना मिली थी। इसके बाद स्वाट टीम ने भावनपुर पुलिस को साथ लेकर इलाके में घेराबंदी की। खुद को घिरता देख आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को मौके से धर दबोचा। पूछताछ के दौरान इन्हीं दोनों आरोपियों ने इंचौली थाना क्षेत्र की आशियाना कॉलोनी में चल रही अवैध शस्त्र फैक्ट्री की जानकारी दी।

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फैक्ट्री से भारी मात्रा में हथियार और उपकरण बरामद पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस टीमों ने आशियाना कॉलोनी स्थित एक मकान पर दबिश दी। वहां से हथियार तैयार कर रहे तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने मकान से 315 बोर के 6 तैयार तमंचे, 11 अर्धनिर्मित तमंचे, कई कारतूस और हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले तमाम उपकरण बरामद किए हैं। बरामद अर्धनिर्मित तमंचों से स्पष्ट हो गया कि इस मकान का इस्तेमाल पूरी तरह से अवैध हथियारों के निर्माण के लिए किया जा रहा था।

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इन पांच आरोपियों की हुई गिरफ्तारी पुलिस ने इस मामले में निम्नलिखित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है:

  1. सलीमुद्दीन पुत्र रज्जाक (निवासी: अहमदनगर बढ़ला, थाना किला परीक्षितगढ़)

  2. संतरपाल पुत्र बोदल सिंह (निवासी: मुबारकपुर, थाना भावनपुर)

  3. मेहराजुद्दीन पुत्र मुंशी (निवासी: अहमदनगर बढ़ला, हाल निवासी: आशियाना कॉलोनी, इंचौली)

  4. सारून पुत्र इशाक (निवासी: जई, थाना भावनपुर)

  5. राशिद पुत्र मेहराजुद्दीन (निवासी: अहमदपुर बढ़ला, थाना किला परीक्षितगढ़)

सप्लाई चेन खंगालने में जुटी पुलिस अवैध हथियारों की फैक्ट्री पकड़े जाने के बाद अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह पता लगाना है कि ये तमंचे कहां-कहां और किन अपराधियों को सप्लाई किए जा रहे थे। पुलिस आरोपियों के कॉल डिटेल्स, उनके आपराधिक संपर्कों और हथियारों के संभावित खरीदारों से जुड़े पहलुओं की गहन जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि हथियार बनाने का कच्चा माल इन्हें कहां से मिल रहा था।

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