उत्तर प्रदेश के आगरा (Agra) से एक बेहद दुखद और हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। आगरा रेल मंडल के डीआरएम ऑफिस (Agra DRM Office News) में कार्यरत 30 वर्षीय असिस्टेंट ऑपरेशंस मैनेजर (AOM) अभिषेक सिंह ने अपने ही ऑफिस में कथित तौर पर जहर खाकर सुसाइड (Suicide) कर लिया है। रविवार देर रात उनका शव उनके ही चैंबर में कुर्सी पर पड़ा मिला।
इस घटना के बाद रेलवे महकमे में हड़कंप मच गया है। सोमवार सुबह से ही भड़के हुए रेलवे कर्मचारियों (Railway Employees) ने डीआरएम ऑफिस के बाहर जमकर प्रदर्शन (Protest) किया है।
जंतर–मंतर गेम खेलें। पुलिस बनकर कॉकरोचों को पहचानो या आंदोलनकारी बनकर पहुंचो जंतर मंतर। खेलें ▶घर से डायरी लेकर निकले, फिर नहीं लौटे
मिली जानकारी के अनुसार, एओएम अभिषेक सिंह रविवार सुबह ऑफिस आए थे। दोपहर करीब 3 बजे वे कुछ देर के लिए अपने घर गए और वहां से एक डायरी लेकर वापस ऑफिस लौट आए। इसके बाद देर रात तक वे घर नहीं पहुंचे। रात 9 बजे जब उनका फोन स्विच ऑफ आने लगा, तो परेशान परिजनों ने उनके साथी कर्मचारियों को फोन किया।
जब साथी कर्मचारी अभिषेक के चैंबर के पास पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि चैंबर खुला हुआ था और अभिषेक सिंह अपनी कुर्सी पर बेसुध पड़े थे। उनके मुंह से झाग निकल रहा था और आसपास कुछ संदिग्ध गोलियां पड़ी हुई थीं। आनन-फानन में पुलिस (UP Police) को सूचना दी गई, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›इकलौते बेटे थे, 4 महीने का है एक बच्चा
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के निवासी अभिषेक सिंह अपने परिवार के इकलौते बेटे थे। महज 3 महीने पहले ही उनका ट्रांसफर प्रयागराज (Prayagraj) से आगरा हुआ था। वे अपनी पत्नी आस्था, मां सुशीला और दो छोटे बच्चों के साथ डीआरएम ऑफिस कैंपस में ही बने सरकारी आवास में रहते थे। उनका एक बेटा महज 4 महीने पहले ही पैदा हुआ है। घटना की सूचना पाकर जब परिजन ऑफिस पहुंचे, तो जवान बेटे का शव देखकर मां सुशीला देवी वहीं बेसुध होकर गिर पड़ीं, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
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पत्नी का गंभीर आरोप- 'अधिकारी करते थे प्रताड़ित'
मृतक की पत्नी आस्था ने रेलवे के सीनियर अधिकारियों पर गंभीर आरोप (Allegations) लगाए हैं। रोते हुए आस्था ने बताया, "सीनियर अधिकारी मेरे पति को लगातार प्रताड़ित (Torture) कर रहे थे। उन्हें काम समझने का समय नहीं दिया जा रहा था और उनका ट्रेनिंग प्रोग्राम भी दो बार जानबूझकर कैंसिल कर दिया गया।"
आस्था ने आगे कहा, "वे मुझसे कहते थे कि नौकरी बहुत कठिन है, अधिकारी हमेशा डांटते रहते हैं। अधिकारी धमकी देते थे कि तुम्हारी जिंदगी बर्बाद कर देंगे और साउथ (दक्षिण भारत) में ट्रांसफर कर देंगे। मैंने उनसे कहा था कि नौकरी छोड़ दीजिए, हम गांव वापस जाकर प्राइवेट नौकरी कर लेंगे, लेकिन वे कहते थे कि सब ठीक हो जाएगा।"
रेलवे कर्मचारियों का प्रदर्शन, गूंजे नारे
अभिषेक सिंह की मौत की खबर फैलते ही सोमवार सुबह भारी संख्या में रेलवे कर्मचारी भड़क गए। उन्होंने डीआरएम ऑफिस के बाहर एकत्र होकर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने 'कर्मचारियों का शोषण बंद करो' और 'दोषी अधिकारियों को जेल भेजो' जैसे नारे लगाए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अफसर मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारी कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया।
पुलिस को मिला 2 पेज का सुसाइड नोट
मौके पर पहुंची आगरा पुलिस और फोरेंसिक टीम (Forensic Team) ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसीपी (सदर) अमीषा ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को मृतक अभिषेक सिंह के पास से दो पेज का एक सुसाइड नोट (Suicide Note) बरामद हुआ है।
सुसाइड नोट में अभिषेक ने अपनी मौत के लिए स्पष्ट रूप से किसी भी अधिकारी या व्यक्ति को जिम्मेदार नहीं ठहराया है। उन्होंने भावुक होकर लिखा है, "मैं एक अच्छा बेटा और पति नहीं बन पाया। मैं समाज और इस नौकरी के बीच सामंजस्य नहीं बैठा पा रहा हूं। मैं इस नौकरी के लिए फिट नहीं हूं।" पत्र के अंत में उन्होंने अपने परिवार से माफी भी मांगी है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की हर एंगल से गहनता से जांच कर रही है।
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