बिजनौर (चांदपुर) - शकील अहमद की रिपोर्ट: उत्तर प्रदेश के बिजनौर (Bijnor) जिले की चांदपुर तहसील परिसर में 2 नवंबर 2026 को किसानों की विभिन्न स्थानीय और नीतिगत समस्याओं को लेकर एक विशाल 'किसान पंचायत' (Kisan Panchayat) का आयोजन किया गया। भारतीय किसान यूनियन के वरिष्ठ नेता चौधरी योगेंद्र सिंह काकरान के नेतृत्व में आयोजित इस पंचायत में क्षेत्र के सैकड़ों किसानों ने हिस्सा लिया और शासन-प्रशासन के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद की।
इस किसान पंचायत की अध्यक्षता बिजेंद्र प्रधान ने की, जबकि कार्यक्रम का सफल संचालन सत्यवीर सिंह ने किया। पंचायत के दौरान किसानों ने गन्ने के दाम बढ़ाने, कर्ज माफी और स्थानीय राजस्व व बिजली समस्याओं को लेकर जमकर प्रदर्शन (Chandpur Bijnor Farmers Protest) किया।
जंतर–मंतर गेम खेलें। पुलिस बनकर कॉकरोचों को पहचानो या आंदोलनकारी बनकर पहुंचो जंतर मंतर। खेलें ▶गन्ने का भाव ₹600 करने और पूर्ण कर्ज माफी की प्रमुख मांगें
किसान पंचायत को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार से कृषि क्षेत्र से जुड़ी दीर्घकालिक मांगों को तुरंत पूरा करने का आह्वान किया। पंचायत में उठाई गईं मुख्य मांगों में शामिल हैं:
गन्ने का भाव: आगामी पेराई सत्र के लिए गन्ने का मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया जाए।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›कर्ज माफी: देश के किसानों और खेत-मजदूरों का संपूर्ण कर्ज पूरी तरह से माफ किया जाए।
स्वामीनाथन आयोग: स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को पूर्ण रूप से लागू कर फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी दी जाए।
हाईकोर्ट बेंच: बिजनौर जिले में आम जनता और वकीलों की सुविधा के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट की बेंच (Branch) स्थापित की जाए।
बिजली विभाग की कथित वसूली और स्थानीय समस्याओं पर आक्रोश
सभों को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। किसानों का कहना था कि बिजली विभाग के कर्मचारी और अधिकारी किसानों को कथित रूप से फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी देकर अवैध वसूली कर रहे हैं, जिस पर अविलंब रोक लगाई जानी चाहिए।

इसके अलावा, पंचायत में कई गांव-स्तरीय जमीनी मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया:
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अकबरपुर झज्जर: गांव के तालाब के किनारे जलभराव के कारण किसानों को अपने खेतों तक पहुंचने में भारी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसका पक्का समाधान कराया जाए।
ग्राम बामन सौरा: किसान कुमारपाल सैनी के खेतों तक जाने वाले बंद पड़े रास्ते को तत्काल खुलवाया जाए।
ग्राम खानपुर माजरा: सुभाष सिंह की जमीन की पैमाइश कराकर उन पर हो रहे विवाद को निपटाया जाए और निर्माण कार्य शुरू करने की अनुमति दी जाए।
धान क्रय केंद्र (जलीलपुर): जलीलपुर ब्लॉक क्षेत्र में धान क्रय केंद्र खुलने के बावजूद अब तक सरकारी खरीद शुरू नहीं होने पर किसानों ने कड़ा रोष जताया और तुरंत खरीद शुरू कराने की मांग की।
अवैध कब्जे: ग्राम बवनपुर चौकी के पास ग्राम समाज की जमीन और अन्य सरकारी व गरीब लोगों की जमीनों से अवैध कब्जे तुरंत हटाए जाएं।
2 मिनट का मौन रख दी श्रद्धांजलि, अनिश्चितकालीन धरने की दी चेतावनी
पंचायत की कार्रवाई शुरू होने से पूर्व किसान नेता धीरज त्यागी के पिता के आकस्मिक निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया गया। उपस्थित सभी किसानों ने 2 मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को यह आघात सहन करने की शक्ति देने की ईश्वर से प्रार्थना की।
किसानों के उग्र प्रदर्शन की सूचना मिलते ही चांदपुर के एसडीएम (SDM Chandpur) प्रशांत वर्मा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसान नेताओं से बिंदुवार वार्ता की और उनकी मांगों का उचित निस्तारण कराने तथा संबंधित विभागों को निर्देश देने का लिखित व मौखिक आश्वासन दिया। एसडीएम के आश्वासन के बाद किसान नेता योगेंद्र सिंह काकरान ने पंचायत समाप्त करने की घोषणा की।
हालांकि, किसानों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि यदि प्रशासन ने तय सीमा के भीतर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो जल्द ही चांदपुर तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी।
पंचायत में ये प्रमुख किसान रहे मौजूद
इस विशाल किसान पंचायत में मुख्य रूप से योगेंद्र सिंह काकरान, बिजेंद्र प्रधान, कमल सिंह, योगेंद्र तोमर, महेंद्र सिंह, रमेश पहलवान, सत्यवीर सिंह, भूदेव यादव, नाथू यादव, तरुण चौधरी, कालू त्यागी, कुमारपाल सिंह, दयाराम सिंह, सुभाष चौधरी, सचिन कुमार, सलीम अहमद, ओंकार सिंह, गजराज सिंह, कर्मेंद्र सिंह, अरुण कुमार, लाखन सिंह, राजेश कुमार, नरदेव सिंह, प्रकाश प्रजापति, नरसी भगत, अशोक कुमार, तारा सिंह, केहर सिंह, जसराम सिंह, नन्हे सैनी, नईम अहमद, मनीष कुमार, कार्तिक कुमार, दिलावर सिंह और अरविंद कुमार सहित क्षेत्र के सैकड़ों किसान उपस्थित रहे।
Sabse pehle comment karne wale banein.