लखनऊ (UP Weather News): मई के इस महीने में जब आसमान से सिर्फ आग बरसने की उम्मीद की जाती है, तब उत्तर प्रदेश के आसमान ने एक अलग ही रौद्र रूप धारण कर लिया है। प्रदेश में एक बेहद सक्रिय 'पश्चिमी विक्षोभ' (Western Disturbance) ने मौसम के पूरे चक्र को उलट-पुलट कर दिया है। पिछले 24 घंटों के दौरान, यूपी के कई जिलों ने कुदरत का वह खौफनाक मंजर देखा है, जिसने आम आदमी से लेकर अन्नदाता (किसानों) तक की कमर तोड़ कर रख दी है।READ ALSO:-सोने-चांदी की कीमतों में अब तक का सबसे बड़ा विस्फोट: इम्पोर्ट ड्यूटी 15% होते ही सर्राफा बाजार धड़ाम, PM मोदी ने कहा- 'देशहित में 1 साल तक न खरीदें सोना
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तेज धूलभरी आंधी, मूसलाधार बारिश और भयंकर ओलावृष्टि (Hailstorm) ने प्रदेश के एक बड़े हिस्से में भारी तबाही मचाई है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और पल-पल का अपडेट जारी कर रहा है। आइए, इस मौसमी उथल-पुथल की हर बारीकी को समझते हैं और जानते हैं कि किन जिलों में तबाही हुई है और कहां के लिए नया अलर्ट जारी किया गया है।
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पश्चिमी यूपी में आंधी का 'तांडव': बरेली में 100 किमी/घंटा की रफ्तार

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मौसम के इस तांडव का सबसे पहला और भयंकर असर पश्चिमी उत्तर प्रदेश (Western UP) के जिलों में देखने को मिला। मंगलवार और बुधवार के बीच, इस क्षेत्र में हवाओं ने ऐसा डरावना रूप लिया कि लोग अपने घरों में दुबकने को मजबूर हो गए। मौसम विज्ञान केंद्र के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सबसे खौफनाक स्थिति बरेली (Bareilly) जिले में रही, जहां हवाओं की अधिकतम रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई। इस बवंडर ने कई विशाल पेड़ों को जड़ से उखाड़ दिया और बिजली के खंभों व होर्डिंग्स को भारी नुकसान पहुंचाया।
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बरेली के साथ-साथ पश्चिमी यूपी के अन्य प्रमुख जिलों जैसे बिजनौर (Bijnor), आगरा, शाहजहांपुर और बहराइच में भी 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज और डरावनी हवाएं चलीं। इन हवाओं के साथ झमाझम बारिश भी हुई। बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो, सुबह 8:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक सबसे अधिक जलभराव मुरादाबाद (Moradabad) जिले में हुआ, जहां 12.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके बाद बरेली में 11.9 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। बिजनौर और आस-पास के इलाकों में भी इस बारिश ने जहां एक तरफ तापमान में हल्की गिरावट की, वहीं कई जगह जलभराव से ट्रैफिक की समस्या भी पैदा कर दी।
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उन्नाव में 'सफेद आफत': ओलावृष्टि ने उजाड़ी किसानों की दुनिया

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पश्चिमी यूपी में जहां हवाओं ने कहर बरपाया, वहीं मध्य यूपी के उन्नाव (Unnao) जिले में मौसम ने किसानों को खून के आंसू रुला दिए। उन्नाव की बांगरमऊ तहसील (Bangarmau Tehsil) के दर्जनों गांवों में बुधवार शाम को जो हुआ, उसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, शाम तक तेज धूप खिली थी और मौसम बिल्कुल साफ था, लेकिन अचानक उत्तर दिशा से घने काले बादल उठकर आए और दिन में ही रात जैसा अंधेरा छा गया।
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इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, एक प्रचंड धूलभरी आंधी उठी और उसके तुरंत बाद आसमान से 'सफेद आफत' यानी बड़े-बड़े ओले गिरने लगे। यह ओलावृष्टि (Hailstorm) किसानों के लिए एक बुरे सपने से कम नहीं थी।
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भूसा उड़ा, मेहनत पर फिरा पानी: इस समय खेतों में गेहूं की फसल की मड़ाई का काम अंतिम दौर में है। किसानों ने अनाज निकालने के बाद पशुओं के चारे के लिए भूसा (Wheat Chaff) खुले खेतों में जमा कर रखा था। आंधी का वेग इतना तेज था कि ढेरों में लगा भूसा हवा में तिनके की तरह उड़कर दूर-दूर तक बिखर गया। जो बचा, वह मूसलाधार बारिश और ओलों की मार से पूरी तरह सड़ने की कगार पर आ गया।
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किसानों की आंखें नम हैं। उनके पशुओं के लिए साल भर के चारे का इंतजाम चंद मिनटों के खराब मौसम ने छीन लिया है। इसके अलावा, आंधी के कारण ग्रामीण इलाकों में कई कच्चे घरों के छप्पर उड़ गए और टीनशेड तहस-नहस हो गए। ग्रामीणों ने अब प्रशासन से गुहार लगाई है कि तत्काल राजस्व टीमों को भेजकर नुकसान का सर्वे (Survey) कराया जाए और उचित मुआवजा दिया जाए।
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पूर्वांचल पर मंडरा रहा खतरा: 11 जिलों में 'मेघगर्जन' का अलर्ट

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पश्चिमी और मध्य यूपी को दहलाने के बाद यह मौसमी सिस्टम अब पूर्वांचल (पूर्वी उत्तर प्रदेश) की तरफ तेजी से शिफ्ट हो गया है। मौसम विज्ञान विभाग ने बुधवार के लिए पूर्वी यूपी के 11 जिलों में 'रेड अलर्ट' जैसी स्थिति की चेतावनी जारी की है।
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विभाग के मुताबिक, इन जिलों में 40-50 किमी/घंटा की सामान्य गति से हवाएं चलेंगी, जो झोंकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की विकराल गति पकड़ सकती हैं। इसके साथ ही खतरनाक वज्रपात (बिजली गिरने) की भी अत्यधिक संभावना है। जिन 11 जिलों के लिए यह अलर्ट जारी हुआ है, उनमें शामिल हैं:
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    गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर
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    महाराजगंज, संत कबीर नगर, बस्ती
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    सिद्धार्थ नगर, गोंडा, बलरामपुर
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    श्रावस्ती और बहराइच। प्रशासन ने खुले में काम करने वाले मजदूरों और किसानों को विशेष रूप से हिदायत दी है कि वे खराब मौसम के दौरान पेड़ों या खंभों के नीचे शरण न लें।
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तापमान का विरोधाभास: बांदा जला, बाराबंकी को मिली राहत

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एक तरफ बारिश और तूफान का दौर जारी है, वहीं प्रदेश के कुछ हिस्सों में सूरज अब भी आग उगल रहा है। मंगलवार को बुंदेलखंड क्षेत्र का बांदा (Banda) जिला पूरे उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा गर्म रहा। यहां का अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस के खतरनाक स्तर पर रिकॉर्ड किया गया। इसके विपरीत, सबसे न्यूनतम तापमान बाराबंकी में 23 डिग्री सेल्सियस रहा, जहां रात के समय मौसम में गुलाबी ठंडक महसूस की गई।
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राजधानी लखनऊ (Lucknow) की बात करें तो, यहां दिनभर आसमान साफ रहा और तेज धूप ने लोगों को पसीने से तर-बतर कर दिया। लखनऊ का अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रहा। दिन में तेज धूप और उमस ने भयंकर गर्मी का अहसास कराया, जो बुधवार को भी जारी रहने का अनुमान है।
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मौसम वैज्ञानिक की डराने वाली भविष्यवाणी: 14 मई से लौटेगी 'प्रचंड लू'

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अगर आपको लग रहा है कि यह आंधी-बारिश गर्मियों से राहत देगी, तो मौसम वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह का बयान आपकी चिंता बढ़ा सकता है। डॉ. सिंह ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यह पश्चिमी विक्षोभ अब अपने अंतिम चरण में है और 14 मई (गुरुवार) से पूरे प्रदेश का मौसम एकदम शुष्क (Dry) हो जाएगा।
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बादलों के छंटते ही आसमान से सीधी आग बरसनी शुरू होगी। डॉ. सिंह के अनुसार, अगले सप्ताह के दौरान प्रदेश के औसत तापमान में 3 से 5°C की भारी वृद्धि दर्ज की जाएगी। इसके परिणामस्वरूप, इस वर्ष मई महीने में पहली बार तापमान अपने सामान्य स्तर से कई डिग्री ऊपर चला जाएगा। इसका सीधा मतलब है कि प्रदेशवासियों को अब एक बेहद खतरनाक और झुलसाने वाली लू (Heatwave) का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा।
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प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने भी आने वाले इस भीषण 'हीटवेव' के खतरे को देखते हुए अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।
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