उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल चुका है और ठंड ने अपनी औपचारिक दस्तक दे दी है। UP Weather Update के अनुसार, राज्य भर में सुबह और शाम के समय हल्की ठिठुरन साफ महसूस की जाने लगी है। बुधवार की सुबह राजधानी लखनऊ, बरेली, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज और संभल समेत लगभग 10 शहरों में घना कोहरा छाया रहा। कोहरे का प्रभाव इतना अधिक था कि कई प्रमुख जगहों पर विजिबिलिटी घटकर महज 50 मीटर तक रह गई। वहीं, ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी खराब रही, जहां 10 मीटर से दूर देखना वाहन चालकों के लिए बेहद मुश्किल हो गया। दिन में धूप का असर कम होने के कारण अब गर्मी का अहसास लगभग खत्म हो गया है।

तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो पश्चिमी यूपी में सर्दी का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। प्रदेश में मंगलवार की रात मुजफ्फरनगर सबसे ठंडा शहर दर्ज किया गया, जहां न्यूनतम तापमान 15.3 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। इसके साथ ही, मेरठ, हरदोई और बरेली समेत प्रदेश के 20 शहरों में रात का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच चुका है। राजधानी लखनऊ में रात का पारा 19.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों जैसे बिजनौर और मुरादाबाद में भी सुबह के वक्त कोहरे और ठंडी हवाओं ने लोगों को गर्म कपड़े निकालने पर मजबूर कर दिया है। कानपुर में आसमान साफ है, लेकिन सर्द हवाओं से ठंडक महसूस हो रही है। वाराणसी में भी सुबह कोहरा छाने के बाद अब मौसम साफ है।

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दूसरी तरफ, ठंड बढ़ने के साथ ही एनसीआर (NCR) क्षेत्र में हवा की गुणवत्ता तेजी से बिगड़ने लगी है। गाजियाबाद, नोएडा, हापुड़ और बागपत जैसे जिलों में वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक श्रेणी में पहुंच गया है। UP Weather Update के तहत नोएडा की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित दर्ज की गई, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 405 पर पहुंच गया। बाकी शहरों में भी AQI 300 के पार जाकर 'रेड जोन' (खराब श्रेणी) में दर्ज हुआ है। प्रदूषण और आसमान में छाई धुंध की मोटी परत को देखते हुए पूरे एनसीआर में तत्काल प्रभाव से ग्रेप-2 (GRAP-2) लागू कर दिया गया है।

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ग्रेप-2 के नियमों के तहत वायु प्रदूषण रोकने के लिए कई सख्त कदम उठाए गए हैं। नगर निगम द्वारा सड़कों पर उड़ने वाली धूल को रोकने के लिए लगातार पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। खुले में कचरा जलाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। इसके अलावा, डीजल से चलने वाले इंजनों और जनरेटरों पर पाबंदी लगाई गई है। होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट के तंदूर में कोयला या लकड़ी जलाने पर भी प्रतिबंध है। तारकोल से सड़क बनाने जैसे निर्माण कार्यों पर भी पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।

मौसम के आगामी पूर्वानुमान को लेकर वाराणसी बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया है कि बंगाल की खाड़ी से उठे नए तूफान का यूपी पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, राज्य के कुछ हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। अनुमान है कि दिवाली वाले हफ्ते में ठंड का प्रकोप और बढ़ेगा तथा सुबह के वक्त घना कोहरा बना रहेगा। इसी बीच, 'अर्नब' तूफान के कारण हुई लगातार बारिश से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे गंभीरता से लेते हुए सभी जिलाधिकारियों को फील्ड में उतरकर तत्काल नुकसान का आकलन करने और किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं।

मौसम में आए इस बदलाव और नमी की स्थिति को देखते हुए कृषि विभाग ने रबी फसलों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे गेहूं, चना, मटर और सरसों की बुवाई के दौरान जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें। गेहूं की फसल में शुरुआती बढ़वार के समय पर्याप्त नमी जरूरी है, लेकिन जलभराव से बचें। सरसों की फसल में कोहरे के कारण सफेद रतुआ और फफूंद रोगों का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए खेतों की नियमित निगरानी करें। आलू में झुलसा रोग से बचाव के लिए पत्तियों की जांच करते रहें, जबकि मटर और चना के खेतों में अत्यधिक नमी से जड़ों को होने वाले नुकसान से बचने के लिए जल निकासी पूरी तरह दुरुस्त रखें।

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