उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में वायु प्रदूषण एक बार फिर गंभीर रूप लेने लगा है। बीते दिनों हुई हल्की बारिश के बाद ऐसा लगा था कि शहरवासियों को दमघोंटू हवा से राहत मिल गई है और हवा की गुणवत्ता में काफी सुधार दर्ज किया गया था। लेकिन, यह राहत ज्यादा दिन तक टिक नहीं सकी। अब मौसम बदलने के साथ ही Meerut Air Pollution का स्तर एक बार फिर से तेजी से बढ़ने लगा है। प्रदूषण नियंत्रण के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार को मेरठ शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई - AQI) 234 रिकॉर्ड किया गया है, जो 'खराब' श्रेणी में आता है। हवा में प्रदूषक तत्वों की भारी मात्रा बढ़ने के कारण सुबह और शाम के समय धुंध और स्मॉग का असर साफ देखा जा रहा है, जिससे आम लोगों को सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आने वाले दिनों में दीपावली का त्योहार भी नजदीक है, जिसे देखते हुए प्रदूषण का यह स्तर और अधिक बढ़ने की गहरी आशंका जताई जा रही है।

दिन में तेज धूप और रात के तापमान में गिरावट मौसम में इन दिनों लगातार उतार-चढ़ाव और स्पष्ट बदलाव देखने को मिल रहा है। हालांकि दिन के समय आसमान साफ रहता है और हल्की धूप भी निकल रही है, लेकिन सूरज ढलते ही रात के तापमान में तेज गिरावट दर्ज की जा रही है। सोमवार के मौसम संबंधी आधिकारिक आंकड़ों पर नजर डालें तो शहर का अधिकतम तापमान 29.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। तापमान में आई इस गिरावट के कारण रात और सुबह के समय हल्की ठंड का असर साफ तौर पर महसूस होने लगा है। ठंड की यह शुरुआत अपने साथ स्मॉग की गंभीर समस्या भी लेकर आई है, जो प्रदूषण को बढ़ाने में उत्प्रेरक का काम कर रही है।

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क्या कहते हैं मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही? शहर में बढ़ते प्रदूषण और स्मॉग के इस बिगड़ते हालात पर कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही ने वैज्ञानिक स्थिति स्पष्ट की है। डॉ. शाही का कहना है कि बीते दिनों हुई बारिश के बाद मौसम में जो अचानक बदलाव आया है, उसी के कारण रात का तापमान तेजी से गिर रहा है। उन्होंने बताया कि इसी ठंडे मौसम और गिरते तापमान की वजह से सुबह के समय स्मॉग (धुएं और कोहरे का खतरनाक मिश्रण) का असर वातावरण में अधिक दिखाई दे रहा है। मौसम वैज्ञानिक ने यह भी सख्त चेतावनी दी है कि अगले 2 से 3 दिनों तक मौसम का मिजाज ऐसा ही रहेगा और प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी लगातार बनी रहने की पूरी संभावना है।

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आंखों में जलन और गले में खराश की बढ़ी समस्या पिछले दिनों की बारिश के बाद हवा कुछ समय के लिए साफ हो गई थी, लेकिन अब स्मॉग के कारण हालात फिर से खराब हो गए हैं। खासकर सुबह की सैर पर निकलने वाले लोगों और शाम को काम से घर लौटने वालों को स्मॉग का असर सबसे ज्यादा झेलना पड़ रहा है। हवा में घुले इन जहरीले प्रदूषक तत्वों की बढ़ती मात्रा के कारण लोगों को आंखों में तेज जलन, गले में खराश और सांस लेने में तकलीफ जैसी आम स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस बिगड़ती वायु गुणवत्ता को देखते हुए यह सलाह दी जा रही है कि बच्चों, घर के बुजुर्गों और खासकर अस्थमा (दमा) के मरीजों को इस मौसम में विशेष सावधानी बरतने की सख्त जरूरत है।

दीपावली पर और बिगड़ सकते हैं वायु प्रदूषण के हालात प्रदूषण के इस मौजूदा खराब स्तर के बीच दीपावली का त्योहार बिल्कुल नजदीक आने के कारण स्थानीय लोगों की चिंताएं दोगुनी हो गई हैं। अभी से हवा की गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में बनी हुई है। ऐसे में यह आशंका साफ तौर पर जताई जा रही है कि त्योहार के दौरान होने वाली भारी आतिशबाजी के कारण वायु प्रदूषण का स्तर और भी ज्यादा खतरनाक स्थिति तक पहुंच सकता है। मौसम में हो रहे बदलाव और हवा की गति कम रहने की स्थिति में आतिशबाजी का धुआं और अन्य प्रदूषक तत्व लंबे समय तक वातावरण के निचले स्तर में ही जमे रह सकते हैं। इस पूरी स्थिति का आकलन करने पर स्पष्ट है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में शामिल मेरठ और इसके आसपास के इलाकों के लोगों को आने वाले दिनों में इस बढ़ते प्रदूषण से फिलहाल कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं दिख रही है।

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