नई दिल्ली: देश के मौसम में इन दिनों एक बड़ा और अप्रत्याशित बदलाव देखने को मिल रहा है। आमतौर पर अप्रैल का महीना आते ही उत्तर भारत में तापमान तेजी से बढ़ने लगता है और गर्म हवाएं चलने लगती हैं। लेकिन इस साल अप्रैल के शुरुआती दिनों में ही आसमान से आफत बरस रही है। एक के बाद एक सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) ने पूरे उत्तर और मध्य भारत के मौसम तंत्र को झकझोर कर रख दिया है।Read also:-मेरठ गंगा हादसे में रुला देने वाला अपडेट: उफनती नदी से मिले अभिषेक, दीपांशु और प्रियांशु के शव; 3 चिराग बुझने से जलालपुर में कोहराम, चौथे की तलाश जारी
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भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा सैटेलाइट इमेजरी और बुलेटिन के अनुसार, 5 अप्रैल से मौसम का रौद्र रूप देखने को मिलेगा। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और पश्चिम बंगाल के गंगा-तटीय इलाकों के साथ-साथ पहाड़ी राज्यों (हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर) में भयंकर आंधी, बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। अचानक आए इस मौसमी बदलाव ने न केवल आम जनजीवन को प्रभावित किया है, बल्कि खेतों में खड़ी गेहूं की पकी हुई फसल को लेकर किसानों की चिंताएं भी चरम पर पहुंचा दी हैं। आइए राज्यवार जानते हैं आगामी दिनों के मौसम का विस्तृत हाल।
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उत्तर प्रदेश (UP): इन जिलों में मचेगा तूफान का कहर

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उत्तर प्रदेश के निवासियों को इस बेमौसम बरसात से सबसे ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। मौसम विभाग ने यूपी के एक बड़े हिस्से में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। आईएमडी की रिपोर्ट के अनुसार, राजधानी लखनऊ के साथ-साथ पश्चिमी यूपी और बुंदेलखंड के कई जिले इसकी चपेट में आएंगे। इनमें प्रमुख रूप से सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, बुलंदशहर, फिरोजाबाद, हाथरस (महामायानगर), हरदोई और कानपुर शामिल हैं। वहीं बुंदेलखंड क्षेत्र के महोबा, झांसी, जालौन और हमीरपुर में भी तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश होने की पूरी संभावना है। तेज आंधी के कारण कच्चे मकानों और होर्डिंग्स को नुकसान पहुंच सकता है।
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दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR): अभी और सताएगा बदलता मौसम

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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इससे सटे एनसीआर (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद) के इलाकों में पिछले कुछ दिनों से आसमान में काले बादलों का डेरा है। ठंडी हवाओं ने लोगों को फिर से हल्के गर्म कपड़े निकालने पर मजबूर कर दिया है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि दिल्ली-एनसीआर में 8 अप्रैल तक मौसम इसी तरह अस्थिर रहेगा। 5 और 6 अप्रैल को दिन के समय कुछ इलाकों में मौसम साफ रहने और धूप निकलने की उम्मीद है, लेकिन 7 और 8 अप्रैल को एक नया सिस्टम सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से दिल्ली में फिर से घने बादल छाएंगे और गरज-चमक के साथ बौछारों का नया सिलसिला शुरू हो जाएगा।
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राजस्थान: आंधी, ओले और 50 KMPH की रफ्तार वाली हवाएं

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रेगिस्तानी राज्य राजस्थान में मौसम सबसे ज्यादा कहर बरपाने वाला है। 5 से 7 अप्रैल के बीच पूरे राज्य में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आएगा। आईएमडी ने बीकानेर, जोधपुर, जयपुर, अजमेर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभागों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है। इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने और भारी बारिश की संभावना है। जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि 4 अप्रैल को आए भीषण तूफान के बाद, अब 7 अप्रैल से एक और अधिक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ राजस्थान में एंट्री करेगा। इससे शेखावाटी क्षेत्र सहित कई जगहों पर छिटपुट ओलावृष्टि (Hailstorm) भी हो सकती है, जो रबी की फसलों के लिए बेहद नुकसानदेह साबित होगी।
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मध्य प्रदेश (MP) और बिहार: बारिश ने बढ़ाई टेंशन

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मध्य भारत और पूर्वी भारत भी इस मौसमी उठापटक से अछूते नहीं हैं:
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    मध्य प्रदेश का हाल: एमपी में 5 अप्रैल से मौसम तेजी से करवट लेगा। भोपाल, सतना, कटनी, दमोह, पन्ना, छतरपुर, मोरेना, निवाड़ी और बैतूल जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलेंगी, जिससे दिन के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी।
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    बिहार का मौसम: बिहार के किसानों और आम जनता के लिए भी चेतावनी है। मौसम विभाग ने पटना, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, भोजपुर, गया, रोहतास, कैमूर और औरंगाबाद जिलों में आने वाले कुछ दिनों में मध्यम से भारी बारिश की प्रबल संभावना जताई है।
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पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और भूस्खलन (Landslide) का खतरा

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मैदानी इलाकों में जहां बारिश और तूफान का खतरा है, वहीं पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और लैंडस्लाइड की चेतावनी ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है:
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    उत्तराखंड: देवभूमि उत्तराखंड में 5 अप्रैल को भयंकर मौसमी गतिविधियां देखने को मिलेंगी। यहां 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तूफानी हवाओं के साथ भारी बारिश का अलर्ट है। नैनीताल, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, चंपावत, उधम सिंह नगर और टिहरी गढ़वाल में मौसम विभाग ने कड़ी चेतावनी जारी की है।
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    हिमाचल प्रदेश: 5 अप्रैल की शाम से ही मैदानी जिलों (ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर) से लेकर मध्य पहाड़ी इलाकों (कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, शिमला) में गरज-चमक के साथ आसमानी बिजली गिरने का अलर्ट है। 8 अप्रैल को आने वाले नए विक्षोभ से ऊंचाई वाले इलाकों में अप्रैल के महीने में भी बर्फबारी (Snowfall) देखने को मिलेगी।
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    जम्मू-कश्मीर: घाटी में 5 से 15 अप्रैल तक लंबा मौसमी व्यवधान रहेगा। 8 और 9 अप्रैल को भारी बारिश और बर्फबारी की चेतावनी है। मौसम विभाग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि भारी बारिश के कारण कुछ संवेदनशील पहाड़ी रास्तों पर अचानक बाढ़ (Flash Flood), पत्थर गिरने (Shooting Stones) और भूस्खलन (Landslide) की घटनाएं हो सकती हैं। पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
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किसानों के लिए खबरीलाल की विशेष सलाह: वर्तमान समय गेहूं, सरसों और चने की फसल की कटाई का है। इस बेमौसम आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से पकी हुई फसलों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे कटी हुई फसल को तुरंत सुरक्षित और ढके हुए स्थानों पर पहुंचाएं तथा मौसम साफ होने तक खेतों में सिंचाई या कीटनाशकों का छिड़काव रोक दें।
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