नई दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और कथित वोट चोरी के आरोपों को लेकर विपक्षी गठबंधन ने शुक्रवार (9 अक्टूबर 2026) को एक बड़ा Opposition March निकाला। राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और ममता बनर्जी सहित 10 सांसदों के एक विशेष प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। विपक्ष ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने की पुरजोर मांग की है।

संसद से राष्ट्रपति भवन तक मार्च विपक्षी सांसदों ने सबसे पहले पुराने संसद भवन के सेंट्रल हॉल में करीब एक घंटे तक रणनीति पर चर्चा की। इसके बाद नेताओं ने संसद से राष्ट्रपति भवन तक पैदल मार्च किया। प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात के दौरान बाकी विपक्षी सांसद विजय चौक पर धरने पर बैठे रहे।

लगातार चौथा प्रदर्शन विपक्षी दल चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर लगातार सड़कों पर हैं। पिछले चार दिनों में चुनाव आयुक्त के खिलाफ यह उनका तीसरा मार्च था।

  • 6 अक्टूबर: सेव डेमोक्रेसी मार्च निकाला गया।

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  • 7 अक्टूबर: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए जाते समय नेताओं को रोका गया।

  • 8 अक्टूबर: कनॉट प्लेस से राजघाट तक विरोध मार्च हुआ।

सुप्रीम कोर्ट जाएगा विपक्ष: राहुल गांधी राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने दावा किया कि पूरे देश को पता है कि वोट चोरी हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस वोट चोरी को अंजाम दे रहे हैं। राहुल ने कहा कि राष्ट्रपति ने उनके दावों का खंडन नहीं किया है और सबूत मांगे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विपक्षी गठबंधन अब सोमवार को इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा।

सेंट्रल हॉल में मीटिंग के बाद राहुल समेत सभी विपक्षी सांसद बाहर निकले।

राष्ट्रपति ने दिया जांच का भरोसा राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बताया कि राष्ट्रपति ने उनकी बातों को बेहद गंभीरता से सुना है। दोनों नेताओं के मुताबिक, राष्ट्रपति ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए उचित कदम उठाने और संबंधित पक्षों से चर्चा कर मामले की विस्तृत जांच का आश्वासन दिया है। विपक्ष अब कथित चुनावी धांधली से जुड़े सबूत जुटाकर जल्द ही राष्ट्रपति को सौंपेगा।

अन्य विपक्षी नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया इस मार्च के दौरान कई अन्य नेताओं ने भी मौजूदा चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए:

  • गौरव गोगोई: कांग्रेस सांसद ने कहा कि यह लड़ाई विचारधारा से ऊपर उठकर हर व्यक्ति के वोट का अधिकार बचाने की है। चुनावी प्रक्रिया को बदनाम करने वाले लोग देशद्रोही हैं।

  • पवन खेड़ा: उन्होंने राष्ट्रपति भवन को लोकतंत्र का आखिरी प्रहरी बताते हुए कहा कि संविधान और लोकतंत्र संकट में हैं।

  • राजीव शुक्ला: कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग एक विशेष पार्टी को सत्ता में बनाए रखने के लिए लोगों के वोट चुरा रहा है।

  • डीके शिवकुमार: कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने मौजूदा सरकार को बर्खास्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि हालिया चुनावी जीतें अवैध हैं और चुनाव आयुक्त को तत्काल हटाया जाना चाहिए।

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