UP BJP Controversy: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (Prayagraj) में विश्विद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अंदर ही एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) के एक कार्यक्रम में UGC के 'इक्विटी नियमों' पर सवाल पूछना एक बीजेपी कार्यकर्ता को इतना भारी पड़ गया कि उसे सरेआम थप्पड़ खानी पड़ी। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल (Viral Video) हो रहा है, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी बीजेपी पार्षद के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है।

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​कार्यक्रम में कैसे शुरू हुआ हंगामा?

जानकारी के अनुसार, रविवार को प्रयागराज के परेड ग्राउंड में बीजेपी का 'प्रबुद्ध सम्मेलन' (Prabuddh Sammelan) आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य भी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे।

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जब केशव मौर्य मंच से कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे, तभी दर्शक दीर्घा में मौजूद बीजेपी कार्यकर्ता रोहित तिवारी उर्फ काका और एक अन्य व्यक्ति ने हाल ही में जारी हुए UGC विनियम 2026 को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए। दोनों ने खड़े होकर केशव मौर्य से तेज आवाज में पूछा:

​"आप हमारे मुद्दे पर कब बोलेंगे? कृपया UGC के बारे में बोलिए।"

​केशव मौर्य ने कहा- "अभी चुप रहो, सब बोलूंगा"

भाषण के बीच में हुए इस व्यवधान से डिप्टी सीएम नाराज नजर आए। उन्होंने मंच से ही उन लोगों को शांत कराते हुए कहा, "अभी आप चुप रहो, बैठ जाओ। मैं सब कुछ बोलूंगा। मैं कोई चीज बोलने से कभी नहीं रुकता हूं।"

इस बातचीत और बढ़ते शोर-शराबे को देखते हुए कार्यक्रम स्थल पर मौजूद पुलिसकर्मियों (Police) ने तुरंत हस्तक्षेप किया और दोनों व्यक्तियों को वहां से बाहर निकाल दिया। लेकिन विवाद यहीं नहीं थमा।

​पार्षद ने कार्यकर्ता को जड़ा थप्पड़, FIR दर्ज

आरोप है कि जब पुलिस रोहित तिवारी को बाहर ले जा रही थी, तभी बीजेपी पार्षद विनय मिश्रा (Vinay Mishra) दौड़कर उनकी तरफ आए और रोहित तिवारी को पकड़कर सरेआम थप्पड़ मार दिया।

इस घटना के बाद सोमवार शाम को रोहित तिवारी उर्फ काका ने प्रयागराज के दारागंज थाने (Daraganj Police Station) में जाकर बीजेपी पार्षद विनय मिश्रा के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए पार्षद के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

​BJP विधायक ने अपनी ही पार्टी के पार्षद पर उठाए सवाल

इस पूरे विवाद में एक नया मोड़ तब आया, जब बीजेपी के ही इलाहाबाद उत्तर से विधायक (MLA) हर्षवर्धन बाजपेयी ने पार्षद के इस हिंसक व्यवहार की कड़ी निंदा की और अपनी ही सरकार व पार्टी से पार्षद पर कार्रवाई की मांग कर डाली।

विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी ने सोमवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा:

​"UGC के नए नियमों का विरोध करना हर ब्राह्मण और सवर्ण का हक है। जिन लोगों ने पार्टी नेताओं के सामने अपना नंबर बढ़ाने के लिए अपने ही समाज के लोगों पर हिंसा की है, वे जान लें कि कोई भी अपने बच्चे का नाम विभीषण नहीं रखता है।"

​इस घटना के बाद यूपी बीजेपी के भीतर गुटबाजी और सवर्णों की नाराजगी का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। अब देखना यह होगा कि पार्टी आलाकमान इस विवाद पर क्या कदम उठाता है।

​डिस्क्लेमर (Disclaimer):

यह समाचार प्रयागराज में दर्ज हुई एफआईआर, वायरल वीडियो और बीजेपी नेताओं के सोशल मीडिया बयानों पर आधारित है।

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