Chandrashekhar Azad News: नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद का एक वीडियो सामने आया है। इसमें वह तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर के बोनट पर आगे की विंडशील्ड के सहारे बैठे दिखाई दे रहे हैं। वहीं, गाड़ी के गेट पर कई पुलिसकर्मी लटके नजर आ रहे हैं। काफिले की अन्य गाड़ियां भी आगे-पीछे चलती दिख रही हैं। वीडियो सामने आने के बाद सांसद ने सफाई देते हुए कहा कि काफिले में भीड़ अधिक होने और जाम लगने के कारण उन्हें खुद गाड़ी के ऊपर बैठकर लोगों से रास्ता खाली करने की अपील करनी पड़ी।
बताया जा रहा है कि करीब 15 सेकेंड का यह वीडियो 29 सितंबर का है। उस दिन चंद्रशेखर आजाद संभल जिले के चंदौसी में जनसभा में शामिल हुए थे। वीडियो में काफिले की गाड़ियों के साथ समर्थकों की भीड़ भी दिखाई देती है। हालांकि, केवल वीडियो के आधार पर गाड़ी की सटीक रफ्तार या घटना से जुड़ी सभी परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की जा सकती।

चंदौसी की जनसभा से लौटते समय का बताया जा रहा वीडियो
जानकारी के मुताबिक, 29 सितंबर को चंदौसी में आजाद समाज पार्टी का कार्यक्रम आयोजित हुआ था। इसमें चंद्रशेखर आजाद अपने समर्थकों के साथ पहुंचे थे। जनसभा के बाद जब वह वहां से निकले तो समर्थकों की कई गाड़ियां उनके काफिले के साथ चलने लगीं। इसी दौरान सड़क पर जाम लगने की बात सामने आई।
वायरल वीडियो में सांसद फॉर्च्यूनर के बोनट पर बैठे दिखाई देते हैं। उनके वाहन के गेट पर पुलिसकर्मी लटके नजर आ रहे हैं। काफिले में आगे और पीछे अन्य गाड़ियां भी चल रही हैं। वीडियो में सुरक्षा से जुड़े लोग दूसरी गाड़ियों को धीमी गति से चलने का इशारा करते दिखाई देते हैं।
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सांसद ने कहा- भीड़ के कारण लग गया था जाम
वीडियो सामने आने के बाद चंद्रशेखर आजाद ने गुरुवार को बिजनौर में इस मामले पर अपनी सफाई दी। सांसद के मुताबिक, चंदौसी में जनसभा खत्म होने के बाद उनकी गाड़ी के आगे जाम लग गया था। पुलिस भीड़ को हटाकर रास्ता खुलवाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन वहां मौजूद लोगों को संभालने में परेशानी हो रही थी।
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि वहां बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद थीं। उनके अनुसार, पुलिस उनकी मौजूदगी के कारण डंडा भी नहीं चला पा रही थी। ऐसे में रास्ता खाली कराने के लिए उन्हें गाड़ी के ऊपर बैठकर लोगों से अपील करनी पड़ी। सांसद ने बताया कि उन्होंने लोगों से हाथ जोड़कर रास्ता देने को कहा, जिसके बाद जाम खुल सका।
बोले- किसी की जान जाम में नहीं फंसनी चाहिए
सांसद ने अपनी सफाई में कहा कि सड़क पर जाम लगने से आम लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। उनके मुताबिक, अगर कोई बीमार व्यक्ति अस्पताल जा रहा हो और जाम में फंस जाए, तो उसकी जान खतरे में पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहते कि उनके समर्थकों या किसी अन्य व्यक्ति की जान मुसीबत में पड़े।
हालांकि, भीड़ को हटाने के लिए बोनट पर बैठना और चलती गाड़ी के बाहरी हिस्से पर लोगों का लटके रहना सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करता है। ऐसी स्थिति में वाहन में सवार लोगों, पुलिसकर्मियों और सड़क पर मौजूद अन्य लोगों को चोट लगने का जोखिम हो सकता है। सांसद की सफाई उनके बताए कारणों को सामने रखती है; वीडियो में दिखाई देने वाली परिस्थितियों और जिम्मेदारी के संबंध में अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच या पुलिस की आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही निकाला जा सकता है।
एसपी बोले- संभल पुलिस कर सकती है कार्रवाई
इस मामले पर बिजनौर के एसपी केके विश्नोई ने स्पष्ट किया कि यह घटना बिजनौर जिले की नहीं है। उनके अनुसार, वीडियो चंदौसी का बताया जा रहा है। ऐसे में मामले से संबंधित कार्रवाई संभल पुलिस के अधिकार क्षेत्र में आ सकती है।
फिलहाल, उपलब्ध जानकारी में संभल पुलिस की ओर से किसी कार्रवाई की पुष्टि नहीं है। घटना की परिस्थितियों, काफिले की आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
Sabse pehle comment karne wale banein.