त्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। चरथावल पुलिस ने बिरालसी रजवाहे में मिले दीपक के शव की गुत्थी सुलझाते हुए सगे छोटे भाई सचिन को गिरफ्तार किय
Published at : 09 May 2026, 03:15 PM
Updated at : 10 Sep 2026, 09:59 PM
Muzaffarnagar Murder Mystery Solved Brother Kills Sibling with Brick over Property Dispute Arrested
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मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश): समाज में जब खून के रिश्ते ही एक-दूसरे के खून के प्यासे हो जाएं, तो इंसानियत खुद-ब-खुद शर्मसार हो जाती है। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद से एक ऐसी ही रोंगटे खड़े कर देने वाली और पारिवारिक रिश्तों को तार-तार कर देने वाली खौफनाक वारदात सामने आई है। यहां एक छोटे भाई ने अपने ही सगे बड़े भाई की बड़ी बेरहमी से ईंट से कूचकर हत्या कर दी। घटना का खुलासा होने पर जो वजहें सामने आईं, उन्होंने पुलिस के साथ-साथ आम जनता को भी सन्न कर दिया है। शराब का नशा, पैतृक संपत्ति का लालच और छोटे भाई की पत्नी के साथ बदसलूकी—इन तीन कारणों ने एक हंसते-खेलते परिवार को पूरी तरह तबाह कर दिया। चरथावल थाना पुलिस ने इस अंधी हत्या (Blind Murder) की गुत्थी को सुलझाते हुए आरोपी छोटे भाई को सलाखों के पीछे भेज दिया है।READ ALSO:-बिजनौर पुलिस का बड़ा एक्शन: 'आवारा पशुओं को पकड़कर कसाइयों को बेचते थे...', गौकशी के बड़े नेक्सस का पर्दाफाश, पिता-पुत्र गिरफ्तार
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29 अप्रैल 2026: जब बिरालसी रजवाहे में मिली थी लाश
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इस सनसनीखेज घटना की शुरुआत 29 अप्रैल 2026 को हुई थी। मुजफ्फरनगर के चरथावल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बिरालसी रजवाहे के पास एक अज्ञात युवक का खून से लथपथ शव पड़ा मिला था। शव की स्थिति देखकर यह स्पष्ट हो रहा था कि युवक की बड़ी बेरहमी से हत्या की गई है। सिर और चेहरे पर भारी वस्तु (ईंट/पत्थर) से वार किए जाने के गहरे निशान थे। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची।
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▪️बडे भाई की हत्या करने वाले अभियुक्त को थाना चरथावल पुलिस ने किया गिरफ्तार, कब्जे/निशांदेही से आलाकत्ल ईट का टुकड़ा व स्पलैण्डर मोटरसाइकिल बरामद। \r\n \r\n▪️हत्या का कारण- अभियुक्त ने बताया कि उसका बड़ा भाई आये दिन शराब के नशे में उसकी पत्नी को परेशान करता तथा पैतृक सम्पत्ति को बेचने का… pic.twitter.com/9J3sOkDXLA
\r\n— MUZAFFARNAGAR POLICE (@muzafarnagarpol) May 9, 2026
शुरुआती दौर में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती मृतक की शिनाख्त (पहचान) करने की थी, क्योंकि उसके पास से ऐसा कोई दस्तावेज या पहचान पत्र नहीं मिला था जिससे उसका नाम या पता मालूम हो सके।
पुलिस टीम ने जब शव का बारीकी से निरीक्षण किया, तो उन्हें मृतक के हाथ पर एक टैटू दिखाई दिया। मृतक के हाथ पर हिंदी में “दीपक” नाम गुदा हुआ था। पुलिस ने इसी टैटू को अपनी जांच का केंद्र बिंदु बनाया। आसपास के थानों, गांवों और सोशल मीडिया के माध्यम से 'दीपक' नाम के लापता युवकों की तलाश शुरू की गई।
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काफी सघन जांच-पड़ताल और अथक प्रयासों के बाद पुलिस को सफलता मिली। मृतक की पहचान दीपक (पुत्र रामपाल) के रूप में हुई, जो ग्राम रूकनपुर, थाना कोतवाली नगर, जनपद मुजफ्फरनगर का निवासी था। शिनाख्त होने के बाद पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचना दी। परिजनों की चीख-पुकार से पूरा गांव दहल उठा। इसके बाद परिजनों की दी गई लिखित तहरीर के आधार पर चरथावल थाने में अज्ञात कातिल के खिलाफ हत्या की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
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एसएसपी के निर्देश पर बिछाया गया तकनीकी जाल
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मामला चूंकि बेहद गंभीर और चुनौतीपूर्ण था, इसलिए मुजफ्फरनगर के एसएसपी (SSP) संजय कुमार वर्मा ने खुद इस मामले की मॉनिटरिंग शुरू की। उनके कुशल निर्देशन में और सीओ सदर (CO Sadar) डॉ. रवि शंकर के नेतृत्व में कई विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया।
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पुलिस ने सबसे पहले मैनुअल इंटेलिजेंस और तकनीकी साक्ष्यों (Technical Evidence) को इकट्ठा करना शुरू किया। घटनास्थल (बिरालसी रजवाहे) और उसके आसपास के रास्तों पर लगे दर्जनों सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज को खंगाला गया। पुलिस की यह मेहनत जल्द ही रंग लाई। सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग में मृतक दीपक अपने छोटे भाई सचिन के साथ एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर जाता हुआ दिखाई दिया। पुलिस ने जब उनके रूट को ट्रेस किया, तो पता चला कि दोनों भाई गांव पिन्ना और दधेडू से होते हुए बिरालसी की तरफ गए थे। इस अहम सुराग ने पूरी कहानी का रुख मोड़ दिया और शक की सुई सीधे छोटे भाई सचिन पर आ टिकी।
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सीसीटीवी फुटेज में सचिन की मौजूदगी की पुष्टि होने के बाद पुलिस उसकी तलाश में जुट गई। इसी बीच शनिवार को पुलिस को मुखबिर-ए-खास से एक पक्की सूचना मिली। मुखबिर ने बताया कि अपने बड़े भाई की हत्या का आरोपी सचिन इलाके से भागने की फिराक में है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी की और आरोपी सचिन को घिस्सूखेड़ा झाल पुल के पास से धर दबोचा। पुलिस की गिरफ्त में आते ही आरोपी के चेहरे पर खौफ साफ नजर आ रहा था।
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पूछताछ में रूह कंपा देने वाला खुलासा: आखिर क्यों बना भाई का कातिल?
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पुलिस कस्टडी में जब सचिन से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो वह ज्यादा देर तक झूठ नहीं बोल सका और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी सचिन ने जो कहानी बताई, वह समाज की एक कड़वी और घिनौनी सच्चाई को उजागर करती है।
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सचिन ने पुलिस को बताया कि उसका बड़ा भाई दीपक शराब पीने का बुरी तरह आदी था। वह अक्सर शराब के नशे में धुत रहता था और घर में क्लेश करता था। लेकिन बात सिर्फ शराब तक सीमित नहीं थी। सचिन ने आरोप लगाया कि उसका बड़ा भाई दीपक शराब के नशे में उसकी (सचिन की) पत्नी के साथ भी छेड़छाड़ करता था और उसे बुरी नीयत से परेशान करता था। इसके अलावा, दीपक आए दिन पैतृक संपत्ति को बेचने का दबाव बनाता था ताकि वह अपनी शराब की लत को पूरा कर सके।
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हत्या की खौफनाक साजिश और वारदात की रात
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आरोपी सचिन अपने बड़े भाई की इन हरकतों से मानसिक रूप से बेहद टूट चुका था और परेशान हो गया था। रोज-रोज के इस नर्क से छुटकारा पाने के लिए उसने अपने ही सगे भाई को रास्ते से हटाने का खौफनाक फैसला कर लिया।
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योजना के तहत, वारदात वाले दिन सचिन अपने बड़े भाई दीपक को स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर बिठाकर घुमाने के बहाने ले गया। रास्ते में उसने दीपक को छक कर शराब पिलाई। जब दीपक नशे में पूरी तरह से बेसुध हो गया और खुद को संभालने की स्थिति में नहीं रहा, तब सचिन उसे गांव पिन्ना और दधेडू के रास्ते बिरालसी रजवाहे के सुनसान इलाके में ले गया। वहां मौका पाकर सचिन ने एक भारी ईंट का टुकड़ा उठाया और अपने बड़े भाई के सिर और चेहरे पर तब तक ताबड़तोड़ वार किए, जब तक कि उसकी सांसें नहीं थम गईं। हत्या की इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद सचिन मौके से अपनी मोटरसाइकिल लेकर फरार हो गया।
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पुलिस की अहम बरामदगी और आगे की कानूनी कार्रवाई
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इस सनसनीखेज हत्याकांड का पर्दाफाश करने के बाद पुलिस ने आरोपी सचिन की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया खून से सना ईंट का टुकड़ा और वारदात के वक्त प्रयोग की गई स्प्लेंडर मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है। ये दोनों चीजें इस केस में अदालत के सामने अहम साक्ष्य (Evidence) के रूप में काम आएंगी।
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फिलहाल, मुजफ्फरनगर पुलिस ने आरोपी सचिन के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने से संबंधित गंभीर धाराओं में वैधानिक कानूनी कार्यवाही पूरी कर ली है। आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया गया है।
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यह घटना केवल एक अपराध नहीं है, बल्कि समाज के गिरते नैतिक मूल्यों और नशामुक्ति की आवश्यकता पर एक बड़ा सवालिया निशान भी है। शराब की लत और पारिवारिक विवाद किस तरह एक घर को श्मशान बना सकते हैं, मुजफ्फरनगर का यह हत्याकांड इसका एक जीता-जागता और खौफनाक उदाहरण है। स्थानीय पुलिस की त्वरित कार्यशैली ने हालांकि कातिल को 29 अप्रैल से लेकर अब तक कुछ ही दिनों के भीतर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है, लेकिन इस घटना ने पूरे इलाके के लोगों को झकझोर कर रख दिया है।
Sabse pehle comment karne wale banein.