लखनऊ में विद्यार्थियों को खगोल विज्ञान और अंतरिक्ष की दुनिया से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित बेसिक एस्ट्रोफोटोग्राफी वर्कशॉप का समापन हो गया। इंदिरा गांधी नक्षत्रशाला, लखनऊ की ओर से बप्पा श्री नारायण वोकेशनल पीजी कॉलेज (केकेवी) में यह कार्यशाला 25 सितंबर से 3 अक्टूबर 2026 तक आयोजित की गई। इसमें 23 विद्यार्थियों ने भाग लिया और खगोलीय पिंडों की तस्वीरें लेने की बुनियादी तकनीक सीखी।
Lucknow Astro Photography Workshop के दौरान प्रतिभागियों को एस्ट्रोफोटोग्राफी के लिए जरूरी उपकरणों, कैमरा तकनीक और आकाश में खगोलीय पिंडों के चयन की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को फोटोग्राफी की प्रक्रिया के साथ खींची गई खगोलीय तस्वीरों को बेहतर बनाने के तरीकों से भी परिचित कराया गया।

कैमरा तकनीक और खगोलीय तस्वीरों का प्रशिक्षण
कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को एस्ट्रोफोटोग्राफी की बुनियादी समझ देना था। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें बताया गया कि खगोलीय पिंडों की तस्वीरें लेने के लिए उपकरणों का चयन, कैमरे का सही इस्तेमाल और आकाशीय वस्तुओं की पहचान किस तरह महत्वपूर्ण होती है।

एस्ट्रोफोटोग्राफी में विज्ञान और फोटोग्राफी दोनों का मेल होता है। इसके जरिए चंद्रमा, ग्रहों, तारों और अन्य खगोलीय पिंडों की तस्वीरें लेने का प्रयास किया जाता है। कार्यशाला में विद्यार्थियों को इस क्षेत्र की शुरुआती तकनीकों और व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराया गया।
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पांच प्रशिक्षकों ने संभाली जिम्मेदारी
कार्यशाला का संचालन और प्रशिक्षण सौरभ कुमार, उत्कर्ष मिश्रा, हुजैफा शकील, अनुराग अवस्थी और दीपशिखा ने किया। उत्कर्ष मिश्रा और हुजैफा शकील एस्ट्रोफोटोग्राफर हैं। कॉलेज की ओर से डॉ. शिवानी ने आयोजन और समन्वय की जिम्मेदारी संभाली।
कार्यशाला के समापन पर विद्यार्थियों ने एस्ट्रोफोटोग्राफी को विज्ञान, तकनीक और रचनात्मकता से जुड़ा क्षेत्र बताया। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, प्रतिभागियों ने भविष्य में खगोल विज्ञान और एस्ट्रोफोटोग्राफी के क्षेत्र में आगे बढ़ने में रुचि व्यक्त की।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने पर जोर
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, उत्तर प्रदेश के निदेशक रमेश चंद्र ने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं विद्यार्थियों में खगोल विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने में मदद कर सकती हैं। उनके अनुसार, प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदेश के विद्यार्थियों में नई प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और भविष्य के एस्ट्रोफोटोग्राफरों को तैयार करने में उपयोगी साबित हो सकते हैं।
उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों और युवाओं की खगोल विज्ञान में रुचि बढ़ाने के लिए परिषद ऐसे कार्यक्रमों को विभिन्न शिक्षण संस्थानों तक पहुंचा रही है।
केकेसी कॉलेज में होगी अगली कार्यशाला
इंदिरा गांधी नक्षत्रशाला की अगली बेसिक एस्ट्रोफोटोग्राफी वर्कशॉप श्री जयनारायण पीजी कॉलेज (केकेसी), लखनऊ में आयोजित की जाएगी। हालांकि, प्रेस विज्ञप्ति में अगली कार्यशाला की तारीख नहीं बताई गई है।
इस पहल के जरिए विद्यार्थियों को खगोल विज्ञान की बुनियादी जानकारी के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यशाला में शामिल विद्यार्थियों के लिए यह अनुभव विज्ञान और रचनात्मक फोटोग्राफी के नए अवसरों को समझने का माध्यम बना।
Sabse pehle comment karne wale banein.