मेरठ के तारापुरी में शनिवार शाम हुए विवाद के बाद पुलिस ने एक युवक और महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। मामला लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र का है। शिकायतकर्ता बाबुद्दीन ने पड़ोस में रहने वाली महिला के घर पर लोगों के आने-जाने को लेकर आपत्ति जताई थी। इसी दौरान एक युवक से कहासुनी हुई, जो बाद में मारपीट में बदल गई। हालांकि, पुलिस चौकी प्रभारी ने विवाद की वजह नाली को लेकर पुराना झगड़ा बताया है।
पड़ोसी ने महिला के खिलाफ दी शिकायत
तारापुरी निवासी बाबुद्दीन ने लिसाड़ी गेट पुलिस को दी गई तहरीर में अपनी पड़ोसी महिला पर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि महिला के घर पर अक्सर अलग-अलग लोग आते-जाते हैं। बाबुद्दीन के अनुसार, मोहल्ले के लोगों ने पहले भी इस पर आपत्ति जताई थी।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर महिला ने उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। उसने पुलिस से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल ये शिकायतकर्ता के आरोप हैं। उपलब्ध जानकारी में इनकी स्वतंत्र पुष्टि या किसी आधिकारिक जांच का निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
युवक से कहासुनी के बाद हुई मारपीट
बाबुद्दीन के मुताबिक, शनिवार शाम वह अपने घर पर बैठा था। इसी दौरान एक युवक महिला के घर के गेट पर पहुंचा और उसे नाम लेकर पुकारने लगा। बाबुद्दीन ने इसका विरोध किया तो युवक के साथ उसकी कहासुनी शुरू हो गई।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›आरोप है कि बातचीत बढ़ने के बाद दोनों के बीच मारपीट हुई। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों ने युवक को पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी। इसके बाद पुलिस को घटना की सूचना दी गई।
पुलिस ने महिला और युवक को हिरासत में लिया
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और युवक के साथ महिला को भी हिरासत में ले लिया। दोनों से पूछताछ की जा रही है। उपलब्ध विवरण में किसी गिरफ्तारी, अदालत में पेशी या मामले में अंतिम पुलिस निष्कर्ष की पुष्टि नहीं है।
चौकी प्रभारी ने बताया नाली का पुराना विवाद
पिलोखड़ी चौकी प्रभारी अभय यादव ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच नाली को लेकर पहले से विवाद चल रहा है। उन्होंने युवक पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया। साथ ही कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है।
इस मामले में शिकायतकर्ता के आरोप और पुलिस का पक्ष अलग-अलग हैं। अभी उपलब्ध जानकारी के आधार पर मकान में किसी गैरकानूनी गतिविधि की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही विवाद की वास्तविक वजह और आगे की कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी।
Sabse pehle comment karne wale banein.