उत्तर प्रदेश के बिजनौर (Bijnor) जिले में तेज रफ्तार और अनियंत्रित ड्राइविंग का कहर राहगीरों के लिए लगातार जानलेवा साबित हो रहा है। बिजनौर के व्यस्ततम चांदपुर-गजरौला मुख्य मार्ग पर वागड़पुर के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा (Road Accident) सामने आया है, जिसमें एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल और एक अन्य वाहन (माहे) के बीच आमने-सामने की जोरदार भिड़ंत हो गई। इस भयानक हादसे में बाइक सवार दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। स्थानीय ग्रामीणों और मौके पर मुस्तैद ट्रैफिक पुलिस की सूझबूझ से घायलों को समय रहते अस्पताल पहुंचाया जा सका, जिससे उनकी जान बच सकी। हालांकि, दोनों की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर मुरादाबाद (Moradabad) रेफर कर दिया है।

वागड़पुर के पास हुई जोरदार भिड़ंत

बिजनौर से संवाददाता शकील अहमद की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, यह भीषण हादसा चांदपुर-गजरौला रोड (Chandpur-Gajraula Road) पर स्थित वागड़पुर गांव के समीप हुआ। बताया जा रहा है कि दोनों युवक अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर किसी निजी काम से जा रहे थे। वागड़पुर के पास पहुंचते ही सामने से आ रहे एक वाहन (माहे) ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।

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टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मोटरसाइकिल के परखच्चे उड़ गए और दोनों युवक हवा में उछलकर दूर सड़क पर जा गिरे। हादसे के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और दोनों युवक खून से लथपथ होकर सड़क पर तड़पने लगे।

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संभल और बदायूं के रहने वाले हैं घायल

सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायलों की शिनाख्त की। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए पहले व्यक्ति की पहचान शाहीद (पुत्र अल्लमउद्दीन) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से ग्राम जनहेटा, तहसील चंदौसी, जनपद संभल (Sambhal) का निवासी है।

वहीं, दूसरे घायल व्यक्ति की पहचान कर्रामुद्दीन (पुत्र जहांगीर) के रूप में हुई है, जो जनपद बदायूं (Badaun) के पीपलया इलाके का रहने वाला है। हादसे की खबर मिलते ही पुलिस ने उनके पास मिले पहचान पत्रों और मोबाइल फोन के जरिए उनके परिजनों को सूचित कर दिया है।

स्थानीय लोगों और ट्रैफिक इंस्पेक्टर ने दिखाई इंसानियत

अक्सर सड़क हादसों में देखा जाता है कि लोग मदद करने के बजाय वीडियो बनाने लगते हैं, लेकिन वागड़पुर हादसे में स्थानीय लोगों ने इंसानियत की बेहतरीन मिसाल पेश की। घटना के तुरंत बाद डॉक्टर दिनेश तोमर, शोभित गुर्जर, मुकेश लांबा, पुष्पेंद्र, संदीप, बिल्ला और पुलकित शर्मा समेत कई राहगीर घायलों की मदद के लिए दौड़ पड़े।

इसी दौरान, गश्त पर निकले बिजनौर पुलिस के ट्रैफिक इंस्पेक्टर (Traffic Inspector) रवि नैन भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बिना समय गंवाए स्थानीय लोगों की मदद से दोनों खून से लथपथ घायलों को तुरंत एक वाहन में लिटाया और उन्हें चांदपुर स्थित 'जीवन ज्योति नर्सिंग होम' (Jeevan Jyoti Nursing Home) पहुंचाया। ट्रैफिक इंस्पेक्टर की इस त्वरित कार्रवाई की वजह से घायलों को दुर्घटना के 'गोल्डन आवर' (Golden Hour) में मेडिकल सहायता मिल सकी।

हालत नाजुक होने पर मुरादाबाद रेफर

जीवन ज्योति नर्सिंग होम, चांदपुर में डॉक्टरों की टीम ने तुरंत दोनों घायलों को प्राथमिक उपचार (First Aid) देना शुरू किया। अत्यधिक रक्तस्राव और सिर व शरीर के अन्य हिस्सों में आई गंभीर अंदरूनी चोटों के कारण दोनों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी।

डॉक्टरों ने स्थिति की गंभीरता का आकलन करते हुए प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को तुरंत बेहतर और एडवांस इलाज के लिए हायर सेंटर, मुरादाबाद (Higher Center, Moradabad) रेफर कर दिया है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को कब्जे में लेकर सड़क से हटवा दिया है और यातायात को सुचारू कर दिया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह हादसा किस वाहन की लापरवाही के कारण हुआ था। वहीं, घायलों के परिजन बदहवास हालत में मुरादाबाद के लिए रवाना हो चुके हैं।

 

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