मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा 10 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर राजधानी में हाई अलर्ट है। Delhi CJP Protest से ठीक एक दिन पहले दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन को अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया है। हालात को देखते हुए 57 मेट्रो स्टेशनों को बंद करने का निर्णय लिया गया है और कई राज्यों से नई दिल्ली आने वाली दर्जनों एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है।
पुलिस ने क्यों नहीं दी प्रदर्शन की अनुमति? दिल्ली पुलिस की जॉइंट कमिश्नर नूपुर प्रसाद ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि जंतर-मंतर पर किसी भी तरह के धरने या प्रदर्शन की परमिशन नहीं दी गई है। पुलिस के अनुसार, सीजेपी ने 7 अक्टूबर को प्रदर्शन की सूचना दी थी, जबकि तय गाइडलाइन के तहत 10 दिन पहले आवेदन करना अनिवार्य है। इसके साथ ही क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई है, जिसके तहत 5 या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर सख्त पाबंदी है।
2020 दंगों के बाद सबसे बड़ी सुरक्षा तैनाती प्रस्तावित प्रदर्शन को रोकने के लिए दिल्ली में 2020 के दंगों के बाद सबसे बड़ा सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है। राजधानी में 26 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं, जिनमें लगभग 15 हजार पैरामिलिट्री (RAF) के जवान शामिल हैं। जंतर-मंतर, जनपथ और टॉलस्टॉय मार्ग पर भारी पुलिस बल तैनात है।
पुलिस होटलों और गेस्ट हाउसों में सघन चेकिंग अभियान चला रही है। विशेषकर 8 से 11 अक्टूबर के बीच ठहरने वाले 20 से 30 वर्ष के युवाओं से पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंड और एयरपोर्ट पर भी पुलिस बड़े समूहों की बारीकी से जांच कर रही है। मध्य प्रदेश के इटारसी रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने दिल्ली आ रहे सीजेपी के 15 कार्यकर्ताओं (3 युवतियां और 12 युवक) को ट्रेन से उतारकर हिरासत में ले लिया है।
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यातायात ठप: मेट्रो स्टेशन बंद, दर्जनों ट्रेनें रद्द प्रशासन ने एहतियात के तौर पर 10 अक्टूबर को दिल्ली के 57 मेट्रो स्टेशनों को बंद रखने का आदेश दिया है। वहीं, रेलवे ने नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन आने वाली कई प्रमुख ट्रेनों को उनके शुरुआती स्टेशनों से ही रद्द कर दिया है:
उत्तर प्रदेश (10 ट्रेनें): शताब्दी एक्सप्रेस, प्रयागराज एक्सप्रेस, हमसफर एक्सप्रेस, श्रमशक्ति एक्सप्रेस, यूपी संपर्क क्रांति, इंटरसिटी एक्सप्रेस, शिव गंगा एक्सप्रेस, बनारस-नई दिल्ली सुपरफास्ट, कासगंज-नई दिल्ली और तेजस एक्सप्रेस।
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विज्ञापन · स्थानीय दुकानों की ताज़ा स्कीम · स्वाइप करें →सभी ऑफर देखें →बिहार (4 ट्रेनें): मगध एक्सप्रेस, तेजस राजधानी, संपूर्ण क्रांति और अमृत भारत एक्सप्रेस।
मध्य प्रदेश (3 ट्रेनें): जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन सुपरफास्ट, महाकौशल एक्सप्रेस और एमपी संपर्क क्रांति एक्सप्रेस।
राजस्थान और हरियाणा (7 ट्रेनें): सिरसा-तिलक ब्रिज, उदयपुर सिटी-हजरत निजामुद्दीन (दोनों दिशाओं से), श्रीगंगानगर-तिलक ब्रिज (दोनों दिशाओं से) और भिवानी-तिलक ब्रिज (दोनों दिशाओं से) रद्द की गई हैं।
मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा ट्रेन-मेट्रो और इंटरनेट बंद किए जाने की आशंकाओं के खिलाफ वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। सिब्बल ने अदालत में दलील दी कि ट्रेनें और मेट्रो स्टेशन बंद होने से आम जनता को भारी परेशानी हो रही है और यह एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन है। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, "यह हमारा देश है।" इसके जवाब में सिब्बल ने कहा, "जब मैं अपने देश की बात करता हूं, तो मेरा मतलब आपके देश से भी है।"
सीजेपी नेताओं का आरोप- 'सरकार डर गई है' सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दावा किया है कि प्रदर्शन से पहले देशभर में उनके कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 19 शांतिपूर्ण प्रदर्शन का मौलिक अधिकार देता है। दीपके ने चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए कहा कि जब 13 करोड़ वोटरों के नाम काटे गए, तब क्या अनुमति ली गई थी? वहीं, पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास ने आरोप लगाया कि सरकार डर गई है और उसने खुद ही राजधानी में बंद जैसे हालात पैदा कर दिए हैं।
क्या है विवाद की जड़? द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ यह विरोध 'SIR' (स्पेशल आइडेंटिफिकेशन रिक्वायरमेंट) से जुड़े विवाद को लेकर है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में SIR से जुड़े फैसलों, वोटर लिस्ट के प्रबंधन, फॉर्म-6 में बदलाव और चुनावी डेटा सॉफ़्टवेयर को लेकर 14 बार अपनी आपत्तियां दर्ज कराई थीं। उनका आरोप था कि कई अहम फैसले उनकी जानकारी या सिफारिश के बिना लिए गए हैं। इसी मामले को लेकर सीजेपी मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर अड़ी है।
Sabse pehle comment karne wale banein.