हरदोई में प्राइवेट स्कूलों की 'मनमानी': बाहर से किताबें खरीदने पर आगबबूला हुईं प्रिंसिपल, महिला अभिभावक को 1 मिनट में 10 बार कहा 'You Shut Up' विडिओ हुआ वायरल
उत्तर प्रदेश के हरदोई में 'न्यू सन बीम पब्लिक स्कूल' की प्रिंसिपल का तानाशाह रवैया। बाहर से कॉपी-किताब खरीदने पर महिला अभिभावक को 'Bloody Fool' और 'गंवार' कहा। 1 मिनट में 10 बार 'You Shut Up'
Published at : 26 Apr 2026, 12:08 PM IST
Updated : 09:25 PM IST
· 11 Sep 2026
Hardoi School Viral Video Principal Scolds Parent Over Buying Books
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश में शिक्षा के व्यवसायीकरण और प्राइवेट स्कूलों की मनमानी का एक बेहद शर्मनाक और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। सरकार और शिक्षा विभाग के सख्त निर्देशों के बावजूद, कई निजी स्कूल अभी भी अभिभावकों को स्कूल से या किसी चुनिंदा दुकान से ही महंगी किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं। ताजा मामला यूपी के हरदोई (Hardoi) जिले का है, जहां एक नामी प्राइवेट स्कूल की प्रिंसिपल का 'तानाशाह' रवैया कैमरे में कैद हो गया है।READ ALSO:-WhatsApp का 'ब्रह्मास्त्र' अपडेट: स्क्रीन पर फ्लोट करेंगे मैसेज, बिना ऐप खोले सीधे दें रिप्लाई, पूरी तरह बदल जाएगा चैटिंग का गेम!
\r\n\r\n
\r\n\r\n
हरदोई के एक स्कूल में जब एक महिला अभिभावक ने अपने बच्चे के लिए बाहर से किताबें खरीद लीं, तो स्कूल की प्रिंसिपल इस कदर भड़क गईं कि उन्होंने सारी मर्यादाएं लांघ दीं। महिला अभिभावक को सरेआम 'ब्लडी फूल' (Bloody Fool), 'गंवार' और एक मिनट के भीतर 10 बार 'यू शट अप' (You Shut Up) कहकर बुरी तरह अपमानित किया गया। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है, जिसने पूरे प्रदेश के अभिभावकों के गुस्से को भड़का दिया है। आइए, इस पूरे विवाद को विस्तार से समझते हैं।
शिक्षा का मंदिर या वसूली का अड्डा? क्या है पूरा मामला
\r\n\r\n
यह पूरा विवाद हरदोई शहर के एसपी तिराहे के पास स्थित एक मशहूर और प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान, 'न्यू सन बीम पब्लिक स्कूल' (New Sun Beam Public School) का है।
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला अभिभावक का नाम नीलम वर्मा है। नीलम की छोटी बच्ची इसी स्कूल में यूकेजी (UKG) कक्षा की छात्रा है। नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने के साथ ही, हर साल की तरह स्कूलों में कॉपी-किताबों का दबाव शुरू हो गया था। नीलम वर्मा का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन अभिभावकों पर स्कूल से ही तय कीमत पर कॉपी-किताबें खरीदने का दबाव बना रहा था, जो कि बाजार से काफी महंगी होती हैं।
\r\n\r\n
\r\n
@khabreelal_news UP के हरदोई में 'न्यू सन बीम पब्लिक स्कूल' की प्रिंसिपल का तानाशाह रवैया। बाहर से कॉपी-किताब खरीदने पर महिला अभिभावक को 'Bloody Fool' और 'गंवार' कहा। 1 मिनट में 10 बार 'You Shut Up' बोलने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल। पीड़ित ने डीएम से की कार्रवाई की मांग। pic.twitter.com/LGVzdZOyAg
सरकारी नियमों के अनुसार, कोई भी स्कूल अभिभावकों को स्कूल परिसर से या किसी एक विशेष दुकान से किताबें खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकता। इसी अधिकार का इस्तेमाल करते हुए नीलम वर्मा ने अपनी बच्ची के लिए बाजार से (बाहर से) किताबें खरीद लीं। जब यह बात स्कूल प्रबंधन और प्रिंसिपल को पता चली, तो उनका पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
गालियां, धमकियां और अपमान: "यू शट अप... ब्लडी फूल"
\r\n\r\n
नीलम वर्मा जब इस मुद्दे पर बात करने स्कूल पहुंचीं, तो वहां जो हुआ, वह किसी भी सभ्य समाज और शिक्षा के मंदिर के लिए कलंक है। नीलम ने घटना का एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया है।
वीडियो में साफ देखा और सुना जा सकता है कि स्कूल की प्रिंसिपल ममता मिश्रा किस तरह से महिला अभिभावक पर चीख-चिल्ला रही हैं। नीलम वर्मा ने अपने बयान में बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए बताया:
\r\n\r\n
🏪 आपके शहर के ऑफर
विज्ञापन · स्थानीय दुकानों की ताज़ा स्कीम · स्वाइप करें →
"जब मैंने बाहर से कॉपी-किताबें खरीदने की बात कही, तो प्रिंसिपल साहिबा ने मेरे साथ बेहद अभद्र व्यवहार किया। उन्होंने मुझे अंग्रेजी में भद्दी गालियां दीं। उन्होंने मुझे 'ब्लडी फूल' (Bloody Fool), 'गंवार' और अनपढ़ जैसे शब्दों से अपमानित किया।"
\r\n
\r\n\r\n
\r\n\r\n
सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि वायरल वीडियो में प्रिंसिपल महोदया महज एक मिनट के अंदर लगभग 10 बार महिला को 'यू शट अप' (You Shut Up - तुम चुप रहो) कहती हुई साफ सुनी जा सकती हैं। उनका गुस्सा यहीं नहीं रुका, बल्कि उन्होंने अभिभावक को यह धमकी तक दे डाली कि वह उनके बच्चे का नाम काटकर स्कूल से निष्कासित (Expel) कर देंगी, जिससे बच्चे का भविष्य खराब हो जाएगा।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा: "मां-बाप होना अभिशाप हो गया है"
\r\n\r\n
जैसे ही यह वीडियो इंटरनेट पर वायरल हुआ, लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। हर वह माता-पिता जो अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाते हैं, इस घटना से खुद को जोड़कर देख रहे हैं, क्योंकि लगभग हर जगह अभिभावकों को स्कूल प्रशासन की ऐसी ही मनमानी का शिकार होना पड़ता है।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोग तीखी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं:
\r\n\r\n
\r\n
\r\n
अंबुज शुक्ला नाम के एक यूजर ने इस वायरल वीडियो पर कमेंट करते हुए अपना दर्द बयां किया। उन्होंने लिखा, "आज के समय में प्राइवेट स्कूलों की तानाशाही के आगे मां-बाप होना एक अभिशाप हो गया है। अभिभावक अपनी खून-पसीने की कमाई फीस में देते हैं और बदले में उन्हें ऐसी जलालत झेलनी पड़ती है। स्कूल में अभद्रता करते हुए अपमानित करने वाली इस प्रिंसिपल पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए।"
\r\n
\r\n
\r\n
अवधेश मिश्रा नाम के एक अन्य यूजर ने सरकार से दखल की मांग करते हुए लिखा, "मैं उत्तर प्रदेश की उच्च शिक्षा राज्य मंत्री और शिक्षा विभाग से इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेने और स्कूल की मान्यता रद्द करने जैसी कड़ी कार्यवाही करवाने की मांग करता हूं।"
\r\n
\r\n
\r\n\r\n
\r\n\r\n
पीड़ित अभिभावक की डीएम अनुनय झा से न्याय की गुहार
\r\n\r\n
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने के साथ ही, पीड़ित नीलम वर्मा ने हरदोई जिले के प्रशासन का दरवाजा भी खटखटाया है। उन्होंने हरदोई के जिलाधिकारी (DM) अनुनय झा और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) को टैग करते हुए इस पूरे मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
नीलम का कहना है कि अगर प्रशासन इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाता है, तो भविष्य में कोई भी अभिभावक इन 'शिक्षा माफियाओं' के खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत नहीं कर पाएगा। प्रशासन की ओर से फिलहाल इस मामले की जांच के आदेश दिए जाने की उम्मीद है।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
बैकफुट पर स्कूल प्रबंधन: प्रिंसिपल ममता मिश्रा ने दी सफाई
\r\n\r\n
वीडियो वायरल होने और चारों तरफ से फजीहत होने के बाद, न्यू सन बीम पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल ममता मिश्रा बैकफुट पर आ गई हैं। उन्होंने अब मीडिया के सामने आकर अपनी सफाई पेश की है और मामले को दूसरा ही रंग देने की कोशिश की है।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
प्रिंसिपल का पक्ष (Defense):
\r\n\r\n
\r\n
\r\n
प्रिंसिपल ममता मिश्रा ने 'किताबों के विवाद' को सिरे से नकारते हुए कहा कि यह मामला किताबों का था ही नहीं।
\r\n
\r\n
\r\n
उनके अनुसार, "अभिभावक (नीलम वर्मा) असल में स्कूल की फीस को कम करने का अनुचित दबाव बना रही थीं। वह स्कूल के काम में बाधा डाल रही थीं और छात्रों और हमारे (प्रबंधन) बीच में आ रही थीं।"
\r\n
\r\n
\r\n
प्रिंसिपल ने आगे कहा, "उन्होंने बेवजह बहस करके मेरा लगभग 3 घंटे का कीमती समय खराब किया। इसी वजह से मैं झुंझला गई और नाराज हो गई। मेरा इरादा किसी को हर्ट (दुखी) करना या ठेस पहुंचाना नहीं था।"
\r\n
\r\n
\r\n
स्कूल प्रबंधन का यह भी दावा है कि घटना के बाद अभिभावक ने खुद अपनी गलती मानते हुए प्रिंसिपल से माफी मांग ली थी।
\r\n
\r\n
\r\n\r\n
\r\n\r\n
सवाल अभी भी बरकरार है
\r\n\r\n
भले ही प्रिंसिपल अपनी सफाई में कुछ भी कहें, लेकिन वायरल वीडियो में उनकी भाषा, टोन और बॉडी लैंग्वेज एक शिक्षक या शिक्षाविद (Educationist) को बिल्कुल शोभा नहीं देती। फीस कम कराने का विवाद हो या बाहर से किताबें खरीदने का, किसी भी सूरत में स्कूल प्रबंधन को किसी अभिभावक को 'ब्लडी फूल' या 'गंवार' कहने का कोई अधिकार नहीं है।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
यह घटना उत्तर प्रदेश के शिक्षा विभाग के लिए एक 'वेक-अप कॉल' (Wake-up call) है। सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि प्राइवेट स्कूल कमीशनखोरी के लालच में अभिभावकों को लूटना बंद करें और उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार करें। अब देखना यह है कि हरदोई का जिला प्रशासन इस मामले में क्या संज्ञान लेता है और इस 'तानाशाह' रवैये पर क्या कार्रवाई होती है।
Sabse pehle comment karne wale banein.