उत्तर प्रदेश के हापुड़ (Hapur) जिले के एक सरकारी स्कूल से बच्चों के निवाले और स्कूल की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। हापुड़ के हसनपुर धौलाना (Dhaulana) स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में मिड-डे मील (Mid Day Meal) योजना में धांधली और विद्यालय के संचालन में गंभीर अनियमितताओं की शिकायत दर्ज की गई है।
इस शिकायत का कड़ा संज्ञान लेते हुए मध्याह्न भोजन प्राधिकरण (Mid Day Meal Authority), उत्तर प्रदेश के निदेशक प्रेम रंजन सिंह ने मेरठ मंडल (Meerut Mandal) के मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) को पत्र भेजकर मामले की विस्तृत जांच (Investigation) और नियमानुसार सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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5 अक्टूबर को शोषित क्रांति दल ने की थी शिकायत
यह पूरा मामला 'शोषित क्रांति दल' के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविकांत की ओर से 5 अक्टूबर 2026 को की गई एक लिखित शिकायत के बाद सामने आया। यह शिकायत प्राधिकरण कार्यालय (MDM Office) को सीधे भेजी गई थी।
शिकायतकर्ता रविकांत ने पूर्व माध्यमिक विद्यालय हसनपुर धौलाना, हापुड़ के प्रभारी प्रधानाध्यापक (Headmaster) मौलाना तस्लीम अली खां के खिलाफ कई संगीन आरोप (Allegations) लगाए हैं। शिकायत में मुख्य रूप से बच्चों को मिलने वाले भोजन, उसकी गुणवत्ता और स्कूल की बुनियादी व्यवस्थाओं को कठघरे में खड़ा किया गया है।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›मिड-डे मील में मिलावट और कम भोजन देने का आरोप
शिकायतकर्ता ने अपने पत्र में स्पष्ट आरोप लगाया है कि स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक द्वारा मिड-डे मील (Hapur Mid Day Meal Scam) योजना में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की जा रही है।
बच्चों को सरकार द्वारा निर्धारित मानक के अनुरूप भोजन नहीं दिया जा रहा है।
भोजन की मात्रा कम है और उसमें मिलावटी खाद्य पदार्थों (Adulterated Food) के इस्तेमाल की भी आशंका जताई गई है, जो सीधे तौर पर बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ है।
जर्जर भवन, घायल छात्रा की अनदेखी और जातीय भेदभाव
शिकायत सिर्फ मिड-डे मील तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यालय की अन्य बुनियादी व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए गए हैं:
शौचालय की कमी: स्कूल में बच्चों और बच्चियों के लिए उचित और साफ शौचालय की व्यवस्था नहीं है।
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विज्ञापन · स्थानीय दुकानों की ताज़ा स्कीम · स्वाइप करें →सभी ऑफर देखें →जर्जर भवन: विद्यालय का भवन अत्यंत जर्जर स्थिति में है, लेकिन हेडमास्टर द्वारा उच्च अधिकारियों (Education Department) को इसकी सूचना देना जरूरी नहीं समझा गया।
इलाज में लापरवाही और भेदभाव: शिकायत में एक घायल छात्रा का इलाज न कराने और स्कूल में विद्यार्थियों के साथ जातीय आधार पर भेदभाव (Caste Discrimination) किए जाने के भी बेहद गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
निदेशक प्रेम रंजन सिंह का एक्शन, जांच के आदेश
शिकायत की गंभीरता को देखते हुए, मध्याह्न भोजन प्राधिकरण के निदेशक प्रेम रंजन सिंह ने 30 अक्टूबर 2026 को एक आधिकारिक पत्र (Official Letter) जारी किया।
इस पत्र में शिकायत की प्रति संलग्न करते हुए मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक), मेरठ मंडल को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि शिकायत में उल्लिखित सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आवश्यक दंडात्मक कार्रवाई (Action) सुनिश्चित की जाए। पत्र की एक प्रतिलिपि शिकायतकर्ता रविकांत को भी सूचना के लिए भेजी गई है।
अब जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं निगाहें
निदेशक के इस निर्देश के बाद हापुड़ और मेरठ के शिक्षा विभाग (Basic Education Department) में हलचल तेज हो गई है। अब संबंधित शिक्षा अधिकारियों की एक टीम स्कूल का दौरा करेगी। जांच में मिड-डे मील की गुणवत्ता, राशन का स्टॉक, स्कूल भवन की स्थिति, शौचालय और जातीय भेदभाव के आरोपों से जुड़े तथ्यों को बारीकी से परखा जाएगा।
हालांकि, प्राधिकरण के पत्र में अभी तक किसी अधिकारी या प्रधानाध्यापक को दोषी नहीं ठहराया गया है। पूरी स्थिति और दंडात्मक कार्रवाई की दिशा जांच रिपोर्ट (Investigation Report) आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
डिस्क्लेमर (Disclaimer):
यह समाचार प्राप्त प्राथमिक मीडिया रिपोर्ट्स, शिकायतकर्ता के दावों और आधिकारिक पत्रों के आधार पर तैयार किया गया है। खबर में उल्लिखित आरोप प्राथमिक बयानों पर आधारित हैं। 'खबरीलाल' (Khabreelal.com) किसी भी आरोप या दावे की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। मामले में अंतिम स्थिति और जवाबदेही संबंधित प्रशासनिक जांच और विभागीय रिपोर्ट के आने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी। खबर से जुड़ी किसी भी आपत्ति या प्रतिक्रिया के लिए आप हमारे संपादकीय विभाग से संपर्क कर सकते हैं।
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