उत्तर प्रदेश सरकार राज्य के युवाओं और पारंपरिक कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार कई महत्वपूर्ण और ठोस कदम उठा रही है। इसी कड़ी में, प्रदेश में मिट्टी की कला (Pottery and Clay Art) से जुड़े लोगों और हुनरमंद युवाओं को एक बड़ा मंच प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य माटी कला के क्षेत्र से जुड़े पारंपरिक कारीगरों को अपना व्यवसाय शुरू करने, उसे आधुनिक बनाने और उसका विस्तार करने के लिए बड़ी आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इस बेहतरीन स्कीम के तहत राज्य सरकार की ओर से 10 लाख रुपये तक का बैंक लोन मुहैया कराया जा रहा है, जिससे जुड़कर युवा न केवल खुद के लिए स्वरोजगार अपना सकते हैं, बल्कि समाज के अन्य लोगों को भी रोजगार के अवसर प्रदान कर सकते हैं।Read also:-भारत में 'हार्ट अटैक' का खौफनाक रूप! NCRB की नई रिपोर्ट में 38 हजार से ज्यादा मौतें, जानें टॉप 10 राज्यों की लिस्ट में कहां है उत्तर प्रदेश?
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25 प्रतिशत तक की सीधी सब्सिडी का बंपर लाभ

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मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें लाभार्थियों को केवल लोन ही नहीं दिया जाता, बल्कि भारी मार्जिन मनी सब्सिडी (Subsidy) भी प्रदान की जाती है।
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मेरठ मंडल की जोनल ऑफिसर मान्या चतुर्वेदी के अनुसार, शासन से हाल ही में वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए नए लक्ष्य प्राप्त हुए हैं। इस योजना के अंतर्गत बैंक से लिए गए पूंजीगत ऋण पर 25 प्रतिशत तक की सीधी सब्सिडी (मार्जिन मनी अनुदान) राज्य सरकार द्वारा दी जाती है। आसान शब्दों में समझें तो, किसी भी प्रोजेक्ट की कुल लागत का केवल 5 प्रतिशत उद्यमी को अपनी जेब से लगाना होता है, जबकि शेष 95 प्रतिशत राशि बैंक से ऋण के रूप में प्राप्त हो जाती है। सरकार द्वारा दी जाने वाली 25% की छूट लाभार्थी के कर्ज के बोझ को काफी कम कर देती है।
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अगर आवेदक मुख्य रूप से प्रजापति समाज, कुम्हार समाज से आते हैं या इस काम से जुड़े परम्परागत कारीगर हैं, तो वे प्राथमिकता के आधार पर इस योजना का पूरा लाभ उठा सकते हैं। [Internal link to related article: उत्तर प्रदेश की टॉप 5 स्वरोजगार योजनाएं 2026: कैसे उठाएं लाभ?]
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यूपी के सभी 75 जिलों के लिए लागू है योजना

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यह योजना किसी एक विशेष क्षेत्र या जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे पूरे उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में समान रूप से लागू किया गया है।
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जोनल ऑफिसर मान्या चतुर्वेदी ने जानकारी दी कि मेरठ मंडल में शामिल 6 जिलों के लिए लक्ष्य प्राप्त हो चुके हैं। शासन से मिले नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-2027 में हर जिले से 4-4 आवेदकों को इस स्कीम से जोड़ने और उन्हें लोन मुहैया कराने का प्रारंभिक लक्ष्य रखा गया है। इसके माध्यम से ग्रामीण (Rural) और शहरी (Urban) दोनों क्षेत्रों के कारीगरों को माटी कला से संबंधित व्यावसायिक गतिविधियों के लिए एक समान अवसर प्रदान किया जा रहा है।
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योजना के लिए आवश्यक पात्रता और प्रोजेक्ट रिपोर्ट
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लोन प्राप्त करने के लिए विभाग द्वारा कुछ बुनियादी शर्तें और दस्तावेजीकरण निर्धारित किए गए हैं:
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    आयु सीमा: आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए।
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    जाति/कौशल प्रमाण: आवेदक के पास प्रजापति/कुम्हार समाज का प्रमाण पत्र या पारंपरिक माटी कला कारीगर होने का सर्टिफिकेट होना आवश्यक है।
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    मूल निवास: योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है।
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विभागीय अफसरों का कहना है कि जो भी अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन करते हैं, उनका सारा डेटा विभाग के माध्यम से संबंधित जिले के कार्यालय पर सुरक्षित पहुंच जाता है। इसके बाद असल लोन की प्रक्रिया शुरू होती है, जिसमें एक 'प्रोजेक्ट रिपोर्ट' (Project Report) बनानी होती है। इस रिपोर्ट में आवेदक को यह विस्तृत ब्यौरा देना अनिवार्य है कि उन्हें कुल कितनी पूंजी की आवश्यकता है और उनका व्यापार मॉडल क्या होगा।
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कैसे करें घर बैठे ऑनलाइन अप्लाई?

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इस डिजिटल युग में, युवाओं को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। आप सीधे अपने घर बैठे स्मार्टफोन या कंप्यूटर के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं:
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    सबसे पहले उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड के आधिकारिक वेब पोर्टल पर जाएं। 
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    होमपेज पर आपको वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 'ऑनलाइन आवेदन' (Apply Online) का लिंक मिलेगा, उस पर क्लिक करें।
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    अपने मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करें और अपनी व्यक्तिगत जानकारी भरें।
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    आवेदन फॉर्म के साथ अपनी प्रोजेक्ट रिपोर्ट और आवश्यक दस्तावेजों (जैसे- आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र आदि) की स्कैन कॉपी अपलोड करना अनिवार्य है।
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    विभाग द्वारा इस वर्ष ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 30 जून 2026 निर्धारित की गई है।
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सारी जानकारी सफलतापूर्वक सबमिट करने के बाद आपकी फाइल आगे बैंक को फॉरवर्ड कर दी जाती है। यदि किसी आवेदक को आवेदन प्रक्रिया में कोई दुविधा या तकनीकी समस्या आती है, तो वह बेझिझक अपने जिले के ग्राम उद्योग अधिकारी के दफ्तर में जाकर संपर्क कर सकता है और उचित मार्गदर्शन प्राप्त कर सकता है।
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पारंपरिक व्यवसाय में आधुनिक तकनीक का शानदार समावेश

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गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना को गति देने के लिए योगी आदित्यनाथ की सरकार में साल 2018 में 'उत्तर प्रदेश माटी कला बोर्ड' (UP Matikala Board) की स्थापना की गई थी। इसके बाद से ही मिट्टी से जुड़े शिल्पकारों को रोजगार और आधुनिक तकनीक का सीधा लाभ मिल रहा है।
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पहले जो कारीगर केवल हाथों से या पत्थर के भारी पारंपरिक चाक पर कड़ी मेहनत करते थे, अब सरकार उन्हें 'इलेक्ट्रिक चाक' (Electric Potter's Wheel) भी मुहैया करा रही है। तकनीक के इस समावेश से उत्पादों की गुणवत्ता, फिनिशिंग और निर्माण की गति में भारी वृद्धि हुई है। आज के समय में कारीगर पारंपरिक कुल्हड़, दीये और सुराही के साथ-साथ डिजाइनर सजावटी सामान, फ्लोर टाइल्स, प्रेशर कुकर, लैम्प, बागवानी के बर्तन और टेराकोटा उत्पाद भी बना रहे हैं, जिनकी स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी मांग है। 
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अंततः, उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना राज्य की विलुप्त होती माटी कला को पुनर्जीवित करने और इससे जुड़े कुम्हार समाज को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बेहद शानदार और दूरदर्शी पहल है। 10 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता और 25% की भारी सब्सिडी के साथ, यह योजना पारंपरिक हुनर को एक बड़े और लाभदायक व्यवसाय में बदलने का बेहतरीन अवसर प्रदान करती है। जो भी युवा और कारीगर इस रचनात्मक व्यवसाय से जुड़कर अपना भविष्य संवारना चाहते हैं, उन्हें बिना किसी देरी के 30 जून 2026 से पहले अपना ऑनलाइन आवेदन पूरा कर लेना चाहिए, ताकि वे आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के सपने को साकार कर सकें।
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उत्तर प्रदेश में युवाओं और पारंपरिक कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से 'मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना' संचालित की जा रही है। इसके तहत प्रजापति और कुम्हार समाज के लोगों को 10 लाख रुपये तक का बैंक लोन और 25 प्रतिशत तक की मार्जिन मनी सब्सिडी दी जा रही है। यूपी के सभी 75 जिलों में लागू इस योजना में ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोग 30 जून 2026 तक यूपी माटीकला बोर्ड के ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं।
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