बिजनौर के धामपुर-नूरपुर मार्ग पर गांव ढेली के पास गांगन नदी का पानी सड़क और आसपास के खेतों में भरने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। बारिश के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने पर पानी सड़क के ऊपर से बहने लगता है। इससे सड़क पर गड्ढे बनने और आवागमन में दिक्कत होने की समस्या सामने आती है।
स्थानीय स्तर पर बताई गई जानकारी के अनुसार, खेतों में पानी भरने से किसानों की सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न हैं। इससे फसलों को नुकसान होने की आशंका है। हालांकि, नुकसान का वास्तविक आंकड़ा और प्रभावित फसलों का आधिकारिक आकलन उपलब्ध नहीं है।
हर साल जलभराव से सड़क की हालत खराब
धामपुर-नूरपुर मार्ग पर ढेली गांव के पास बारिश के दौरान गांगन नदी का पानी आसपास के इलाकों में फैल जाता है। खेतों में जलभराव के साथ सड़क पर भी पानी जमा होने और बहने की समस्या होती है।
@Shakeel57767846 बिजनौर में धामपुर-नूरपुर मार्ग पर गांव ढेली के पास गांगन नदी का पानी बहने से आवागमन प्रभावित हो रहा है। खेतों में पानी भरने से किसानों की सैकड़ों बीघा फसलें प्रभावित होने की आशंका है। ग्रामीणों ने जलभराव और सड़क की बदहाली से स्थायी राहत दिलाने की मांग की है। pic.twitter.com/wxHcqYcs4f
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लगातार पानी के बहाव और वाहनों की आवाजाही के कारण सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बनने की बात सामने आई है। इससे इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है।
बाइक और ई-रिक्शा चालकों को परेशानी
सड़क की खराब स्थिति के कारण बाइक सवारों और ई-रिक्शा चालकों के लिए रास्ते से गुजरना मुश्किल हो जाता है। पानी और गड्ढों के बीच वाहन निकालने में अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ती है।
इस समस्या का असर केवल आवागमन तक सीमित नहीं है। खेतों में पानी भरने से किसानों की फसलों पर भी खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, बारिश के मौसम में बार-बार ऐसी स्थिति बनने से क्षेत्र के लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
ग्रामीणों ने स्थायी समाधान की मांग उठाई
क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों की मांग है कि धामपुर-नूरपुर मार्ग पर जलभराव की समस्या दूर करने के लिए स्थायी व्यवस्था की जाए। इससे सड़क की खराब हालत और खेतों में पानी भरने से होने वाले नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है।
इस खबर के लिए उपलब्ध वीडियो सामग्री में किसान, ग्रामीण, ई-रिक्शा चालक लोकेंद्र सिंह और भानु प्रताप सिंह के बाइट निर्धारित हैं। उनके बयान का वास्तविक पाठ उपलब्ध नहीं होने के कारण यहां किसी का सीधा बयान या अतिरिक्त दावा शामिल नहीं किया गया है।
फिलहाल, जलभराव से प्रभावित किसानों की फसल का कितना नुकसान हुआ है और सड़क की मरम्मत या जलनिकासी के लिए संबंधित विभाग ने क्या कदम उठाए हैं, इसकी पुष्टि के लिए आधिकारिक जानकारी आवश्यक है।
डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध कराई गई रिपोर्टिंग सामग्री पर आधारित है। फसल नुकसान का आधिकारिक आंकड़ा, जलस्तर का माप और संबंधित विभाग की प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं कराई गई है। इनकी स्वतंत्र पुष्टि के बिना कोई निश्चित दावा नहीं किया गया है।
Sabse pehle comment karne wale banein.