लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में मुख्य आरोपी बताई जा रही मॉडल और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर श्रद्धा दुबे को पुलिस ने नागपुर से गिरफ्तार कर लिया है। उसके साथ उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश को भी पकड़ा गया है। पुलिस के मुताबिक, तीनों पिछले 11 दिनों से फरार थे। गिरफ्तारी के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस और एसटीएफ की टीमें तलाश में जुटी थीं।

9 अक्टूबर को चौथी मंजिल से गिरकर हुई थी शिवा की मौत

यह मामला लखनऊ के हजरतगंज इलाके में स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट का है। 9 अक्टूबर को 28 वर्षीय कारोबारी शिवा शर्मा की अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी। शिवा रेस्टोरेंट और कैफे कारोबार से जुड़े थे। घटना के बाद उनकी मां रंजना शर्मा ने श्रद्धा दुबे और अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और श्रद्धा समेत अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी।

परिवार की शिकायत के आधार पर मामले को हत्या के आरोपों के तहत जांच में लिया गया। हालांकि, शिवा की मौत से जुड़े सभी घटनाक्रम और आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

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11 दिन तक बदलती रही लोकेशन, नागपुर में मिली गिरफ्तारी

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने श्रद्धा और उसके साथियों की तलाश में उत्तर प्रदेश के बाहर भी जांच की। शुरुआती पड़ताल में नेपाल सीमा की ओर जाने की आशंका सामने आई थी। जांच के दौरान आगरा में उनके रुकने की जानकारी भी रिपोर्ट की गई। इसके बाद पुलिस की संयुक्त टीम ने नागपुर में तीनों को गिरफ्तार किया।

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श्रद्धा पर गिरफ्तारी के लिए 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किए जाने की खबर भी सामने आई थी। गिरफ्तारी की पुष्टि पुलिस अधिकारियों ने की है। अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि घटना के बाद वे कहां-कहां गए और फरार रहने के दौरान किन लोगों के संपर्क में थे।

श्रद्धा दुबे ने वीडियो जारी कर क्या कहा था?

गिरफ्तारी से पहले श्रद्धा दुबे ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा था। उसने शिवा शर्मा की मौत को आत्महत्या बताया और हत्या के आरोपों से इनकार किया। श्रद्धा ने खुद को निर्दोष बताते हुए मामले की जांच में सीसीटीवी फुटेज की भूमिका पर जोर दिया था। उसने शिवा पर कर्ज होने का दावा भी किया था। ये उसके अपने दावे हैं, जिनकी पुष्टि स्वतंत्र रूप से नहीं हुई है।

इस मामले में मृतक के परिवार के आरोप और श्रद्धा का पक्ष एक-दूसरे से अलग हैं। पुलिस को अब घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल रिकॉर्ड और आरोपियों के बयानों के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़नी होंगी।

मामले की जांच में पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई

श्रद्धा की तलाश के दौरान मामले की जांच और पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठे थे। मीडिया रिपोर्टों में बताया गया कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी में देरी के बीच हजरतगंज थाने के प्रभारी और लखनऊ के मध्य क्षेत्र के डीसीपी समेत कुछ अधिकारियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की गई।

अब तीनों की गिरफ्तारी के बाद जांच का अगला चरण अहम होगा। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि शिवा शर्मा की मौत किन परिस्थितियों में हुई, घटना के समय वहां कौन-कौन मौजूद था और क्या किसी ने सबूत छिपाने या जांच से बचने की कोशिश की।

अब आगे क्या होगा?

नागपुर से गिरफ्तार श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश से पूछताछ की जाएगी। पुलिस की जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी। गिरफ्तारी का अर्थ दोष सिद्ध होना नहीं है; आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों का फैसला अदालत में साक्ष्यों के आधार पर होगा।

फिलहाल इस मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि शिवा शर्मा की मौत हादसा, आत्महत्या या हत्या थी। इसका जवाब जांच में सामने आने वाले साक्ष्य और अदालत की कार्यवाही से स्पष्ट होगा।

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