लखनऊ/मेरठ. उत्तर प्रदेश में मौसम ने अब पूरी तरह से करवट ले ली है। UP Weather Update के मुताबिक, राज्य में ठंड का असर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। बीते 24 घंटों के अंदर ही प्रदेश के तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है। सुबह और शाम के वक्त चलने वाली ठंडी हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है। मंगलवार सुबह पश्चिमी यूपी के कई शहरों में घना कोहरा छाया रहा, जिसके चलते सड़कों पर विजिबिलिटी काफी कम हो गई और वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया।

पश्चिमी यूपी में मौसम और प्रदूषण का डबल अटैक पश्चिमी उत्तर प्रदेश (West UP) के प्रमुख शहरों—मेरठ, गाजियाबाद, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, अमरोहा, संभल और मुरादाबाद में कोहरे के साथ-साथ अब प्रदूषण (Smog) ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

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वाराणसी में कोहरे के चलते 3 फ्लाइट्स डायवर्ट कोहरे का असर केवल सड़क यातायात पर ही नहीं, बल्कि हवाई सफर पर भी पड़ा है। वाराणसी एयरपोर्ट पर सोमवार सुबह घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी शून्य के करीब पहुंच गई। इसके चलते एक इंटरनेशनल (बुद्धा एयर, काठमांडू) और दो डोमेस्टिक फ्लाइट्स को आसमान में 20 से अधिक चक्कर लगाने पड़े। रनवे साफ न दिखने पर अंततः उन्हें दूसरे शहरों की ओर डायवर्ट करना पड़ा। हालांकि, बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक मनोज श्रीवास्तव के अनुसार, पूर्वांचल में आगामी एक सप्ताह तक मौसम साफ रहने के आसार हैं और बारिश की कोई संभावना नहीं है।

अक्टूबर में हुई 14% ज्यादा बारिश, सीएम योगी सख्त मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस साल अक्टूबर महीने में यूपी में औसत (28.2 मिमी) से 14 प्रतिशत अधिक (32.1 मिमी) बारिश दर्ज की गई है। इस अतिवृष्टि और अर्नब तूफान से फसलों को हुए भारी नुकसान का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों (DM) को तत्काल फील्ड में उतरकर फसल क्षति का आकलन करने और रिपोर्ट सौंपने के सख्त निर्देश दिए हैं।

किसानों के लिए रबी फसल एडवाइजरी बदलते मौसम और खेतों में मौजूद नमी को देखते हुए कृषि विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे रबी फसलों (गेहूं, चना, मटर और सरसों) की बुवाई से पहले खेतों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करें। जिन निचले खेतों में बारिश के कारण पर्याप्त नमी मौजूद है, वहां फिलहाल अनावश्यक सिंचाई से बचें, ताकि बीजों को सड़ने से बचाया जा सके।

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