उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (Prayagraj) से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पूरे जिले को हैरत में डाल दिया है। प्रयागराज जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक घर में सटीक सूचना के आधार पर छापेमारी कर जमीन के अंदर छिपाकर रखा गया करोड़ों रुपये का भारी-भरकम कैश बरामद किया है। अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को यह कामयाबी हाथ लगी है। यह पूरी रकम 500-500 रुपये के नोटों की गड्डियों के रूप में 3 बड़े नीले ड्रमों में भरकर जमीन में गाड़ दी गई थी। पुलिस ने बरामद किए गए पूरे कैश को सील कर मालखाने में जमा कर दिया है। इस मामले में एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ शुरू कर दी गई है।
'यक्ष' ऐप वेरिफिकेशन और मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई
इस पूरे पुलिस ऑपरेशन और बड़ी जब्ती के बारे में गंगानगर क्षेत्र के डीसीपी (DCP) सोनम कुमार ने विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि पुलिस कमिश्नर के सख्त निर्देशों पर पूरे जिले में चोरों और संदिग्ध अपराधियों के खिलाफ एक सघन अभियान चलाया जा रहा है। इस अहम अभियान के तहत अपराधियों के सत्यापन (Verification) के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस के आधुनिक ‘यक्ष’ (Yaksha) ऐप का लगातार इस्तेमाल किया जा रहा है।
जंतर–मंतर गेम खेलें। पुलिस बनकर कॉकरोचों को पहचानो या आंदोलनकारी बनकर पहुंचो जंतर मंतर। खेलें ▶इसी अभियान के दौरान पुलिस के मुखबिर तंत्र से एक सटीक और खुफिया जानकारी हाथ लगी। सुबह करीब 10:00 बजे पुलिस को यह गुप्त सूचना मिली कि नवाबगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बरईपुर-रामनगर गांव के निवासी दो भाइयों- राजेश यादव और राकेश यादव, के घर में चोरी या किसी अन्य अवैध स्रोत का करोड़ों का कैश जमीन के नीचे दबाकर छिपाया गया है।
वीडियोग्राफी के बीच हुई खुदाई, 3 ड्रम कैश बरामद
सूचना की गंभीरता को देखते हुए, भारी पुलिस बल के साथ एक विशेष टीम ने बिना कोई समय गंवाए बताए गए मकान पर घेराबंदी कर छापेमारी की। पुलिस ने किसी भी तरह के विवाद या कानूनी अड़चन से बचने के लिए पूरी कानूनी प्रक्रिया और पारदर्शिता का सख्ती से पालन किया। इस पूरी तलाशी और खुदाई अभियान की मौके पर ही वीडियोग्राफी भी करवाई गई।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›जब संदिग्ध जगह को चिह्नित कर वहां मजदूरों की मदद से जमीन की खुदाई की गई, तो मिट्टी के नीचे से तीन बड़े नीले रंग के ड्रम बाहर निकाले गए। इन ड्रमों का ढक्कन खोलते ही अधिकारी भी दंग रह गए। ड्रमों के अंदर 500-500 रुपये के नए नोटों की गड्डियां खचाखच भरी हुई थीं। डीसीपी सोनम कुमार ने बताया कि बरामद सभी ड्रमों और उनमें रखे कैश को मौके पर ही सील कर दिया गया है। पूरी रकम को पुलिस मालखाने (एविडेंस लॉकर) में सुरक्षित जमा करा दिया गया है।
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गांव के विवाद से खुला राज, पुणे से जुड़े हैं तार
पुलिस की प्रारंभिक जांच और गांव वालों से पूछताछ में इस मामले को लेकर कई हैरान करने वाले तथ्य सामने आए हैं। यह मकान राकेश यादव और राजेश यादव का है। ग्रामीणों के मुताबिक, ये दोनों भाई पहले महाराष्ट्र के पुणे शहर में रहकर किसी कंपनी में काम करते थे। साल 2020 में कोरोना महामारी के दौरान ये दोनों भाई अचानक अपने गांव लौट आए थे।
गांव लौटने के बाद इन दोनों की जीवनशैली और आर्थिक स्थिति में एकदम से बदलाव आ गया था। उन्होंने गांव में काफी कीमती जमीनें और कृषि कार्य के लिए नए ट्रैक्टर खरीदे थे। इनकी इस बढ़ती दौलत पर लोगों को पहले से ही शक होने लगा था। बताया जा रहा है कि एक दिन पहले गांव में किसी बात को लेकर एक स्थानीय विवाद हुआ था। इसी विवाद के दौरान यह सुराग पुलिस के हाथ लगा था कि इस परिवार के पास घर में भारी नकदी मौजूद है और वे रोजमर्रा के बड़े खर्चों के लिए इसी गड़े हुए खजाने में से थोड़े-थोड़े पैसे निकालते थे।
एक हिरासत में, इनकम टैक्स विभाग अलर्ट
पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इस मामले में एक व्यक्ति को हिरासत में ले लिया है। हिरासत में लिए गए संदिग्ध से पुलिस की विशेष टीम लगातार पूछताछ कर रही है। हालांकि, वह व्यक्ति पुलिस के सवालों के गोलमोल जवाब दे रहा है और रकम के असली स्रोत के बारे में जानकारी छिपाने की कोशिश कर रहा है।
फिलहाल पुलिस ने उक्त मकान को सील कर दिया है और वहां सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात कर दिया है। करोड़ों रुपये के कैश की बरामदगी को देखते हुए पुलिस ने आयकर विभाग (Income Tax Department) को भी अलर्ट कर दिया है। अब पुलिस और जांच एजेंसियां संयुक्त रूप से इस रकम के असली स्रोत और पुणे की उस रहस्यमयी कंपनी की गहराई से पड़ताल में जुट गई हैं, जहां दोनों भाई काम करने का दावा करते थे। पुलिस का मानना है कि यह किसी बड़े हवाला नेटवर्क या डकैती का पैसा हो सकता है।
Sabse pehle comment karne wale banein.